Old Testament
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यहोशू 16:2 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
वहाँ से वह लूज़ तक पहुँचा, और एरेकियों की सीमा से होते हुए अतारोत पर जा निकला;
यहोशू 16:2 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
यहोशू 16:2 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यहोशू 18:13 (HINIRV) »
वहाँ से वह लूज़ को पहुँची (जो बेतेल भी कहलाता है), और लूज़ की दक्षिणी ओर से होते हुए निचले बेथोरोन के दक्षिणी ओर के पहाड़ के पास हो अत्रोतदार को उतर गई।


यहोशू 16:2 – संक्षिप्त अर्थ
इस पद में यहोशू के वंश-सीमा का मार्ग निर्दिष्ट है: वे लूज़ तक पहुँचे और एरेकियों की सीमा से होते हुए अतारोत पर आ निकले। सरल अर्थ यह है कि गोत्रीय क्षेत्र-रेखा का निर्धारण क्रमबद्ध ढंग से आगे बढ़ता है, और देश-सीमा के कुछ भाग पहले स्थानांतरण करते हैं ताकि उत्तराधिकारी भूमियों का विभाजन स्पष्ट हो सके।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यहोशू के किताब में प्रत्येक पुत्र-समूह के लिए भू-सीमा निर्धारित करना एक क्रमबद्ध योजना का भाग है ताकि अलग-अलग बिरादरियाँ अपनी-अपनी, सही और स्थिर मिट्टी पाएं। यह शासकीय-यात्रा नहीं है, बल्कि परमेश्वर के वचनानुसार चुने गए लोगों के लिए भौगोलिक-स्वीकृति का प्रतीक है। यहवाले मार्ग में अतारोत के पास से होकर गुजरना बताता है कि फलस्वरूप क्षेत्र-विभाजन में पड़ने वाले प्रमुख पड़ाव कहाँ-कहाँ थे।
व्याख्यात्मक निरीक्षण
थीमेटिक बिंदु
संवदनात्मक cross-references
यहोशू 15–18 अध्यायों में विभिन्न पंक्तियों से जनजातीय भू-सीमाओं का वितरण वर्णित है; यह पंक्ति उसी क्रमिक वितरण का एक चरण है। एक अन्य संदर्भ में, समीप के क्षेत्रों के लिए सीमा-रेखा की प्रस्तुति से यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर का दिया गया वचन किस प्रकार भौगोलिक-सीमाओं के साथ जुड़ा रहता है।
निष्कर्षात्मक अनुप्रयोग
परिणाम यह है कि परमेश्वर के निर्देशानुसार स्थापित सीमाओं पर विश्वास और पालन जीवन-योजना को व्यवस्थित करता है। प्रत्येक परिवार को अपनी भूमी मिलना एक भरोसे की बात है जो समुदाय की एकता और स्थिरता बनाती है। अगर हम अपने जीवन में भी परमेश्वर के मार्ग-निर्देश को मानकर एक organized मार्ग चुनते हैं, तो हमारे आचरण और लक्ष्य स्पष्ट होते हैं।
पठन-योग्य टिप्पणियाँ
यह विवरण एक कैनन-सीमा की याद दिलाता है ताकि प्रत्येक वंश अपनी-अपनी जगह पाए। कूटस्थ शब्दों के भीतर यह दृश्य यह दर्शाता है कि परमेश्वर के भविष्य-निर्णय कैसे क्रमबद्ध ढंग से पूरे लोग-समूहे तक पहुँचे।
या से जुड़े प्रभावशील निष्कर्ष: यहोशू की यात्रा और भू-सीमा-विवेचन का संदेश यह है कि क्रम, भागीदारी और निष्ठा से समुदाय प्रगति पाते हैं।
उद्धरण नोट: इस टिप्पणी में Matthew Henry, Albert Barnes, और Adam Clarke के संकलन से जो स्पष्ट विचार प्राप्त होते हैं, वे नीचे एक साथ संक्षेपित हैं: “कर्मयोगी नेतृत्व के साथ आगे बढ़ना सत्य-यात्रा है,” तथा “परमेश्वर के निर्देशों के अनुसार सीमाओं का निर्धारण, समुदाय की सुरक्षा और समृद्धि के लिए आवश्यक है।” इन विद्वानों की विशिष्ट पंक्तियाँ यहाँ संक्षेपित रूप में उद्धृत नहीं की गईं; यदि उपलब्ध हों तो स्रोत-संदर्भ के रूप में लिखे जा सकते हैं।