Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
न्यायियों 11:1 न्यायियों 11:2 न्यायियों 11:3 न्यायियों 11:4 न्यायियों 11:5 न्यायियों 11:6 न्यायियों 11:7 न्यायियों 11:8 न्यायियों 11:9 न्यायियों 11:10 न्यायियों 11:11 न्यायियों 11:12 न्यायियों 11:13 न्यायियों 11:14 न्यायियों 11:15 न्यायियों 11:16 न्यायियों 11:17 न्यायियों 11:18 न्यायियों 11:19 न्यायियों 11:20 न्यायियों 11:21 न्यायियों 11:22 न्यायियों 11:23 न्यायियों 11:24 न्यायियों 11:25 न्यायियों 11:26 न्यायियों 11:27 न्यायियों 11:28 न्यायियों 11:29 न्यायियों 11:30 न्यायियों 11:31 न्यायियों 11:32 न्यायियों 11:33 न्यायियों 11:34 न्यायियों 11:35 न्यायियों 11:36 न्यायियों 11:37 न्यायियों 11:38 न्यायियों 11:39 न्यायियों 11:40



न्यायियों 11:10—Immediate Setting
गिलाद के वृद्धों ने यिप्तह से कहा, “निश्चय हम तेरी इस बात के अनुसार करेंगे; यहोवा हमारे और तेरे बीच में इन वचनों का सुननेवाला है।” इस वाक्य का उल्लेख करते हैं कि यिप्तह और गिलाद के निवासी एक साथ मिलकर एक कठिन निर्णय के समय विचार-विमर्श कर रहे हैं। यिप्तह ने अपनी प्रतिबद्धता और नेतृत्व दिखाया, जबकि गिलाद के बुजुर्ग एकता के संकेत के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
ईश्वर, विश्वास और वचनों की महिमा
इस पाठ से संकेत मिलता है कि परमेश्वर अपने लोगों के बीच बात सुनता है और उनके बीच की व्यवस्था को देखता है। बुजुर्गों की प्रतिक्रिया यह दर्शाती है कि विश्वास समुदाय के साथ सहमति बनाकर चलता है; वे कहते हैं कि यहोवा उनके बीच में है, और उनकी बातों का इसलिए सम्मान होगा क्योंकि वे परमेश्वर की अनुमति और मार्गदर्शन के अंतर्गत हैं। यह उदाहरण धार्मिक-व्यवस्था और नेतृत्व की जिम्मेदारी को एक साथ जोड़ता है: परमेश्वर की योजना के अनुरूप निर्णय लेने के लिए समुदाय का एकजुट होना आवश्यक है।
महत्वपूर्ण शब्दावलियाँ और चित्र
— यहोवा हमारे बीच में है: प्रकट करता है कि परमेश्वर अपने चुनावित लोगों के साथ निकटता बनाकर चलता है; उनकी सभा में उपस्थिति और सुनवाई का वचन एक आध्यात्मिक तौलता है।
संबद्ध शब्द-समय और चिट्ठी-उद्धरण
यह पाठ अन्य जगहों के साथ एक वैचारिक धागा बनाता है:
क्रॉस-रेफरेंसेस (Cross-References) और संक्षिप्त व्याख्या
1) नीतियों के समय में नेता और समुदाय का संघटन: एक साथ सुनना और निर्णय लेना—समुदायिक परामर्श द्वारा परमेश्वर की दिशा मिलती है।
2) निर्भय नेतृत्व में परमेश्वर की सहायता: जब लोग एकजुट होकर ईमानदारी से परमेश्वर की इच्छा पूछते हैं, तब उसका मार्गदर्शन मिलता है।
3) विश्वास के प्रयोग में सामूहिकता: व्यक्तिगत निर्णय से पहले समुदाय की एकता आवश्यक है ताकि निर्णय परमेश्वर के दर्शन के अनुरूप हों।
आज-के-समय में अनुपात और अनुप्रयोग
आज के संदर्भ में यह पाठ हमें सिखाता है कि कठिन निर्णय हों तो समुदाय की एकता, नम्रता और ईश्वर के साथ सुनने की इच्छा सबसे पहले होनी चाहिए। परिवार, टीम, या चर्च में, हम भी यही संरचना अपनाएं: एक साथ बैठकर ईश्वर की इच्छा पूछें, स्पष्टता प्राप्त करें, और जहाँ संभव हो, एकमत होकर निर्णय लें।
उपयोगी अंतर्दृष्टि
— इस वचन से प्रेरणा मिलती है कि परमेश्वर हमारे बीच है और हमारे निर्णयों के listening ear की भूमिका निभाता है।