Old Testament
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यहोशू 16:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
एप्रैमियों की सीमा उनके कुलों के अनुसार यह ठहरी; अर्थात् उनके भाग की सीमा पूर्व से आरम्भ होकर अत्रोतदार से होते हुए ऊपरवाले बेथोरोन तक पहुँचा;
यहोशू 16:5 पद-दर-पद बाइबल टीका
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यहोशू 16:5 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यहोशू 18:13 (HINIRV) »
वहाँ से वह लूज़ को पहुँची (जो बेतेल भी कहलाता है), और लूज़ की दक्षिणी ओर से होते हुए निचले बेथोरोन के दक्षिणी ओर के पहाड़ के पास हो अत्रोतदार को उतर गई।

यहोशू 16:2 (HINIRV) »
वहाँ से वह लूज़ तक पहुँचा, और एरेकियों की सीमा से होते हुए अतारोत पर जा निकला;
यहोशू 16:5 — सार अंश
सीमा इस बात का संकेत है कि एप्रामी परिवारों के भाग का क्षेत्र पूर्व से आरम्भ होकर अत्रोतदार से ऊपरवाले बेथोरोन तक फैला था; अर्थात हर परिवार का अपना निश्चित भूखण्ड और ठहराव था, जो उनके वंशगत वास्तविक अधिकार को दर्शाता है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यहोशू के समय अफ्रीकी-प्रभुवर्ग के उत्तर-पश्चिमी भाग में बंजारों के विभागीकरण का क्रम चल रहा था। यह अध्याय एप्राम के वंश के उत्तराधिकारी क्षेत्रों के हिस्से का निर्धारण करता है, ताकि हर ट्रिबल/कुल अपने-अपने भाग का निरीक्षण, सुरक्षा और राजकीय प्रशासन कर सके। 16:5 विशेषकर एप्रैमी (एप्रैम) कुल की सीमा का वर्णन करता है, जो पूर्व से शुरू होकर अत्रोतदार और बेथोरोन तक पहुँचती है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
मुख्य विचार
संगत क्रॉस-रेफरेंसेज़ (संक्षेप में स्पष्टीकरण)
1) अधिकारी और भू-सीमा: यशायाह/जेरमीया जैसे अन्य ग्रंथों में क्षेत्रीय विभाग और विरासत का विचार समान रीति से आता है, जो समुदाय की पहचान को मजबूत बनाता है।
2) वंश-आधार पर अधिकार: जिस प्रकार यहाँ एप्राम के कुलों की सीमा निर्धारित है, उसी प्रकार कुरआन-हस्तनिर्मित समाजों में भी वंश-आधार अधिकार के क्षेत्र तय होते हैं।
3) भौगोलिक संकेत: पूर्व से आरम्भ होकर उत्तर दिशा तक का मार्ग एक प्राचीन राष्ट्र के डाइरेक्टेड भूखंड को दर्शाता है; यह मानचित्रिकी और इतिहास में एक सामान्य मान्य सिद्धान्त है।
संकेत-लेखन से उपलब्ध उद्धरण (ध्यान दें)
यहां सीधे Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के पूर्ण उद्धरण नहीं दिए जा रहे, किन्तु यदि इनके शब्द आपकी संदर्भ-ग्रंथसूची में हों, तो वे इस प्रकार के इतिहास-आधारित व्याख्यानों के साथ संगत रहते हैं: “परिवारों के हिस्से की सीमा स्पष्ट है ताकि न्याय और सुरक्षा बनी रहे” जैसी धारणा उनके व्याख्यात्मक ढांचे के भीतर मिलती है।
संक्षिप्त अनुप्रयोग
प्रासंगिक跨-पाठ-लिंक (छोटे विवरण के साथ)
कथा-क्रिया से सीधे जुड़े दो-तीन संकेत: भू-सीमा के साथ उत्तरदायित्व, वंशानुक्रम के अधिकार, और सुरक्षा-व्यवस्था।
व्यावहारिक निष्कर्ष
जहाँ स्पष्ट सीमा-निर्धारण और भाग-स्वामित्व से समाज में सुरक्षा, पारस्परिक सम्मान और कानून-प्रयोग की निश्चितता आती है, वहीं हमें अपने समुदाय में गलत फ़ैसलों से बचकर व्यवस्था बनाये रखने की प्रेरणा मिलती है।