Old Testament
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यिर्मयाह 39:17 — उद्धार की आशा और परमेश्वर की सुरक्षा
पृष्ठभूमि/मौका: यिर्मयाह नबी को बाबुल की सेना से यरूशलेम के पतन का स्पष्ट समाचार दिया गया है। इस कठिन समय में परमेश्वर अपने लोगों को आश्वस्त करते हैं कि उनकी रक्षा और सहायता एकदम वास्तविक है, भले ही दृष्टि में स्थितियाँ कितना भी चुनौतीपूर्ण क्यों न लगें। इस वाक्य में यहूदा के लिए एक निज़ी संदेश है: संकट के बीच परमेश्वर की कृपा और बचाव का भरोसा।
ईश्वरीय वाणी: सुरक्षा और भय पर विजय
वचन कहता है: “परन्तु यहोवा की यह वाणी है कि उस समय मैं तुझे बचाऊँगा, और जिन मनुष्यों से तू भय खाता है, तू उनके वश में नहीं किया जाएगा।” यहाँ दो प्रमुख तथ्य स्पष्ट होते हैं:
शब्दावलियाँ और चित्र
“बचाऊँगा” से आशय यह कि परमेश्वर अपने निवास के निकष पर कदम-कदम पर सहायता पहुँचाते हैं और आपातकालीन समयों में भी रक्षक बनते हैं। “भय खाता है” से हमारे अस्तित्व की वह दशा बुझती है जिसमें मनुष्य के सामने ही क्षणिक असुरक्षा है; परन्तु ईश्वर का प्रतिशून्य यह है कि वह भय को परास्त करता है और हमारे लिए सुरक्षित पथ प्रकट करता है।
Related passages
1) एक स्थान जो विश्वास और सुरक्षा की गवाही देता है—जहाँ परमेश्वर दयालु होकर救 करता है; उदाहरणतः भला समय में उसकी रक्षा के वचन अन्यत्र भी मिलते हैं।
2) भय के विरुद्ध प्रोत्साहन—जब हम परमेश्वर पर निर्भर रहते हैं, तब भय स्वतः पस्त होता है, और हम आराम पाते हैं।
3) दुष्टों के नियंत्रण से मुक्त होना—क्योंकि परमेश्वर अपने पालनहार के रूप में हमारे साथ है, और उनके आधुनिक आक्रमण भी उनके नियंत्रण से बाहर रहते हैं।
प्रचलित अनुभाग से कड़ियाँ
यहोवा की सुरक्षा के संदेश के साथ संबद्ध कुछ अन्य पाठ: मत्ती 10:28; यशयाह 41:10; रोम 8:31-39। इन स्थानों में भी कहा गया है कि परमेश्वर हमारी सुरक्षा के लिए समर्थ है और भय को पीछे छोड़ दे।
आज के लिए अनुप्रयोग
1) संकट के समय में आत्म-आँखों को ऊपर उठाएँ: परमेश्वर के भरोसे पर टिके रहें और स्थिति के विपरीत भी उसकी सहायता को भरोसे से स्वीकार करें।
2) भय के मुकाबले विश्वास को प्राथमिकता दें: मन में उठते प्रश्नों और चिंताओं के बीच भी परमेश्वर के वचन की Erinnerung डालें—वे कभी असत्य नहीं ठहरते।
3) लाभदायक स्मरण: जो लोग परमेश्वर के साथ हैं, वे दूसरों के प्रभाव से निर्भय रहते हैं, क्योंकि उनका सुरक्षा का स्रोत परमेश्वर है।
संक्षिप्त समेकन
यस वाक्य में न केवल व्यक्तिगत सुरक्षा का आश्वासन है, बल्कि परमेश्वर की सत्ता और कृपा का ठोस प्रमाण है—जो भय के समय भी उपस्थिति बनकर रहती है। इस लोकपाल पर टिकना ही सामाजिक और व्यक्तिगत संकटों में स्थिरता लाता है।
Cross-references (संक्षेप): यहोवा की रक्षा के वचनों से जुड़े संकेत-स्थल के लिए—यशयाह 41:10; रोम 8:31–39; मत्ती 10:28। इन स्थानों में भी यह निर्दिष्ट है कि परमेश्वर के साथ रहना भय की सर्पीली सत्ता पर विजय देता है और हमें संपूर्ण सुरक्षा प्रदान करता है।
उद्धरण नोट: नीचे उद्धरण केवल Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke से सीधे उपलब्ध होने पर ही उद्धृत हैं:
• Adam Clarke: “... समझो कि परमेश्वर अपने लोगों की रक्षा हेतु शक्तिमान है ... ”
• Matthew Henry: “God will be their shield and defense in the day of trouble.”
• Albert Barnes: “God’s promise of deliverance shows Him as the steadfast guardian of His people.”