Old Testament
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हबक्कूक 3:15 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तू अपने घोड़ों पर सवार होकर समुद्र से हाँ, जल-प्रलय से पार हो गया।
हबक्कूक 3:15 पद-दर-पद बाइबल टीका
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हबक्कूक 3:15 समानांतर पद और संबंधित वचन
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भजन संहिता 77:19 (HINIRV) »
तेरा मार्ग समुद्र में है, और तेरा रास्ता गहरे जल में हुआ; और तेरे पाँवों के चिन्ह मालूम नहीं होते।

हबक्कूक 3:8 (HINIRV) »
हे यहोवा, क्या तू नदियों पर रिसियाया था? क्या तेरा क्रोध नदियों पर भड़का था, अथवा क्या तेरी जलजलाहट समुद्र पर भड़की थी, जब तू अपने घोड़ों पर और उद्धार करनेवाले विजयी रथों पर चढ़कर आ रहा था?

निर्गमन 15:8 (HINIRV) »
तेरे नथनों की साँस से जल एकत्र हो गया, धाराएँ ढेर के समान थम गईं; समुद्र के मध्य में गहरा जल जम गया।
हबक्कूक 3:15 के पथ से ईश्वर की महिमा और भरोसा
संकेतित परिदृश्य का परिचय
पद दोहराता है इब्राहीम-युग के बजाय भविष्य के दृष्यों में एक दिव्य दृष्टांत—चलचित्र जहाँ परमेश्वर अपने निश्चय और शक्ति से संसार के विरोधियों को परास्त कर देते हैं। इस पाठ में शत्रुता, समुद्री प्रलय और घोड़ों की रफ्तार सांकेतिक हैं—कथा यह दिखाती है कि परमेश्वर का विजय-रथ किस प्रकार प्रत्येक विरोध को पीछे छोड़ देता है और विश्वासियों के लिए उद्धार का मार्ग बनाता है।
ईश्वर पर विश्वास और पाठ से मिलती शिक्षा
वचन बताता है कि प्रभु अपने निर्भय आशीष-यज्ञ के साथ प्रत्यक्ष क्रिया करते हैं—पहचान यह कि परमेश्वर की क्रिया इतिहास के हर मोड़ पर है: वह संकटों को पार कराते हैं, विवेक से काम लेते हैं, और शत्रुता को क्रमशः परास्त करते हैं। यह दृष्टान्त विश्वास में दृढ़ता बनाये रखने की प्रेरणा देता है कि परमेश्वर की सत्ता अनंत है और उसकी योजना पूरी होगी।
शब्दों और चित्रों की स्पष्टता
अन्य धार्मिक पाठों से सम्बन्ध
यह दृश्य तुलसी-प्रेरित उद्धार की स्मृति कराता है—यहोवा ने मिस्र की साक्षात आपदा में इस्राइलियों को पार लगाया; अद्भुत मृदा-परिवर्तन और समुद्र-तट पर विजय दिखी। साथ ही यह याद दिलाता है कि प्रकृति के कानून ईश्वर के आदेश के अधीन हैं और उसकी शक्ति समय की सीमा नहीं मानती।
संदर्भ-उद्धरण जो समान विचार प्रस्तुत करते हैं: यहूदा के इतिहास-घटनों में उद्धार के समय, और अलग-अलग ग्रंथों में गवाही देता है कि भगवान अपने लोगों को उनके भय को दूर कराते हैं और निर्भय बनाते हैं।
महत्त्वपूर्ण शब्दार्थी स्पष्टीकरण
यहाँ समुद्र और घोड़े एक प्रतीकात्मक फ्रेम बनाते हैं—उद्धार की क्रिया, संघर्ष के परे विजय और परमेश्वर की महिमा। पाठ का संदेश यह है कि ईश्वर के आदेश के सामने प्रतिरोधी ताकतें निर्बल हो जाती हैं, और विश्वासियों के लिए शांत-उद्धार की राह खुलती है।
आज के लिए अनुप्रयोग
जीवन-यात्रा में हम भी अक्सर अस्थिर समुद्र, कठिऩ परिस्थितियाँ और घात-प्रतिस्पर्धा का सामना करते हैं। इस पद से सीख यह है कि भयभीत न हों; भगवान की सत्ता, मार्गदर्शन और कृपा हमारे साथ हैं। जब संघर्ष फल दे रहा हो तो भी उसकी क्रिया सम्मानित और मूल्यवान है। विश्वास रखें कि वह घोड़ों पर सवार होकर हमारी दिशा तय करता है—प्रयास करें, प्रार्थना करें, और अपने विश्वास को निर्णायक बनाएं।
पड़ोसी संदर्भ
1) निर्भयता और उद्धार के वचनों के साथ: अन्य जगह उद्धार के दृश्यों में परमेश्वर का कार्य स्पष्ट है, खासकर समुद्र-विद्रूपण और जल-प्रलय के संदर्भों में।
2) प्रभु की शक्ति के संकेत: कठिन-स्थिति में भी ईश्वर की सत्ता से पराभव नहीं होता, यह संदेश अन्यत्र भी प्रतिपादित है।
3) विश्वास के आर्थिक-उद्धार: कठिन समय में भी परमेश्वर के मार्ग से काम लेकर आंतरिक और बाहरी उद्धार संभव है।
महत्वपूर्ण उद्धरण (संदर्भित टिप्पणीकारों के यदि उपलब्ध हों)
कृपया ध्यान दें: नीचे उद्धरण केवल यदि उपलब्ध हों, तो उन्हीं शब्दों को संक्षेप में उद्धृत किया गया है—
Matthew Henry: "..."
Albert Barnes: "..."
Adam Clarke: "..."
निष्कर्षतः, हबक्कूक 3:15 हमारे लिए एक उद्घोषणा है—परमेश्वर की शक्ति और विश्वास के साथ चलना है, ताकि भीषण खतरे के बीच भी आशा की किरण जलती रहे।