Old Testament
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यहोशू 1:6 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
इसलिए हियाव बाँधकर दृढ़ हो जा; क्योंकि जिस देश के देने की शपथ मैंने इन लोगों के पूर्वजों से खाई थी उसका अधिकारी तू इन्हें करेगा।
यहोशू 1:6 पद-दर-पद बाइबल टीका
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यहोशू 1:6 समानांतर पद और संबंधित वचन
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दानिय्येल 10:19 (HINIRV) »
और उसने कहा, “हे अति प्रिय पुरुष, मत डर, तुझे शान्ति मिले; तू दृढ़ हो और तेरा हियाव बन्धा रहे।” जब उसने यह कहा, तब मैंने हियाव बाँधकर कहा, “हे मेरे प्रभु, अब कह, क्योंकि तूने मेरा हियाव बन्धाया है।” (यशा. 41:10)

यहोशू 1:9 (HINIRV) »
क्या मैंने तुझे आज्ञा नहीं दी? हियाव बाँधकर दृढ़ हो जा; भय न खा, और तेरा मन कच्चा न हो; क्योंकि जहाँ-जहाँ तू जाएगा वहाँ-वहाँ तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे संग रहेगा।”

यहोशू 1:7 (HINIRV) »
इतना हो कि तू हियाव बाँधकर और बहुत दृढ़ होकर जो व्यवस्था मेरे दास मूसा ने तुझे दी है उन सब के अनुसार करने में चौकसी करना; और उससे न तो दाहिने मुड़ना और न बांए, तब जहाँ-जहाँ तू जाएगा वहाँ-वहाँ तेरा काम सफल होगा।
पाठ का तत्काल संदर्भ
यहोशू 1:6 परमेश्वर की उस आज्ञा का हिस्सा है जो मूसा के बाद नेतृत्व में यहोशू को बुहार कर दी गई। इज़रायल अब मिस्र से बहिष्कृत होकर निर्जन रेगिस्तान नहीं, बल्कि वादा किए गए देश की ओर प्रवेश करने वाला है। परमेश्वर मूसा के निधन पर यहोशू को एक स्पष्ट आदेश और उत्साह देता है: "हियाव बाँधकर दृढ़ हो जा" — युद्ध, प्रयत्न और नेतृत्त्व के क्षण आ रहे हैं। यह वचन संक्रमणकालीन समय में साहस और दायित्व का आह्वान है।
यह वचन परमेश्वर और विश्वास के बारे में क्या बताता है
यह वचन बताता है कि परमेश्वर सक्रिय रूप से अपने वादों को पूरा करता है और अपने चुने हुए अनुयायियों के साथ स्थायी संबल व मार्गदर्शन रखता है। "जिस देश के देने की शपथ मैंने ... खाई थी" — यह वादा परमेश्वर की विश्वसनीयता और इतिहास में उसकी धर्म-संरचना का प्रमाण है। उसी कारण से यहोशू को घबराने की आवश्यकता नहीं; उसका साहस परमेश्वर के वादे पर टिका होना चाहिए, न कि अपनी शक्ति पर।
मुख्य शब्दों और रूपकों की व्याख्या
हियाव बाँधकर (Be strong and courageous) — यह एक सक्रिय आदेश है, भावनात्मक प्रोत्साहन ही नहीं, बल्कि दायित्व से निपटने का बुलावा। पुराने समय में योद्धा युद्ध से पहले अपने वस्त्र सुदृढ़ करते थे; यही भाव प्रकट होता है।
दृढ़ हो जा — केवल निश्चय नहीं, बल्कि निरंतर दृढ़ता—कठिनाइयों में टिके रहने और परमेश्वर के निर्देशों का पालन करने का आदेश।
शपथ और अधिकारी — परमेश्वर ने वादा किया था और अब उसे पूरा करना परमेश्वर का काम है; यहोशू को इसका भरोसा रखा जाना चाहिए।
संबंधित शास्त्र और उनकी प्रासंगिकता
स्रोत-उल्लेख
मत्ती हेनरी, एल्बर्ट बार्न्स तथा एडम क्लार्क जैसे पुरालेखियों ने इस पद को साहस, परमेश्वर के वादे और नेतृत्त्व की जिम्मेदारी के संदर्भ में व्याख्यायित किया है। उदाहरणत: Matthew Henry ने कहा: "यह आदेश आत्म-विश्वास नहीं बल्कि परमेश्वर में दृढ़ विश्वास उत्पन्न करने के लिए है।" (नोट: यह एक छोटा उद्धरण है।)
आधुनिक पत्रक: आज के लिए लागू संदेश
इस वचन का आज का मतलब सरल है: जब जीवन हमें नए चरणों में भेजता है—नौकरी, परिवार, सेवा, या कठिन निर्णय—तो हमें अपनी निर्भरताएँ केवल अपनी क्षमता पर नहीं, बल्कि परमेश्वर के वचनों पर रखनी चाहिए। "हियाव बाँधकर दृढ़ हो जा" बताता है कि धैर्य, विवेक और परमेश्वर पर आश्रय के साथ कदम बढ़ाएँ। परमेश्वर ने जो वादा किया है, उसे पूरा करने की शक्ति वही देता है; हमारा कर्तव्य विश्वास के साथ आगे बढ़ना है।
व्यावहारिक सुझाव:
संक्षेप में, यहोशू 1:6 हमें यह सिखाता है कि परमेश्वर के वचनों पर विश्वास और साहस एक साथ चलते हैं। परमेश्वर का वादा हमारा आधार है; हमारा कर्तव्य उसके निर्देशों के अनुरूप दृढ़ता और निष्ठा से आगे बढ़ना है।