यिर्मयाह 6:21 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

इस कारण यहोवा ने यह कहा है, 'देखो, मैं इस प्रजा के आगे ठोकर रखूँगा, और बाप और बेटा, पड़ोसी और मित्र, सबके सब ठोकर खाकर नाश होंगे।'”

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यिर्मयाह 6:21 पद-दर-पद बाइबल टीका

यिर्मयाह 6:21 का व्याख्यात्मक सार: दोषी प्रजा के लिए Jehovah की ठोकर

मुख्य बिंदु: इस पद में परमेश्वर अपने प्रजा के प्रति कठोर चेतावनी दे रहे हैं कि वे अपने पापों के कारण ठोकर खाएंगे और नाश होंगे। यह ठोकर केवल शारीरिक नहीं, बल्कि नैतिक और आत्मिक दुष्परिणामों का संकेत है; कारण यह कि लोक-पथ से भटकना उन्हें कटौती-परिणामों तक पहुँचा देता है।

साहित्यिक प्रसंग (लिटरेरी_CONTEXT)

यिर्मयाह के सामने यह संदेश अति संवेदनशील और संकटपूर्ण समय के भीतर आता है। यिर्मयाह भगवान के वचन को उद्धृत कर रहा है ताकि इस प्रजा के नेता और लोग अपने पापों के कारण निर्णय-स्वरूप ठोकर खाएँ। यह घटना, जो पास की बासनाओं और पड़ोसियों के साथ भय और भागदौड़ का कारण बनती है, एक सामान्य नीतिगत चेतावनी है कि पाप का परिणाम केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता—समुदाय पूरी तरह प्रभावित होता है।

यिर्मयाह 6:21 में “देखो, मैं इस प्रजा के आगे ठोकर रखूँगा” का भाव यह है कि परमेश्वर उनके चाल-चलन के परिणामस्वरूप सीधे उनकी राहों में बाधाएँ डालेंगे। यह ठोकर एक बहु-स्तरीय चिह्न है: पाप के कारण सामाजिक घृणा, धार्मिक कर्तव्य से विमुखता और नैतिक ढहाव। बहुधा यह चेतावनी तब दी जाती है जब राष्ट्र अपने उद्धारकर्ता के संकेतों को अस्वीकार कर देता है।

धार्मिक-संबद्ध महत्व (THEOLOGICAL SIGNIFICANCE)

यह परिच्छेद पाप के गंभीर परिणामों पर जोर देता है—क्योंकि प्रजा के मार्ग में ठोकर पड़ना उनके भाग्य के साथ जुड़ा हुआ है। परमेश्वर के न्याय का यह पक्ष मानव-स्वतंत्रता के साथ संतुलित है; जब लोग अपने हृदय से स्पष्ट चेतावनियाँ टाल देते हैं, तब दंड स्वीकार्य रूप ले लेता है। साथ ही यह शिक्षा देता है कि परमेश्वर अपने वचनों के प्रति निष्ठा रखने वालों की रक्षा भी करते हैं, और समाज के भीतर बुराइयों के विरुद्ध उन्नति संभव होती है यदि लोग प्रतिवेदन के अनुसार लौट आएं।

पवित्र शास्त्र से सम्बन्ध (CROSS-REFERENCES)

  • यिर्मयाह 5:21 — चेतावनी劇: “प्रजा को सुनने की कमी” पर उत्तरदायित्व। यहां ठोकर की चेतावनी समान आयामों में दोहराई जाती है।
  • नीतियों 1:24-28 — लोगों के हृदय की कठोरता और उनकी विपत्ति के समय उनकी लापरवाही, जो बाद में उद्धार के विकल्पों को घटाती है।
  • यशायाह 30:13 — अपरिहार्य विनाश की दिशा, जब लोग अपने मार्ग बनाए रखते हैं और परमेश्वर की सलाह को ठुकराते हैं।

इन संदर्भों में ठोकर-परिणाम एक सामान्य नियम बनकर उभरता है: प्रतिक्रिया यदि मन बदलती है तो उद्धार संभव है; नहीं तो नियत परिणाम और नष्टता बढ़ती है।

विचारोत्तर के प्रश्न (REFLECTION QUESTIONS)

  • मैं कहां- कहां अपने जीवन में पाप के रास्ते चल कर ठोकर खाने के योग्य बना हूँ?
  • मैं कैसे परमेश्वर की चेतावनियों को सुन सकता/सकती हूँ और उनमें परिवर्तन ला सकता/सकती हूँ?

सार-Concluding कोन

यिर्मयाह 6:21 यह स्पष्ट करता है कि परमेश्वर के न्याय के समय में भी दया-का मार्ग खुला है जब व्यक्ति टकराव से पीछे हट कर लौटे। यह संदेश हमारे लिए चेतावनी के-साथ आस्था की आह्वान भी है—अपने मार्गों को देखते हुए परमेश्वर के निर्देशों पर चलना, ताकि ठोकरें बचें और जीवन की दिशा सुरक्षित रहे।

ऐतिहासिक-उन्मुख उद्धरण (PUBLIC-DOMAIN COMMENTARIES)

Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के विचार इस पंक्ति के व्यापक अर्थ में पाप और दंड की गहराई को सम्यक रूप से स्पष्ट करते हैं; उनके संक्षिप्त, सजीव अभिवादन इस प्रकार हैं:

- "Matthew Henry" के अनुसार, यह चेतावनी एक सामाजिक-नैतिक गिरावट की प्रतिक्रिया है जिसमें न केवल व्यक्ति, बल्कि समुदाय भी भागीदार बनता है।

- "Albert Barnes" ने कहा है कि ठोकर जनता के मार्ग में जोखिम और उनकी विश्वसनीयता के नुकसान को दर्शाती है, क्योंकि परमेश्वर अपने लोगों को सचेत करता है।

- "Adam Clarke" का तर्क यह है कि ठोकर एक सक्रिय दंड है जो पाप के कारण आता है और यह किसी-न-किसी रूप में उद्धार की संभावना भी प्रकट करता है जब हृदय परिवर्तन होता है।

महत्वपूर्ण उद्धरण (जहाँ उपयुक्त हो):

- Matthew Henry से: "जिन पापों का परिणाम स्पष्ट है, वे समाज को भी प्रभावित करते हैं।"

- Albert Barnes से: "यह चेतावनी पाप के कारण होने वाले परिणामों के प्रति समाज को सचेत करती है।"

- Adam Clarke से: "ठोकर एक दंड है, परन्तु लौटना संभव है जब आत्मा विनय से प्रस्तुत हो।"

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

यिर्मयाह 6:21 समानांतर पद और संबंधित वचन

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यशायाह 8:14 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यशायाह 8:14 (HINIRV) »
और वह शरणस्थान होगा*, परन्तु इस्राएल के दोनों घरानों के लिये ठोकर का पत्थर और ठेस की चट्टान, और यरूशलेम के निवासियों के लिये फंदा और जाल होगा। (रोम. 9:32,33)

यहेजकेल 3:20 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यहेजकेल 3:20 (HINIRV) »
फिर जब धर्मी जन अपने धर्म से फिरकर कुटिल काम करने लगे, और मैं उसके सामने ठोकर रखूँ, तो वह मर जाएगा, क्योंकि तूने जो उसको नहीं चिताया, इसलिए वह अपने पाप में फँसा हुआ मरेगा; और जो धर्म के कर्म उसने किए हों, उनकी सुधि न ली जाएगी, पर उसके खून का लेखा मैं तुझी से लूँगा।

यिर्मयाह 13:16 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यिर्मयाह 13:16 (HINIRV) »
अपने परमेश्‍वर यहोवा की बड़ाई करो, इससे पहले कि वह अंधकार लाए और तुम्हारे पाँव अंधेरे पहाड़ों* पर ठोकर खाएँ, और जब तुम प्रकाश का आसरा देखो, तब वह उसको मृत्यु की छाया में बदल दे और उसे घोर अंधकार बना दे।

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