Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीयहोशू 5:4 बाइबल पद की व्याख्या
यहोशू 5:4 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और यहोशू ने जो खतना कराया, इसका कारण यह है, कि जितने युद्ध के योग्य पुरुष मिस्र से निकले थे वे सब मिस्र से निकलने पर जंगल के मार्ग में मर गए थे।
यहोशू 5:4 पद-दर-पद बाइबल टीका
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यहोशू 5:4 समानांतर पद और संबंधित वचन
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गिनती 26:64 (HINIRV) »
परन्तु जिन इस्राएलियों को मूसा और हारून याजक ने सीनै के जंगल में गिना था, उनमें से एक भी पुरुष इस समय के गिने हुओं में न था।

1 कुरिन्थियों 10:5 (HINIRV) »
परन्तु परमेश्वर उनमें से बहुतों से प्रसन्न ना था, इसलिए वे जंगल में ढेर हो गए। (इब्रा. 3:17)

यहोशू 5:4 — संदर्भ और अर्थ
यहोशू 5:4 में स्पष्ट किया गया है कि यहोशू ने खतना कर्म फिर से करवाई ताकि इस्राएल के युद्ध-योग्य पुरुष एक बार फिर परमेश्वर के साथ निर्वाण-सम्बन्ध स्थापित कर लें। यहोशू ने मिस्र से निकले उन लोगों के बीच, जो जंगल की यात्रा और चातुर्मास के दौरान मर गए, एक नया आरम्भ सुनिश्चित किया। यह संदर्भ इस बात का प्रतीक है कि परमेश्वर के वादे के अनुसार वह च Ministriesं आवश्यक कल्याण और आशीष के लिए एक पवित्र राष्ट्र बनाने की तैयारी कर रहे थे।
केंद्रीय विचार
मुख्य विचार यह है कि उत्तर-उत्पन्न परीक्षा के बाद परमेश्वर के लोगों को एक नया शासन-जीवन देने के लिए यहोशू ने उनके खतना के कर्म को दोहराया। यह दर्शाता है कि ईश्वर अपने लोक के लिए नया आरम्भ और पवित्रता के संकेत चाहता है, ताकि वे उसकी सुरक्षा और मार्गदर्शन में आगे बढ़ सकें।
मुख्य विषय
अनुशंसा किए गए क्रॉस-रेफरेंसे
1) रोम 2:28-29 — बाहरी धर्म के बजाय हृदय की 쇄ह-परिवर्तन पर बल; खतना के प्रतीकात्मक अर्थ को नई रोशनी देता है।
2) मर 4:12 — परमेश्वर के वचन की गम्भीर प्रभावशीलता; कभी-कभी आघात के बीच भी निर्देश मिलता है कि चित्त खोलकर समझना होता है।
3) יח 6:9 (येशा) — स्वयं के भीतर परिवर्तन की आवश्यकता और स्थिरता की खोज; इतिहास में पवित्रता का महत्व।
व्यावहारिक विचार
जैसे यहोशू 5:4 में शारीरिक खतना एक समारोह था जो एक नई पहचान का संकेत बनता है, वैसे ही आज हमारे लिए यह प्रश्न है: क्या हम ईश्वर के साथ अपने आंतरिक रिश्ते को नया कर रहे हैं? यहueveल करें कि नाम के साथ जीवन-चरित्र में बदलाव हो, ताकि हर कठिन परिस्थिति में भी ईश्वर की आज्ञाओं के अनुसार आगे बढ़ सकें।
संक्षिप्त समापन
यह verse यह स्पष्ट करता है कि परमेश्वर अपने लोगों को एक पवित्र पहचान और नया आरम्भ देना चाहता है। खतना के कर्म के माध्यम से यहोशू ने इस्राएल को एक पुनर्जीवित, विश्वासपूर्ण जन बनाए रखने की तैयारी दिखाई। यह हमारी आत्मा को यह सुनिशचित करने के लिए स्मरण दिलाता है कि क्रमशः आन्तरिक परिवर्तन ही वास्तविक सफलता की कुंजी है।
ऋजु उद्धरण (सारांश)
यहोशू 5:4 के संदेश की समरूपता—नया आरम्भ, पवित्रता-चिन्ह, और विश्वास के साथ आगे बढ़ना—हमें दो विशाल व्याख्यात्मक धरोहरों से मिलती है: हृदय परिवर्तन की महत्ता (Matthew Henry के अभिप्राय-सार) और आंतरिक चरित्र की स्थिरता (Albert Barnes/Adam Clarke के अवलोकन से प्रेरणा).
कुल मिलाकर, यहोशू 5:4 एक पवित्र चिह्न के रूप में प्रस्तुत करता है: परमेश्वर अपने लोगों के साथ फिर से एक स्पष्ट, पवित्रबल-बद्ध रिश्ते की शुरुआत कर रहे हैं, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों में दृढ़ रहें।