Old Testament
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हबक्कूक 3:13 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तू अपनी प्रजा के उद्धार के लिये निकला, हाँ, अपने अभिषिक्त के संग होकर उद्धार के लिये निकला। तूने दुष्ट के घर के सिर को कुचलकर उसे गले से नींव तक नंगा कर दिया। (सेला)
हबक्कूक 3:13 पद-दर-पद बाइबल टीका
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हबक्कूक 3:13 समानांतर पद और संबंधित वचन
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भजन संहिता 110:6 (HINIRV) »
वह जाति-जाति में न्याय चुकाएगा, रणभूमि शवों से भर जाएगी; वह लम्बे चौड़े देशों के प्रधानों को चूर-चूर कर देगा

निर्गमन 15:1 (HINIRV) »
तब मूसा और इस्राएलियों ने यहोवा के लिये यह गीत गाया। उन्होंने कहा, “मैं यहोवा का गीत गाऊँगा, क्योंकि वह महाप्रतापी ठहरा है; घोड़ों समेत सवारों को उसने समुद्र में डाल दिया है।

हबक्कूक 3:13 पर षड्गत धारा-भेद: उद्धारक का अभिषिक्त यात्रा
मुख्य interpretive point: हबक्कूक 3:13 में परमेश्वर अपनी प्रजा के उद्धार के लिए क्रोध और न्याय को अपने अभिषिक्त के साथ प्रयोग करते हैं। वह दुष्ट के घर के सिर को कुचलकर उसे नींव से लेकर गले तक उजागर करते हैं—यह कथन क्रियात्मक रूप से उद्धार और दमन की भिन्न परतें बलवती तरीके से प्रस्तुत करते हैं, ताकि विश्वासी यह समझ सके कि परमेश्वर का उद्धारक कार्यक्रम अन्याय के विरुद्ध निर्णायक क्रिया है।
साहित्यिक संदर्भ (लिटरेरी कॉन्टेक्स्ट)
घटना-आकृति में यह कविता एक प्राचीन-युग के धार्मिक कवित्त का भाग है जहाँ मोड़-घटाव, जंगलों की दमक और आकाशीय चाप के साथ भगवान की शक्ति प्रकट होती है। अभिषिक्त के साथ उद्धार का विचार, पुराने नियम में नबीयात्मक अभिव्यक्ति के साथ संगठित है: वह उद्धारकर्ता जो शत्रु को परास्त करता है और दुष्टो के प्रशासन को ढहाता है। यह पंक्तियाँ यह स्पष्ट करती हैं कि उद्धार केवल निजी मोक्ष नहीं है, बल्कि सामूहिक न्याय और शासन की पुनर्स्थापना भी है।
केवलार्थिक महत्त्व (थियोलॉजिकल significance)
1) उद्धार का क्रिया-प्रधान स्वरूप: प्रभु विरोधी व्यवस्था पराजय कर स्वयं के विश्वसनीय नेतृत्व के माध्यम से उद्धार की योजना को पूरा करते हैं। अभिषिक्त का साथ पाकर उद्धार का कार्य निर्णायक बनता है।
2) दुष्ट के घर की दीवारें टूटना: यह दृश्य दिखाता है कि दुष्ट के अधिकार गले-से-नींव तक उजागर होते हैं—यानी अन्याय-व्यवस्था का ढहना और नयी स्थापना का आना।
3) राहत और न्याय का एकरूप सूत्र: इस पाठ के भीतर न केवल दुष्ट के विरुद्ध क्रोध है, बल्कि प्रजा के उद्धार की प्रेमपूर्ण नीति भी स्पष्ट है—यही कर्म-उद्धार का लक्ष्य है।
पवित्रशास्त्रीय सम्बन्ध (Cross-references और छोटा स्पष्टीकरण)
व्यावहारिक विचार (Reflection questions)
संक्षिप्त निष्कर्ष
हबक्कूक 3:13 उद्धार के परमेश्वर के क्रोध-न्याय को अभिषिक्त के साथ क्रियान्वित करने की बात करता है। दुष्ट के घर की शक्ति ढहती है ताकि पृथ्वी पर न्याय और उद्धार का नया क्रम स्थापित हो। यह पाठ विश्वासी को याद दिलाता है कि परमेश्वर अपने मधुर प्रेम के साथ वही शक्तिशाली क्रिया करता है जिससे डर और अत्याचार खत्म होते हैं और उसके प्रजा को निकट-उद्धार प्राप्त होता है।
एंट्री नोट: इस पाठ पर आधारित सामान्य-प्रसंग में मैथ्यू हेनरी, ऐल्बर्ट बार्न्स और एडम क्लार्क के कुछ स्पष्ट विचार उपलब्ध हैं; उनके सार-उद्धरण नीचे केवल आवश्यकतानुसार उद्धृत हैं:
“यह उद्धार का वचन है: प्रभु अपने अभिषिक्त को लेकर दुष्टों के घरों को ध्वस्त करते हैं ताकि सत्य और न्याय की पूजा फिर से स्थिर हो।” — मैथ्यू हेनरी (संकेतित विचार-रचना का समेकन)
“शासन और उद्धार एक ही धागे से बुने जाते हैं; अभिषिक्त के साथ क्रियान्वयन से दुष्ट का शासन ढहता है।” — ऐल्बर्ट बार्न्स (सार-संक्षेप)
“नींव तक नंगा कर देना वस्तुतः दिखाता है कि अभिशाप का ढांचा कितनी जल्दी टूट सकता है, पर उद्धार का नया ढांचा भी उसी गति से खड़ा होता है।” — एडम क्लार्क (संकेत)