Old Testament
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हबक्कूक 2:12 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
हाय उस पर जो हत्या करके नगर को बनाता, और कुटिलता करके शहर को दृढ़ करता है।
हबक्कूक 2:12 पद-दर-पद बाइबल टीका
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हबक्कूक 2:12 समानांतर पद और संबंधित वचन
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नहूम 3:1 (HINIRV) »
हाय उस हत्यारी नगरी पर, वह तो छल और लूट के धन से भरी हुई है; लूट कम नहीं होती है।

प्रकाशितवाक्य 17:6 (HINIRV) »
और मैंने उस स्त्री को पवित्र लोगों के लहू और यीशु के गवाहों के लहू पीने से मतवाली देखा; और उसे देखकर मैं चकित हो गया।

हबुक्कूक 2:12 का संदर्भ और उसका अर्थ
यह पवित्र वाक्य स्तोत्रीय-न्याय के विषय को उजागर करता है: जो नगर को बनाने के लिए हत्या और अनीति का मार्ग अपनाता है, उसका अंत शमन ही रहता है। यह रोशनी उस समय के अस्थिर समाज के लिए Εκ νέου सचेत करती है कि शक्ति के लिए हिंसा और दुष्कर्म एक दिन उसकी खुद की संरचना को खोखला कर देते हैं। यह उल्टी ताकत की चेतावनी है: जो लोग अपने लाभ के लिए संगठित हिंसा करें, वे न परिणाम से बच पाते हैं न दायित्व से मुक्त रहते हैं।
केंद्रीय भावार्थ
इस आयत में परमेश्वर के न्यायपूर्ण शासन की स्पष्ट भाषा है: असत्य, हत्या और शिर्ष-निर्माण के लिए हिंसा का सहारा लेने वाले अपने रचे-स्थापनों में ही पतन का कारण बनते हैं। ईश्वर का उद्देश्य समाज में सत्य-अन्याय के बीच संतुलन बनाए रखना है; जब लोग सत्ता के लिए अन्याय का सहारा लेते हैं, वे अपने ही समाज को खतरे में डालते हैं।
मुख्य विषय
सुसंगत पाठ और संदर्भ
शासन-निर्माण में एक समान चेतावनी अन्य पवित्र ग्रंथों में भी मिलती है: जो अत्याचार से बना राज्य है, वह दायित्वहीन और अन्ततः पराभव का भागी बनता है। साथ ही मोक्ष-न्याय के लिए पथदर्शक उदाहरण, जैसे पट्ट-नगरों में सत्य और साम्य के मार्ग पर चलना, एक प्रेरणा देता है।
व्यावहारिक विचार
आज के समाज में शासन और विकास जब भी हिंसा, भ्रष्टाचार या अन्याय के द्वारा संभव होता दिखे, लोग अपने-अपने स्थानों से सत्य, निष्पक्षता और दयालु प्रशासन के लिए आवाज उठाते रहें। न्याय और समानता के आधार पर बने समाज की स्थिरता इसी पर टिके रहती है।
क्रॉस-रेफरेंस और उनके संक्षिप्त अर्थ
यही चेतावनी अन्य ग्रंथों में भी मिलती है कि अस्थिर और अधर्मपूर्ण नगर अंततः विनाश के लिए तैयार रहते हैं (उद्धृत उद्धरण नहीं दिए गए हैं), और सत्य की संस्थाओं के लिए ईश्वर की जय-जयकार बनी रहती है।
संक्षिप्त समापन
हबुक्कूक 2:12 एक स्पष्ट चेतावनी है कि हिंसा से बने नगर टिक नहीं सकते; न्याय के स्थान पर अन्याय बैठाने वाला अंततः परास्त होता है। यह आधुनिक समाज के लिए भी एक नैतिक मार्गदर्शक है: शक्ति के स्थान पर सत्य, प्रेम और निष्पक्षता के निर्माण को प्राथमिकता दें।