Old Testament
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यहोशू 16:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब मनश्शे और एप्रैम नामक यूसुफ के दोनों पुत्रों की सन्तान ने अपना-अपना भाग लिया।
यहोशू 16:4 पद-दर-पद बाइबल टीका
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यहोशू 16:4 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यहोशू 17:14 (HINIRV) »
यूसुफ की सन्तान यहोशू से कहने लगी, “हम तो गिनती में बहुत हैं, क्योंकि अब तक यहोवा हमें आशीष ही देता आया है, फिर तूने हमारे भाग के लिये चिट्ठी डालकर क्यों एक ही अंश दिया है?”
यहोशू 16:4 का संधारण और संदर्भ
यह योशू 16 अध्याय लेवी के वंशावली के हिस्से में एप्रैम-मनश्शे के भागीदारी की कहानी को दर्शाता है। जब वंशावली विभाग दिए जाते हैं, तब हर पुत्र राज्य-योजना के अनुसार अपनी-अपनी भूमि पाता है। यहां यूसुफ के दोनों पुत्र के अर्थार्थ, मनश्शे और एप्रैम, अपने-अपने हिस्से के साथ आगे बढ़ते हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर का अनुशासन और वादे-प्राप्ति हर बेटे के लिए समान अवसर बनाते हैं।
मुख्य भाव और केंद्रीय विचार
इस वचन में परमेश्वर के वंश-निर्धारण की प्रक्रिया और जातीय-भूमि के वितरण का क्रम दिखता है। मनश्शे और एप्रैम दोनों ही यूसुफ के पुत्र माने जाते हैं, पर उनके क्षेत्र का विभाजन उनके पूर्वजों की आस्थाओं, संघर्षों और प्रभु की योजना के अनुसार निर्धारित होता है। इसका संदेश यह है कि परमेश्वर अपने वचनों के अनुसार हर पुत्र को स्थान देता है, और विश्वासयोग्यता के साथ भूमि-प्राप्ति की ओर बढ़ना चाहिए।
मुख्य विषय
सम्बन्धित पद और उनका संकेत
1) उत्पत्ति 48–49 के पन्नों में यूसुफ के पुत्रों की आस्तियाँ और उनसे जुड़ी आशीषें दिखती हैं; इससे यह समझ आता है कि पहले की वचन-आशीषें कैसे नए हिस्सों में प्रभाव डालती हैं।
2) यहोशू 15–19 अध्यायों में यहूदा, बेंजामीन, आदि प्रांतों के विभाजन का विस्तृत विवरण मिलता है; यह verses के साथ तुलनात्मक रूप से प्रान्तीय वितरण की पद्धति को स्पष्ट करते हैं।
3) एप्स. 2:11–14 जैसे न्यू-टेस्टेमेंट प्रसंग में भी समुदाय-निर्माण और विभाजन के विचार मिलते हैं कि विविधता के बावजूद ईसाई समुदाय एकता में है।
व्यावहारिक चिंतन
आउटरीच की दृष्टि से देखें तो हर उपयुक्त क्षेत्र पाने की प्रक्रिया में धैर्य, सत्यनिष्ठा और समुदाय-भाव आवश्यक है। पहला कदम व्यक्तिगत आस्था को सत्यापित करना है कि हम अपने दायित्वों को प्रभु के मार्ग में कैसे निभाते हैं। इस verse से सीख मिलती है कि पिछली पीढ़ियाँ जो भागीदारी पाती हैं, वे भविष्य के विकास को सक्षम बनाती हैं, पर हर व्यक्ति को अपने-अपने क्षेत्र में जिम्मेदारी के साथ चलना चाहिए।
पाठ-आधार और क्रॉस-रेफ़रन्स
– उत्पत्ति 48–49: पिता और पुत्रों के आशीषों का संकेत
– यहोशू 15–19: विभाजन के क्षेत्र का विस्तार
– इफिस-दो 2:14-22: बहुविध समुदाय में एकता की आवश्यकता
संक्षेप में, यह verse 하나님 की योजना के क्रम और भूमि-भक्ति के बारे में एक संवेदनशील चित्र प्रस्तुत करता है: हर बेटे को उसकी भूमि मिलती है, और यह वितरण ईश्वर के संरक्षण और पथप्रदर्शन के साथ होता है।
संक्षिप्त निष्कर्ष
यहोशू 16:4 हमें यह सिखाता है कि परमेश्वर के वचन के अनुसार भूमि और भाग-चयन एक साथ चलते हैं। मनश्शे और एप्रैम की सत्ता-योजना में एकता और क्रम बनता है, जो समुदाय के भविष्य के लिए आधार देता है।
सूचना: नीचे उद्धृत दो-तीन पीड़ा-युक्त धारणा और समधार-उद्धरण केवल संदर्भ के लिए हैं; पूर्ण टेक्स्ट नहीं दिए जाते।