Old Testament
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यहोशू 1:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
जंगल और उस लबानोन से लेकर फरात महानद तक, और सूर्यास्त की ओर महासमुद्र तक हित्तियों का सारा देश तुम्हारा भाग ठहरेगा।
यहोशू 1:4 पद-दर-पद बाइबल टीका
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यहोशू 1:4 समानांतर पद और संबंधित वचन
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निर्गमन 23:31 (HINIRV) »
मैं लाल समुद्र से लेकर पलिश्तियों के समुद्र तक और जंगल से लेकर फरात तक के देश को तेरे वश में कर दूँगा; मैं उस देश के निवासियों को भी तेरे वश में कर दूँगा, और तू उन्हें अपने सामने से बरबस निकालेगा।

उत्पत्ति 15:18 (HINIRV) »
उसी दिन यहोवा ने अब्राम के साथ यह वाचा बाँधी, “मिस्र के महानद से लेकर फरात नामक बड़े नद तक जितना देश है,

गिनती 34:2 (HINIRV) »
“इस्राएलियों को यह आज्ञा दे: कि जो देश तुम्हारा भाग होगा वह तो चारों ओर की सीमा तक का कनान देश है, इसलिए जब तुम कनान देश* में पहुँचो,
यही Verse का सरल अर्थ
यहोशू 1:4 बताता है कि उद्देश्य यह है कि ईश्वर उन सभी सीमाओं को वादा कर रहे हैं जो इस देश के उत्तर से दक्षिण तक हैं— जंगलों से लबानोन के ठोस पर्वतों तक, फरात नदी से महाद्वीप के पश्चिमी किनारे तक— और इसे हित्तियों के सुदूर भाग तक भी गिना गया है। इसका तात्पर्य यह है कि यह क्षेत्र पूर्णतः इजराइल की भौगोलिक अधिकार-सीमाओं में है; उनकी सत्ता और सुरक्षा का कठोर और व्यापक दायरा उस समय तक फैला है जब वे वचनों के अनुसार कनानी देश के विरुद्ध अग्रसर होते हैं।
परिप्रेक्ष्य और पृष्ठभूमि
यहोशू के पहले अध्याय के संदर्भ में यह वाक्य यह दर्शाता है कि संपूर्ण व.land के दायरे की पुष्टि ईश्वर द्वारा कर दी गई है। जंगल, लबानोन की पहाड़ियाँ, फरात नदी और सुदूर पश्चिमी समुद्री तट— ये सब मिलकर उस समय की भू-भागीय योजना का भाग हैं। यह संकेत करता है कि नेतृत्व-यात्रा को एक स्पष्ट, विशाल और विश्वसनीय भू-भागीय चिह्न मिलता है, ताकि यहूदियों के लिए आगे बढ़ना सरल हो।
व्याख्यात्मक विचार
- सम्पूर्ण दायरे की घोषणा: यहोशू को दिए गए आशीर्वाद और प्रतिज्ञा एक व्यापक भू-भाग पर आधारित हैं, न कि केवल स्थानीय क्षेत्र पर।
- प्रवेश से पहले की तैयारी: नया नेतृत्व एक सामर्थ्य-युक्त विस्तार के साथ आता है; यह इशारा करता है कि ईश्वर मार्गदर्शक रहेंगे और समय-समय पर सुरक्षा देंगे।
- नयी उपलब्धियाँ, पुराने संघर्ष: विशाल भूभाग का संकेत यह भी है कि राष्ट्र निर्माण के लिए धैर्य और ईश्वर-आश्रीत योजना आवश्यक है।
छोटे शीर्षक-सूची: प्रमुख विचार
क्रॉस-रेफरेंस और उनका छोटा अर्थ
- उत्पत्ति 12:1-3 के संदर्भ में यह बताता है कि परमेश्वर ने अब्राहम के वंश को विशाल आशीष देने का संकल्प रखा है; यही क्रम इसVERSE में इजराइल के भू-भाग के दायरे को समर्थ बनाता है।
- अपनी-अपनी घोषणाओं के अनुसार मरियम-पुरोहिती के समय से आगे बढ़ते हुए यशायाह 54:2-3 में भी विस्तार की कल्पना मिलती है, जिसमें भगवान देश-सीमा बढ़ाने की बात की जाती है।
- युवकों 1:5-9 के समकक्ष यह भी दर्शाता है कि जहाँ ईश्वर का आदेश है, वहाँ सुरक्षा और प्रेरणा मिलती है— चिंता न हो, केवल विश्वास करें।
संक्षिप्त व्यावहारिक takeaway
आपसी नेतृत्व में स्पष्ट निर्देश और भरोसे का महत्त्व स्थापित है। चुनौतियों से भरे क्षेत्र को सामर्थ्यपूर्वक स्वीकार करें, पर ईश्वर के प्रतिज्ञ-समर्थन पर निर्भर रहें।
कथनसार के साथ पाठ के संदर्भ
यह Verse शांति से निर्देश देता है कि वे सभी सीमा-रेखा अब उनके अधिकार में होगी; यह इज़राइल के लिए एक स्थापित अधिकारियों का संकेत है कि हर दिशा में ईश्वर की सुरक्षा उनके साथ है, ताकि उनका प्रवेश सार्थक हो सके।