यिर्मयाह 39:15 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

जब यिर्मयाह पहरे के आँगन में कैद था, तब यहोवा का यह वचन उसके पास पहुँचा,

पिछला पद
« यिर्मयाह 39:14

यिर्मयाह 39:15 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 39:15 — पहरे के आँगन में एक पंक्ति के पीछे

परिदृश्य का आरम्भ: यिर्मयाह तब पहरे के आँगन (सैनिक अवरोध) में कैद था, और उसी समय यहोवा का एक अलग वचन उसके पास पहुँचा। यह स्थिति दिखाती है कि परमेश्वर अपने दीन जीवन को भी प्रेरणा देता है और अपने दीन प्रेषितों को भूला नहीं करता। यिर्मयाह की गिरफ्तारी के बीच भी ईश्वर की आवाज़ अस्थिर नहीं होती; वह अपने दास के लिए समय-सारिणी बनाता है और उसे मार्ग दिखाता है।

परमेश्वर का विश्वास और प्रियदर्शिता

यह पाठ ऐसे समय में आता है जब यिर्मयाह कठिन परिस्थिति से गुजर रहा है, फिर भी यहोवा उसकी पहुंच से बाहर नहीं रहता। यह बताता है कि भगवान अपने निवास-स्थल से दूर नहीं जाते; चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों, उसकी वाणी और वचन सक्रिय रहते हैं। यह प्रेरित करता है: संकट के बीच भी हम ईश्वर पर भरोसा रखें और वह जो दे उसे मानें।

शब्दों और छवियों की स्पष्टता

- पहरे के आँगन: यह जगह दायरे में बंद होने, निरीक्षण और सुरक्षा की चिह्न है। यहीं से भगवान की बताई हुई राह अनजाने में भी प्रकट हो सकती है।

- यहोवा का वचन: यह केवल एक संदेश नहीं, बल्कि भरोसे के साथ पालनयोग्य निर्देश है जो दास के मन में नया उद्देश्य और दिशा डालता है।

सम्बन्धित पाठ

1) यिर्मयाह 38:7-13 — यिर्मयाह का संघर्ष और फिर भी भगवान की कृपा: विपत्ति में भी ईश्वर के वचन की महिमा।

2) यिर्मयाह 33:3 — ईश्वर के वचन का आह्वान: गहराई से उसका बुलावा और मार्गदर्शन।

3) डेनिएल 6:10-23 — कष्ट के समय में भी भक्ति और प्रार्थना की दृढ़ता; God’s सेतु से उद्धार संभव।

प्रयोजन और आज के लिए अनुप्रयोग

- एकता: कठिन समय में भी ईश्वर की उपस्थितिः भय नहीं, बल्कि आशा का आधार बनती है। अगर हमें कैद या रोक-टोक जैसी परिस्थितियाँ मिलें, तो हम उनकी menurut में प्रार्थना करें और ईश्वर के वचनों पर टिके रहें।

- प्रार्थना और वचन की शक्तिः यिर्मयाह के लिए ईश्वर का वचन राहत बनकर आया; हमारे लिए भी यह सच्च है कि संकट में प्रार्थना और पवित्र लेखन मार्गदर्शन का स्रोत होते हैं।

व्याख्यात्मक उद्धरण (नोट): Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन कथनों से मिला संचित विचार इस विराम में सम्मिलित किया गया है, ताकि पाठ की गहराई समझी जा सके। यदि विशिष्ट शब्द-संग्रह का उल्लेख किया गया हो, तो उसके वास्तविक अल्प उद्धरण यहाँ नहीं दिए गए हैं, केवल संदर्भ-उद्धरण स्वरूप रखे गए हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 39:15 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

यिर्मयाह 37:21 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 37:21 (HINIRV) »
तब सिदकिय्याह राजा की आज्ञा से यिर्मयाह पहरे के आँगन में रखा गया, और जब तक नगर की सब रोटी न चुक गई, तब तक उसको रोटीवालों की दूकान में से प्रतिदिन एक रोटी दी जाती थी। यिर्मयाह पहरे के आँगन में रहने लगा।

यिर्मयाह 39:14 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 39:14 (HINIRV) »
और बाबेल के राजा के सब प्रधानों ने, लोगों को भेजकर यिर्मयाह को पहरे के आँगन में से बुलवा लिया और गदल्याह को जो अहीकाम का पुत्र और शापान का पोता था सौंप दिया कि वह उसे घर पहुँचाए। तब से वह लोगों के साथ रहने लगा।

यिर्मयाह 36:1 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 36:1 (HINIRV) »
फिर योशिय्याह के पुत्र यहूदा के राजा यहोयाकीम के राज्य के चौथे वर्ष में यहोवा की ओर से यह वचन यिर्मयाह के पास पहुँचा

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें