सपन्याह 1:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब उनकी धन सम्पत्ति लूटी जाएगी, और उनके घर उजाड़ होंगे; वे घर तो बनाएँगे, परन्तु उनमें रहने न पाएँगे; और वे दाख की बारियाँ लगाएँगे, परन्तु उनसे दाखमधु न पीने पाएँगे।”

पिछला पद
« सपन्याह 1:12
अगला पद
सपन्याह 1:14 »

सपन्याह 1:13 पद-दर-पद बाइबल टीका

सपन्याह 1:13 का संदर्भ और_context

इस पदकथन में यहोवाह का न्याय स्पष्ट रूप से दो भागों में प्रकट होता है: पहली ओर आपदा और लूट-हानी का ताज्जुब, और दूसरी ओर निर्बलता और अवसाद का परिणाम। यह संदेश स्पस्ट करता है कि यह् आशीर्वादों के स्थान पर उन लोगों के लिए है जो उन पर भरोसा रखते हैं, लेकिन उनके भीतर बहते अविश्वास और पाप के कारण उद्धार और सुरक्षा का स्रोत कमजोर पड़ता है। सपन्याह के समय इस क्षेत्र में इक्कीसवीं सदी जैसी सामाजिक और धार्मिक जड़हट पाई जाती है: भ्रष्टाचार, अविश्वास, और एकरूपता का अभाव। यह verse भविष्यसूचक है—यहोवा के दिन आते हैं जब धन, घर और दाख की बारियाँ दिखावटी सुरक्षा बनकर भी अस्थिर हो जाती हैं।

केंद्रीय मतलब

यह शपथ-फलक स्पष्ट करता है कि सत्ता-सम्पदा, घर और कृषि-सम्पदा भी तब तक टिक नहीं पाती जब तक लोगों के हृदय में भय और भक्ति-सच्चाई नहीं होती। दुष्कर्म और अविश्वास के कारण वे सबकुछ खो जाते हैं, भले ही वे इन्हें कितनी मेहनत से बनाते हों। द्रव्य-संरक्षण से बढ़कर ईश्वर के प्रति नि:स्वार्थ भक्ति है।

मुख्य विषय

  • सामाजिक-विनाश: धन-सम्पत्ति की लूट और घर उजाड़ होना, बाहरी सुरक्षा के बजाय आंतरिक चेतना की कमी का परिणाम।
  • व्यवहारिक व्याकुलता: दाख की बारियाँ लगाना परन्तु दाखमधु न पीना जैसी निरर्थकता—आंतरिक संतोष से दूर भूख दिखाती है।
  • नियति की चेतावनी: यह सब एक निर्णायक दिन की अग्रिम ध्वनि है जब यह सब कुछ उद्धार के दिन पर असर डालेगा।

संबंधित पद और उनके अर्थ

1) वही संकेत जो मसीही जीवन के लिए चेतावनी देते हैं कि अस्थिर धन और सांसारिक वस्तुओं पर अत्यधिक निर्भरता खतरनाक हो सकती है।

2) यह भी संकेत देता है कि वास्तविक सुरक्षा केवल परमेश्वर के साथ है, न कि बिनाभरोसे के भौतिक संसाधनों में।

3) दिशत दायित्व के रूप में यह कथा भविष्यकालीन दंड की ओर संकेत करती है—बुरी नीतियाँ और अनाचार एक दिन स्पष्ट हो जाते हैं।

अन्य पवित्र-कथन से संबंध (Cross-references)

  • यशायाह 24:1-6 — पृथ्वी पर नाश और उद्धार के दिन के संकेत, धन-दौलत और घरों की अस्थिरता का वर्णन। यह संदर्भ दिखाता है कि परमेश्वर के न्याय के दिन संसार के सामाजिक ढांचे कैसे विवेक-तोड़ हो जाते हैं।
  • यहशैया 5:8 — भू-मालिका और अति-धन के कारण उत्पन्न सामाजिक अन्याय का उल्लेख; धन के प्रति भूख और गरिमा का क्षय।
  • मत्ती 6:19-21 — आकाशीय और दुष्ट धन के बीच चयन; वास्तविक सुरक्षा स्वर्गीय धनों में है, न कि पृथ्वी के धन में।

व्यावहारिक विचार

आज के संदर्भ में यह verse हमें याद दिलाता है कि हमारे जीवन की अस्थिर सुरक्षा कहाँ है। क्या हम धन, घर, या आराम को सर्वोच्च मूल्य मानते हैं, या परमेश्वर की वचन-विश्वासिता को प्राथमिक मानते हैं? पाप के कारण आने वाले संकटों में भी, भक्ति और समुदाय के साथ रहने से आंतरिक शांति मिलती है। संसारिक लाभ सब कुछ नहीं होते; परमेश्वर के साथ सही रिश्ते ही स्थायी सुरक्षा देते हैं।

संक्षिप्त समापन

सपन्याह 1:13 आगे यह स्पष्ट करता है कि क्योंकि लोग परमेश्वर के नमित और न्यायपूर्ण मार्ग से विचलित हुए, इसलिए उनका धन-घर-परिसर टूट-फूट कर उजड़ जाते हैं। यह एक चेतावनी है कि वास्तविक सुरक्षा केवल परमेश्वर में है, और यह दिन आता है जब हर वस्तु अपनी वास्तविक मूल्य-स्थिति में आ जाती है।

ध्यान दें: इस पंक्ति पर कुछ पवित्र-वचन-टिपणियाँ नीचे उद्धृत उद्धरणों के भीतर संक्षेप में समाहित की गई हैं, और अनुकूल संदर्भों से लिए गए विचारों को एक साथ समेकित किया गया है।

उद्धरण नोट: Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke से असली छोटे उद्धरण मौजूद हो सकते हैं, जो नीचे पाठ के भीतर आवश्यक स्थानों पर संकेतित हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

सपन्याह 1:13 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

आमोस 5:11 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
आमोस 5:11 (HINIRV) »
तुम जो कंगालों को लताड़ा करते, और भेंट कहकर उनसे अन्न हर लेते हो, इसलिए जो घर तुम ने गढ़े हुए पत्थरों के बनाए हैं, उनमें रहने न पाओगे; और जो मनभावनी दाख की बारियाँ तुम ने लगाई हैं, उनका दाखमधु न पीने पाओगे।

मीका 6:15 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
मीका 6:15 (HINIRV) »
तू बोएगा, परन्तु लवनें न पाएगा; तू जैतून का तेल निकालेगा, परन्तु लगाने न पाएगा; और दाख रौंदेगा, परन्तु दाखमधु पीने न पाएगा। (यूह. 4:37, आमोस. 5:11, व्य. 28:38-40)

व्यवस्थाविवरण 28:30 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
व्यवस्थाविवरण 28:30 (HINIRV) »
तू स्त्री से ब्याह की बात लगाएगा, परन्तु दूसरा पुरुष उसको भ्रष्ट करेगा; घर तू बनाएगा, परन्तु उसमें बसने न पाएगा; दाख की बारी तू लगाएगा, परन्तु उसके फल खाने न पाएगा।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें