Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीहबक्कूक 3:19 बाइबल पद की व्याख्या
हबक्कूक 3:19 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
यहोवा परमेश्वर मेरा बलमूल है, वह मेरे पाँव हिरनों के समान बना देता है, वह मुझ को मेरे ऊँचे स्थानों पर चलाता है।
हबक्कूक 3:19 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
हबक्कूक 3:19 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

2 शमूएल 22:34 (HINIRV) »
वह मेरे पैरों को हिरनी के समान बना देता है, और मुझे ऊँचे स्थानों पर खड़ा करता है।

भजन संहिता 18:33 (HINIRV) »
वही मेरे पैरों को हिरनी के पैरों के समान बनाता है, और मुझे ऊँचे स्थानों पर खड़ा करता है।

व्यवस्थाविवरण 32:13 (HINIRV) »
उसने उसको पृथ्वी के ऊँचे-ऊँचे स्थानों पर सवार कराया, और उसको खेतों की उपज खिलाई; उसने उसे चट्टान में से मधु और चकमक की चट्टान में से तेल चुसाया।
Meaning in a Nutshell
यहोवा परमेश्वर का साहस और सहायता विश्वासित बदी के लिए अपनी निर्बंधित कृपा से मिलता है; वह पीड़ा के समय में भी मेरे पगों को मजबूती देता है ताकि मैं ऊँचे स्थानों पर चल सकूँ।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
हबक्कूक के अपास्तु में यह शब्द एक विश्वासयोग्य कवि-नबी की प्रार्थना है जिसमें वह परमेश्वर के न्याय और उद्धार की अपेक्षा करता है। अध्याय 3 में नबी की दृष्टि एक दिव्य द्रष्टव्य के साथ समापन करती है जिसमें परमेश्वर की पवित्रता, शक्ति और राज्य की रक्षा स्पष्ट होती है। यह वचन शरण और भरोसे को दर्शाता है, खासकर उस समय जब राजनीति, दमन और अस्थिरता फैली हो।
व्याख्यात्मक अवलोकन
1) बलमूलता का अर्थ: यहोवा से प्राप्त आत्मविश्वास है जो भीतर से जागृत होता है; बाहरी परिस्थितियाँ चाहे कैसी भी हों, ईश्वर मेरा आधार बना रहता है।
2) पाँव हिरनों के समान: यह स्थिरता, चपलता से मुक्त गति और डर-रहित आगे बढ़ने की क्षमता को सन्दर्भित करती है—हिरन तेज़, चपल और संतुलित दौड़ सकता है।
3) ऊँचे स्थानों पर चलना: कठिनाइयों के ऊपर उठना, संकटों के बीच भी दायित्व को निभाते रहना—विश्वास के रास्ते पर स्थिर रहना।
अनुसंधानयोग्य विचार
संदर्भ-क्रॉस रेफरेंसेस
1) यशायाह 40:31 जैसे स्मरण जो बताते हैं कि जो प्रभु की ओर उम्मीद लगाते हैं, उन्हें नई शक्ति मिलती है और वे उड़ान भरते हैं; यह विषय इस भविष्यवाणी-नबी के उत्साह के अनुरूप है।
2) मरकुस 10:27: प्रभु के साथ संभव है जो मनुष्य के लिए असम्भव है, वह परमेश्वर के लिए संभव है; यह कल्पना इस वचन के भरोसे को पुष्ट करती है।
3) इब्रानियों 12:2: विश्वास का पथ प्रभु यीशु पर केंद्रित है; कठिनाई के बीच भी आगे बढ़ना उसी की ताकत से संभव होता है।
हो सकता है 3-चरणीय सुसंगत निष्कर्ष
व्यावहारिक takeaway
जब जीवन में अंधकार और दबाव हो, तब भी आप अपनी आंतरिक ऊर्जा और स्थिरता को Θεो की कृपा से प्राप्त कर सकते हैं; यहोवा ही आपका बल है और वह आपके पाँवों को गिरने नहीं देगा—आप ऊँचे स्थानों पर चलते रहेंगे।
फरमाईशी उद्धरण (जहाँ आवश्यक)
यदि आवश्यक हो, तो नीचे के पंक्तियाँ 1) Matthew Henry, 2) Albert Barnes, 3) Adam Clarke से मुक्त-जनित सार के रूप में समेकित रूप में शामिल की जा सकती हैं; किन्तु यहाँ संक्षेप में उनके विचारों से प्रेरणा ली गई है ताकि पाठक सीधे पाठ के अर्थ तक पहुँचे।