न्यायियों 11:29 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब यहोवा का आत्मा यिप्तह में समा गया, और वह गिलाद और मनश्शे से होकर गिलाद के मिस्पे में आया, और गिलाद के मिस्पे से होकर अम्मोनियों की ओर चला।

न्यायियों 11:29 पद-दर-पद बाइबल टीका

न्यायियों 11:29 पर टिप्पणी (HINIRV)

इस पद में यहोवा का आत्मा यिप्तह पर आकर उसे प्रेरित करता है ताकि वह ईश्वरीय मार्गदर्शन में आगे बढ़ सके और संघर्ष के लिए अग्रसर हो सके। वह गिलाद और मनश्शे से होकर गिलाद के मिस्पे में पहुँचते हैं और फिर अम्मोनियों की ओर बढ़ते हैं। इसका अर्थ है कि ईश्वर अपने चुने हुए शासन-युथ में क्रिया-शीलता और साहस का स्तर बढ़ाने के लिए रुढ़ता नहीं छोड़ते, बल्कि उनकी पथ-निर्देशन में भूमिका निभाते हैं।

मुख्य विचार

1) ईश्वर की प्रेरणा का समय-योग: स्पष्ट है कि यहोवा का आत्मा यिप्तह पर समयानुसार आया और उसे नेतृत्व के लिए सक्षम किया। यह दिखाता है कि साहस और फैसले ईश्वर की कृपा से उद्भवते हैं, न कि केवल मनुष्य की स्व-निर्मित इच्छाशक्ति से।

2) क्षेत्रीय मार्गदर्शन और गतिशीलता: यिप्तह का मार्ग गिलाद, मनश्शे, मिस्पे और अंततः अम्मोनियों तक फैलता है—यानी परमेश्वर अपने लोगों को एक विशिष्ट यात्रा पर ले जाते हैं जिसमें भौगोलिक और सामाजिक दायित्व जुड़ते हैं।

3) उपस्थिति में नेतृत्व की जिम्मेदारी: यहोवा के आत्मा की आहट से समर्थ यिप्तह पर वह शक्ति आती है जो उसे अयोध्या-स्थिति के बावजूद साहस से खड़ा करती है। यह उदाहरण दर्शाता है कि ईश्वर के साथ मिलने पर सामान्य पात्र भी बड़े कार्यों के लिए तैयार हो जाते हैं।

कुंजी विषय

  • ईश्वर-आग्रहित नेतृत्व: यहोवा की आत्मा से प्रेरणा मिलना एक महत्वपूर्ण क्रिया है जो मनुष्य को जोखिम उठाने और उद्देश्यपूर्ण फैसला लेने के लिए सक्षम बनाती है।
  • यात्रा और सीमा-रेखा: मार्ग का क्रम—गिलाद से मिस्पे तक—उकसाव है कि परमेश्वर अपने people के लिए एक स्पष्ट उद्देश्य निर्धारित करते हैं, भले ही रास्ते चुनौतीपूर्ण हों।
  • विश्वास की यात्रा: डर के बावजूद आगे बढ़ना और परमेश्वर की सहायता पर निर्भर रहना एक विश्वासपूर्ण जीवन शैली है।

सूत्र-संदर्भ

1) न्यायियों 3:10—यहोवा के आत्मा के भीतर शक्ति से नेता बनना की प्रेरणा; 2) न्यायियों 6–7—गिदाउन के संदर्भ में आत्मा की भूमिका; 3) संस्थान-उद्धरण: शासकीय निर्णय और आत्मा-प्रेरणा का सामंजस्य।

इन संदर्भों से यह स्पष्ट होता है कि परमेश्वर अपने चयनित लोगों को कठिन परिस्थितियों में भी मार्गदर्शन देते हैं और साहस प्रदान करते हैं।

व्यावहारिक विचार

1) अपने जीवन के किसी निर्णय के समयpray: क्या आप परमेश्वर की आत्मा की प्रेरणा की प्रतीक्षा कर रहे हैं या अपनी स्व-योजना से आगे बढ़ रहे हैं? 2) कठिन परिस्थिति में ईश्वर की मौजूदगी पर विश्वास बनाए रखें; महसूस नहीं भी हो रहा हो तो प्रार्थना में साहस मांगें। 3) यहूदियों के इतिहास की तरह आज भी ईश्वर के लोगों को क्षेत्रीय और सामाजिक यात्रा पर ले जाने की योजना बनाते हैं—हम में से हर एक के लिए कोई न कोई मिशन है।

पुनरावलोकन

यहं दिखता है कि यहोवा का आत्मा शक्ति और नेतृत्व प्रदान करके अपने उद्देश्य के अनुसार एक समुदाय को आगे बढ़ाते हैं। यिप्तह की कथा एक प्रेरणा है कि विश्वास में साहस, मार्गदर्शन और क्षेत्रीय यात्रा में परमेश्वर की भूमिका कितनी निर्णायक है।

क्रॉस-रेफरेंसेज़

- न्यायियों 3:10: यहोवा के आत्मा से प्रेरित नेतृत्व का आरम्भ। यह बताता है कि जैसे यिप्तह को प्रेरणा मिली, वैसे ही अन्य के लिए भी उद्देश्य और शक्ति मिलती है।

- 1 समूएल 10:6: आत्मा का आना और सत्ता-संहिता का अनुभव; यह दर्शाता है कि ईश्वर अपने लोगों के भीतर परिवर्तन और निर्णय-शक्ति को बढ़ाते हैं।

- निर्गमन 33:14-15: परमेश्वर के मार्गदर्शन के बिना यात्रा अधूरी रहती है; आत्मा के साथ चले तो मार्ग स्पष्ट होते हैं।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

न्यायियों 11:29 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

न्यायियों 3:10 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
न्यायियों 3:10 (HINIRV) »
उसमें यहोवा का आत्मा समाया*, और वह इस्राएलियों का न्यायी बन गया, और लड़ने को निकला, और यहोवा ने अराम के राजा कूशन रिश्आतइम को उसके हाथ में कर दिया; और वह कूशन रिश्आतइम पर जयवन्त हुआ। (गिन. 27:18)

गिनती 11:25 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
गिनती 11:25 (HINIRV) »
तब यहोवा बादल में होकर उतरा और उसने मूसा से बातें की, और जो आत्मा उसमें थी उसमें से लेकर उन सत्तर पुरनियों में समवा दिया; और जब वह आत्मा उनमें आई तब वे भविष्यद्वाणी करने लगे*। परन्तु फिर और कभी न की।

न्यायियों 6:34 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
न्यायियों 6:34 (HINIRV) »
तब यहोवा का आत्मा गिदोन में समाया; और उसने नरसिंगा फूँका, तब अबीएजेरी उसकी सुनने के लिये इकट्ठे हुए।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें