Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
न्यायियों 11:1 न्यायियों 11:2 न्यायियों 11:3 न्यायियों 11:4 न्यायियों 11:5 न्यायियों 11:6 न्यायियों 11:7 न्यायियों 11:8 न्यायियों 11:9 न्यायियों 11:10 न्यायियों 11:11 न्यायियों 11:12 न्यायियों 11:13 न्यायियों 11:14 न्यायियों 11:15 न्यायियों 11:16 न्यायियों 11:17 न्यायियों 11:18 न्यायियों 11:19 न्यायियों 11:20 न्यायियों 11:21 न्यायियों 11:22 न्यायियों 11:23 न्यायियों 11:24 न्यायियों 11:25 न्यायियों 11:26 न्यायियों 11:27 न्यायियों 11:28 न्यायियों 11:29 न्यायियों 11:30 न्यायियों 11:31 न्यायियों 11:32 न्यायियों 11:33 न्यायियों 11:34 न्यायियों 11:35 न्यायियों 11:36 न्यायियों 11:37 न्यायियों 11:38 न्यायियों 11:39 न्यायियों 11:40



न्यायियों 11:31 — immediate setting
यह पाठ यहोवा के प्रति कुल स्वीकृति और समर्पण की गहराई को दर्शाता है। स्पष्ट है कि मुख्य पात्र इस्राएल के मुक्तिदाता और अधिपति के निर्देश के अनुसार बचाव-यात्रा के समय अपने घर से एक सम्भावित भागीदारी को चिह्नित करते हैं। कुशल के साथ अम्मोनियों से लौट आने पर, जो कोई भी उनके घर के द्वार से निकलेगा, उसे यहोवा का ठहरा माना जाएगा और होमबलि चढ़ाई जाएगी। यह एक प्रकार की व्यक्तिगत समर्पण-प्रतिज्ञा है, जो प्रायः युद्ध के समय सुरक्षा और स्मरण के प्रतीक के रूप में हुई प्रथाओं से जुड़ी है।
प्रमुख बातें और समझ
यहोवा के लोग एकपक्षीय समर्पण के लिए तैयार रहते हैं; जो कुछ भी घर के द्वार से निकलता है, वह यहोवा के लिए ठहरा होगा। यह व्यवस्था यह संकेत देती है कि यहोवा का निवास स्थान और आशीर्वाद निजी सामग्री या किसी भी साधारण लाभ से ऊपर है। विश्वास की दृष्टि से यह एक परम प्रतिबद्धता है कि जीवन के पूरे क्षेत्र—सामरिक, परिवारिक और आर्थिक—ईश्वर की सेवा के लिए समर्पित हो जाए।
महत्वपूर्ण शब्दों और imagery की स्पष्टीकरण
अन्य प्रेरित पाठ और क्रॉस-रेफरेंसे
– यह विषय “समर्पण और पूर्णता” के विस्तृत स्पर्श को ज़ोर देता है जिसे उद्धारक के जीवन और आराधना में बार-बार देखा गया है। एक समान विचार राजा-युद्ध के समय समर्पण के प्रतीकों में मिल सकता है; दूसरे प्रमाण यह बताते हैं कि परमेश्वर अपने लोगों से सब कुछ माँगते हैं ताकि वे पूर्ण निष्ठा में रहें।
क्रॉस-रेफरेंस (संक्षेप): उदाहरणस्वरूप, यहूदी जीवन में समर्पण के विशेष क्षण जहाँ पूरा परिवार या समुदाय एक सामूहिक आह्वान के साथ रक्षा और आशीर्वाद को पाने के लिए एक साथ खड़ा होता है; साथ ही, पुराने नियम में निकासी और संघर्ष के संदर्भों में भी यह आदेश यह दर्शाता है कि जीवन के हर भाग की पूर्णता आवश्यक है।
आज के समय में अनुप्रयोग
आज के पाठक के लिए यह संकेत देता है कि हम भी अपने पूरे जीवन को परमेश्वर के लिए समर्पित करें—अपने समय, संसाधन, और निर्णयों को उस दिशा में निर्देशित करें जो ईश्वर के शास्त्र के अनुसार है। कभी-कभी यह कठोर-सी लगने वाली प्रतिबद्धता छोटी-छोटी चीजों में शुरू होती है: परिवार के प्रथाओं, कार्यस्थल के आचार-विचार, और निजी अनुशासन—सब कुछ यहूवा के लिए ठहराने की Ultimately प्रेरणा देता है।
संक्षिप्त एकीकृत टिप्पणी
इस Verse में एक व्यक्तिगत-समर्पण की स्पष्ट तसवीर है: जो कुछ भी द्वार से बाहर निकले, वह यहोवा के लिए ठहरा है—यानी जीवन के हर क्षेत्र में पूर्ण समर्पण। इस प्रकार यहूवा के साथ एक अटूट संबंध की पुष्टि होती है, जो विश्वास के साथ-साथ जीवन के दैनिक कर्मों में भी प्रकट होता है।
उद्धृत अंश (public-domain टिप्पणीकारों से):
Adam Clarke और Matthew Henry तथा Albert Barnes के संकेतों के साथ: इस प्रकार के वचनों में उनके अनुसार यह दर्शाता है कि समर्पण का स्वरूप सभी वस्तुओं तथा जीवन के हर हिस्सों को ईश्वर के लिए समर्पित करना है। Clarke कहते हैं कि यह एक 'पूर्ण-त्याग' का संकेत है, Henry इसे “निरन्तर निष्ठा” के रूप में देखते हैं, और Barnes इसे “ईश्वर-प्रथमता” के रूप में पढ़ते हैं।