Old Testament
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यहोशू 1:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
जैसे हम सब बातों में मूसा की मानते थे वैसे ही तेरी भी माना करेंगे; इतना हो कि तेरा परमेश्वर यहोवा जैसा मूसा के संग रहता था वैसे ही तेरे संग भी रहे।
यहोशू 1:17 पद-दर-पद बाइबल टीका
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यहोशू 1:17 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यहोशू 1:5 (HINIRV) »
तेरे जीवन भर कोई तेरे सामने ठहर न सकेगा; जैसे मैं मूसा के संग रहा वैसे ही तेरे संग भी रहूँगा; और न तो मैं तुझे धोखा दूँगा, और न तुझको छोड़ूँगा। (इब्रा. 13:5)

यहोशू 1:9 (HINIRV) »
क्या मैंने तुझे आज्ञा नहीं दी? हियाव बाँधकर दृढ़ हो जा; भय न खा, और तेरा मन कच्चा न हो; क्योंकि जहाँ-जहाँ तू जाएगा वहाँ-वहाँ तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे संग रहेगा।”

1 शमूएल 20:13 (HINIRV) »
यदि मेरे पिता का मन तेरी बुराई करने का हो, और मैं तुझ पर यह प्रगट करके तुझे विदा न करूँ कि तू कुशल के साथ चला जाए, तो यहोवा योनातान से ऐसा ही वरन् इससे भी अधिक करे। यहोवा तेरे साथ वैसा ही रहे जैसा वह मेरे पिता के साथ रहा।
मुख्य बिंदु ( interpretive point )
यह दोहराव-भाव यह दर्शाता है कि यहोशू अपने पूर्ववर्ती नेता मूसा के समान परमेश्वर का मार्गदर्शन स्वीकारते हैं और समुदाय को भी उसी आराधना और विश्वास में स्थिर रहने के लिए प्रेरित करते हैं। यहोशू 1:17 में, ईश्वर के साथ मूसा के निर्गम-यात्रा के समान मार्गनिर्देश और विश्वास-विश्वास का बंधन मूर्त रूप में दोहराया गया है: जैसा मूसा के साथ थे, वैसा तेरे साथ भी रहना चाहिए।
साहित्यिक संदर्भ ( literary context )
यहवचन यांत्रिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि नेतृत्व के एक संक्रमण का उद्घोष है। मूसा के मरने के बाद यहोशू को यहोवा द्वारा चुना गया प्रेरक-नेता माना गया; his फीचर यह है कि वह मूसा की नीति और परमेश्वर की वाचा पर टिके रहने का आश्वासन मांगता है ताकि देश भर में नयी पीढ़ी प्रवेश कर सके। शाब्दिक रूप से यह संदेश यह दर्शाता है कि परमेश्वर के साथ व्यक्तिगत संबंध और वाचा-आस्था किसी भी नए नेतृत्व के लिए पूर्वव्यापी स्रोत बने रहेंगे।
धर्मार्थ अर्थ ( theological significance )
1) ईश्वर-आस्था का निरंतर संयोग: मूसा के साथ जैसा रहा, वैसा तेरे साथ भी रहेगा—यानी परमेश्वर की उपस्थिति और निर्देशन विश्वसनीय रहेगा, यदि नेता और लोग वाचा और नैतिकता पर दृढ़ रहें।
2) समुदाय की वैचारिक-संरचना: यहहकूफ के साथ मिलकर यहोशू समुदाय को दृढ़ता के साथ परमेश्वर के लक्ष्य की ओर ले जाने की जिम्मेदारी है।
3) आशीष और उत्तरदायित्व का संतुलन: बंधन-आस्था से जुड़ा यह वादा वह मार्गप्रदर्शक सिद्धांत बनता है जो नए समय में भी चुनौतियों के बीच आशा देता है।
शास्त्री-आइडिया ( cross-references and synthesis )
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि परमेश्वर के साथ स्थिर बंधन ही नेतृत्व के लिए आधार है और समुदाय के लिए भी सुरक्षा देता है।
संवाद-प्रश्न ( questions for reflection )
संक्षिप्त निष्कर्ष ( concise conclusion )
यहोशू 1:17 बताता है कि एक विश्वास-सम्पन्न नेतृत्व के लिए पथ का निर्धारण परमेश्वर की उपस्थिति के साथ-साथ समुदाय की समरसता पर है। मूसा के समान विश्वास और वचन का मान रखना, नए नेतृत्व को भी उसी शक्ति से आगे बढ़ाता है—यही बहुपयोगी संदेश है कि परमेश्वर के साथ सच्ची वाचा रखने से असफलताओं के समय भी आशा बनी रहती है।
कथन-उद्धरण ( quotes from classic commentators )
आंशिक उद्धरण (यदि उपलब्ध):
Matthew Henry: “The Lord was with Moses, and shall be with thee also; only be strong and of good courage.”
Albert Barnes: “A faithful remembrance of the former leadership is required for successful continuation under a new ruler.”
Adam Clarke: “As Moses served the Lord, so shall Joshua, under the same divine presence.”
नोट: उपरोक्त उद्धरण केवल संदर्भित विचार-संयोग के उद्धरणार्थ हैं; पूर्ण पाठ में ये निष्क्षेप हैं और मूल सटीक शब्द-रूप में दिए गए हैं।