Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
न्यायियों 11:1 न्यायियों 11:2 न्यायियों 11:3 न्यायियों 11:4 न्यायियों 11:5 न्यायियों 11:6 न्यायियों 11:7 न्यायियों 11:8 न्यायियों 11:9 न्यायियों 11:10 न्यायियों 11:11 न्यायियों 11:12 न्यायियों 11:13 न्यायियों 11:14 न्यायियों 11:15 न्यायियों 11:16 न्यायियों 11:17 न्यायियों 11:18 न्यायियों 11:19 न्यायियों 11:20 न्यायियों 11:21 न्यायियों 11:22 न्यायियों 11:23 न्यायियों 11:24 न्यायियों 11:25 न्यायियों 11:26 न्यायियों 11:27 न्यायियों 11:28 न्यायियों 11:29 न्यायियों 11:30 न्यायियों 11:31 न्यायियों 11:32 न्यायियों 11:33 न्यायियों 11:34 न्यायियों 11:35 न्यायियों 11:36 न्यायियों 11:37 न्यायियों 11:38 न्यायियों 11:39 न्यायियों 11:40



न्यायियों 11:16 के immediate setting और संदेश
यह पद उस समय की पृष्ठभूमि देता है जब इज़राएली जातियाँ मिस्र से निकलीं, जंगलों के मार्ग पर चले, लाल समुद्र तक पहुँचे, और फिर परदेशी क्षेत्रों में प्रवेश किया। इस पंक्ति को देखने से स्पष्ट होता है कि परमेस्वर की आशीष और मार्गदर्शन उनके हर कदम के पीछे था, भले ही राह कठिन और अनजाने थे।
पाठ में देवता और विश्वास के बारे में जो खुलासा होता है
यह स्मरण दिलाता है कि ईश्वर अपने चयनित लोगों के साथ सतत् संपर्क में रहता है—यात्रा के हर मोड़ पर उनकी सुरक्षा और योजना की पुष्टि He provides guidance even in desert wandering and uncertain routes. The reference to leaving Egypt and traveling through wilderness to the Red Sea illustrates God’s redemptive initiative and faithfulness in leading His people out of bondage toward the promised future. This aligns with the broader biblical theme of God as liberator, guide, and keeper of covenants with His people.
महत्वपूर्ण शब्दों या चित्रों की स्पष्ट व्याख्या
अनुशंसित क्रॉस-रेफरेंसेज (संक्षेप में)
इन संदर्भों से यह स्पष्ट होता है कि जंगल और समुद्र जैसी बाधाओं के बीच भी 하나님 का उद्धार और मार्गदर्शन स्थिर रहता है, और विश्वासियों को साहस मिलता है कि वे His promises पर टिके रहें।
आज के दिन के लिए आवेदन
हमारे जीवन में भी कुछ मार्ग अस्पष्ट और चुनौतीपूर्णAlias हो सकते हैं। इस पद से प्रेरणा पाकर हम याद करें कि भगवान ने मिस्र से लेकर लाल समुद्र तक का मार्ग दिखाया—यही सत्य आज भी है: जब हम कठिनाई के बीच आगे बढ़ते हैं, तब भी प्रभु हमारी ओर देखता है, मार्गदर्शन देता है, और हमें मुक्त करने वाले उद्धारकर्ता के रूप में स्थिर रहता है।
सारांश टिप्पणी
इस पाठ का केंद्र यह है कि ईश्वर अपने चयनित लोगों के साथ रहता है और कठिन यात्रा के समय भी उनकी रक्षा, मार्गदर्शन, और उद्धार का स्रोत बनता है। यह पूर्वकथन Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन विचारों के संग एक समेकित विवरण के रूप में प्रस्तुत किया गया है—जहाँ इन कलमकारों के संकेत मिलते हैं, वहाँ विश्वास की दृढ़ता और ईश्वर की सदा-स्थिर कृपा उजागर होती है।