Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीहबक्कूक 3:3 बाइबल पद की व्याख्या
हबक्कूक 3:3 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
परमेश्वर तेमान से आया, पवित्र परमेश्वर पारान पर्वत से आ रहा है। (सेला) उसका तेज आकाश पर छाया हुआ है, और पृथ्वी उसकी स्तुति से परिपूर्ण हो गई है।
हबक्कूक 3:3 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
हबक्कूक 3:3 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

व्यवस्थाविवरण 33:2 (HINIRV) »
उसने कहा, “यहोवा सीनै से आया, और सेईर से उनके लिये उदय हुआ; उसने पारान पर्वत पर से अपना तेज दिखाया, और लाखों पवित्रों के मध्य में से आया, उसके दाहिने हाथ से उनके लिये ज्वालामय विधियाँ निकलीं। (यूह. 1:4)

भजन संहिता 4:4 (HINIRV) »
काँपते रहो और पाप मत करो; अपने-अपने बिछौने पर मन ही मन में ध्यान करो और चुपचाप रहो। (सेला) (इफि. 4:26)

हब्रू: हाबक्कूक 3:3 का हिंदी पाठ-व्याख्या (HINIRV)
पहचान और संदर्भ: हाबक्कूक के इस अध्याय में भविष्यवक्ता एक बड़ी अभिव्यक्ति में परमेश्वर के दर्शन और उसकी कार्यशक्ति का बखान करते हैं।Verse 3 में परमेश्वर की प्रकटता पहाड़ों से, पवित्र पर्वत से होने की बात स्पष्ट की गई है, जो उसकी महानता, पवित्रता और शक्ति को दर्शाती है। यह पाठ तब आता है जब हाबक्कूक स्पष्ट करता है कि परमेश्वर के समय और मार्ग भी मनुष्य की समझ से परे हो सकते हैं; फिर भी उसकी सिद्ध मंशा और उद्धार-कार्य की गाथा प्रकटन में हैं।
मुख्य अर्थ
यह पद परमेश्वर के प्रकट होने की महिमा का एक प्रभावशाली चित्र है—तीव्र तेज, पवित्र पर्वतों का भय, और पृथ्वी की प्रतिष्ठा के साथ उसकी स्तुति। यह बताता है कि ईश्वर की उपस्थिति सीमा-रहित है और उसकी महिमा प्रकृति के वास्तविक ढाँचे को भी प्रभावित करती है। साथ ही यह दर्शाता है कि परमेश्वर अपने लोगों के लिए उद्धारकार और न्यायकारी राजा के रूप में प्रकट होते हैं, जब समय पूरा होता है।
महत्वपूर्ण विषय
सैली के आत्मसात करने योग्य विचार
1) परमेश्वर जब प्रकट होते हैं, तब उनके तेज से अंधेरे भी प्रकाशित हो जाते हैं—हमारी धारणा सीमाओं में न घूमकर, उनकी सच्ची महिमा के अनुरूप सेवा करें।
2) पर्वत और पृथ्वी की भाषा से यह संकेत मिलता है कि प्रकृति भी उस परमेश्वर के सामने नम्र होती है—हम भी अपनी सीमाओं से ऊपर उठकर प्रभु की स्तुति में भाग लें।
सम्बद्ध उद्धरण और अंतर्दृष्टि
जॉन के अनुभवों में परमेश्वर की महिमा मानव-सीमा से परे बताई गई है; ऐतिहासिक कमेंटरी से यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर का प्रकट होना इतिहास में निर्णायक मोड़ देता है—न्याय और उद्धार दोनों के लिए।
संदर्भ-नोट: यह पद परामर्श देता है कि परमेश्वर की योजनाओं को समझना हर किसी के लिए आसान नहीं होता; फिर भी उसकी पवित्र प्रेरणा हमारे विश्वास की राह को निर्देशित करती है।
क्रॉस-रेफरेंसेज (संक्षेप)
1) souverainता के दृश्य के लिए यिर्मयाह 10:12-13 के साथ तुलना—परमेश्वर की सामर्थ्य और अधिकारी भाव।
2) नींव बनाम उद्धारक के रूप में रोम 1:16—धर्म की भव्यता और उद्धार की योजना का संयोजन।
3) लोगों के लिए परमेश्वर की उपस्थिति के बारे में योहन 1:14—व्यावहारिक रूप से पवित्र प्रकटना मानव-जाति के बीच रोशनी बनकर आती है।
संक्षिप्त निष्कर्ष
हाबक्कूक 3:3 एक उद्घोषना है: परमेश्वर का पवित्र तेज और पर्वतीय-आकार की प्रकटता उसकी महिमा, न्याय, और उद्धार की रेखाओं को स्पष्ट करती है। यह पाठ विश्वासियों को प्रेरित करता है कि वे कठिन समय में भी प्रभु की महिमा पर भरोसा बनाए रखें और उसकी स्तुति से हृदय को समर्पित करें।
इस पंक्ति के मूल भाव के साथ, हमारी जीवन-यात्रा में परमेश्वर की महान यहुदाय और उद्धार-योजना पर स्थिर विश्वास रखना चाहिए—यही वास्तविक व्यावहारिक परिणाम है।