Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीयहोशू 5:10 बाइबल पद की व्याख्या
यहोशू 5:10 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
सो इस्राएली गिलगाल में डेरे डाले रहे, और उन्होंने यरीहो के पास के अराबा में पूर्णमासी की संध्या के समय फसह माना।
यहोशू 5:10 पद-दर-पद बाइबल टीका
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यहोशू 5:10 समानांतर पद और संबंधित वचन
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निर्गमन 12:6 (HINIRV) »
और इस महीने के चौदहवें दिन तक उसे रख छोड़ना, और उस दिन सूर्यास्त के समय इस्राएल की सारी मण्डली के लोग उसे बलि करें।

गिनती 9:1 (HINIRV) »
इस्राएलियों के मिस्र देश से निकलने के दूसरे वर्ष के पहले महीने में यहोवा ने सीनै के जंगल में मूसा से कहा,

यहेजकेल 12:6 (HINIRV) »
उनके देखते हुए उसे अपने कंधे पर उठाकर अंधेरे में निकालना, और अपना मुँह ढाँपे रहना* कि भूमि तुझे न देख पड़े; क्योंकि मैंने तुझे इस्राएल के घराने के लिये एक चिन्ह ठहराया है।”
यूहोशू 5:10—अवश्यक समझ और संदर्भ
यह Verse इस बात को उजागर करता है कि गिलगाल के बीच यथार्थ पराक्रम के साथ, इस्राएलियों ने धीरे-धीरे अपनी नयी पहचान स्थापित की। पूर्णमासी की संध्या के समय फसह मनाने की घटनाओं के साथ यह संदेश उभरता है कि यरुशलेम के उत्तर में प्रवेश से पूर्व, उनका आस्था-यज्ञ और संगठित सामूहिक-संस्कार कैसे उनकी एकता और धर्मनिष्ठा की पुष्टि करते हैं।
मूल संदर्भ और संदेश
यहोशू के समय, इस्राएली गिलगाल में बसे रहे और वे यरीहो के पास के अराबा में पूर्णमासी की संध्या के समय फसह मानते रहे। यह घटना कुछ बातें स्पष्ट करती है: एक, फसह उन वर्षों में उनके इतिहास की सबसे गहरी स्मृतियों से जुड़ी परंपरा बनी रही—गुरुत्वाकर्षी उद्धार की याद, निर्भय प्रार्थना और परमेश्वर के संरक्षण का संकेत। दो, गिलगाल-आवास में बसे होना और फसह का एक साथ आयोजन उनके समुदाय के भीतर एक नयी पहचान और कानूनी-धार्मिक संरचना को मजबूत करता है।
मुख्य अंश और थीम
अनुसंग (Cross-references) और संक्षिप्त व्याख्या
यहां तीन सुसंगत संदर्भ हैं जो मूल संदेश को और गहराई देते हैं:
संकेत यह है कि फसह का आयोजन केवल रस्म नहीं, बल्कि आस्था-यात्रा का मार्गदर्शक घटक है जो समुदाय को एक साथ जोड़े रखता है और परमेश्वर के विश्वास-प्रणोदन को दृढ़ करता है।
पूर्वदर्शन: मार्ई-चर्चा के साथ आगे की राह
जिन पाठों ने इस अवसर को रेखांकित किया है, वे हमारे लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनते हैं—जब हम अपने जीवन-यात्रा के Naye चक्रों में प्रवेश करते हैं, तब पारिवारिक और सामुदायिक आस्था को पुनर्जीवित करना चाहिए। फसह का स्मरण हमें यह याद दिलाता है कि परमेश्वर उन लोगों के साथ है जो अपने ठहरावों और सेवक-भाव को पुनः निर्धारित करते हैं।
कथा-आधारित देवotional विचार
जब इस्राएली ने गिलगाल में उपस्थिति बनाये रखते हुए पूर्णमासी की संध्या पर फसह मनाया, उन्होंने यह दर्शाया कि उनकी पहचान इतिहास से प्रेरणा पाती है और भविष्य की ओर एकीकृत चरण बनती है। यह संदेश आज भी है: हर नए आरम्भ पर, एकता, स्मृति और परमेश्वर के निर्देश को पुनः स्वीकारना चाहिए।
उद्धृत टिप्पणी-खंड (public-domain स्रोतों से जुड़ी संकेतक)
यह commentary Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke की सार्वजनिक डोमेन टिप्पणी-रचनाओं से प्रेरणा-आकृतियों को एकीकृत करता है, ताकि धारणा स्पष्ट और सुसंगत रहे। नीचे उपलब्ध संक्षिप्त संकेत दिए गए हैं:
कुल मिलाकर, इन विचारों में कहा गया है कि फसह का क्रम और गिलगाल-स्थिति—समुदाय की दृढ़ता और परमेश्वर के वचनों के पालन की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
टिप्पणी के अंत में विज्ञापन-रहित निष्कर्ष
यह verse एक समूह के रूप में अपने धर्म-निष्ठा को दोहराने का अवसर है—परमेश्वर की सहायता में एकता और व्यवस्था के साथ आगे बढ़ना। यह भविष्य की राह दिखाने वाला एक पथ-चिह्न है जहाँ स्मृति और आस्था एक ही धुन में चलते हैं।