Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मत्ती 11:1 मत्ती 11:2 मत्ती 11:3 मत्ती 11:4 मत्ती 11:5 मत्ती 11:6 मत्ती 11:7 मत्ती 11:8 मत्ती 11:9 मत्ती 11:10 मत्ती 11:11 मत्ती 11:12 मत्ती 11:13 मत्ती 11:14 मत्ती 11:15 मत्ती 11:16 मत्ती 11:17 मत्ती 11:18 मत्ती 11:19 मत्ती 11:20 मत्ती 11:21 मत्ती 11:22 मत्ती 11:23 मत्ती 11:24 मत्ती 11:25 मत्ती 11:26 मत्ती 11:27 मत्ती 11:28 मत्ती 11:29 मत्ती 11:30



मुख्य व्याख्या बिंदु
मत्ती 11:13 के अनुसार प्रचलित भविष्यवाणी-संलग्नता का तात्पर्य यह है कि पूर्वजनों के समय से लेकर मसीह के आगमन तक सारे भविष्यद्वक्ताओं ने व्यवस्था और आवश्यकता के अनुसार परमेश्वर के उद्धार के संदेश को पूरा करने की तैयारी की भूमिका निभाई है। यहाँ कहा गया है कि जहांतक यूहन्ना तक सब कुछ भविष्यवाणी और व्यवस्था की परम्परा में था, वह हर बात का संदर्भ दे रहा था; मसीह के आगमन से पूर्व यह सार-संरचना अपने चरम पर पहुँचती है। इस पंक्ति को हम समझते हैं कि धार्मिक लेखन का केंद्र, संदेश का संदेशवाहक, और उद्धार की योजना का पूर्णeke समापक तत्त्व एक ही क्रम में संचालित हुआ है।
पाठ-संदर्भ का साहित्यिक संदर्भ
यह कथन पूर्व-रेखा बनाकर दिखाता है कि परमेश्वर की योजना कैसे इतिहास के बहाव में क्रमबद्ध चली। मत्ती अपने पाठकों को यह स्मरण कराता है कि पुरानी व्यवस्था के सभी अंग—प्रभुता, विधान, और भविष्यवाणी—मसीह के आगमन से मिलकर एक पूर्ण तस्वीर बनाते हैं। यह एक पुस्तक-प्रयोग है जिसमें अध्याय 11 की स्थितियाँ, अय्यूबियों-सीधी चेतावनी और अगली उपलब्धियों के संकेत एक साथ जुड़ते हैं।
धार्मिक महत्व ( Theology )
परमेश्वर की कथित योजना का समरूपी स्वर यह है कि पुराने अभिलेख भविष्य का पथ-निर्देशन थे; मसीह के आगमन के साथ वह सब संरचना नया प्रकाश पाती है। यह भरोसा देता है कि ईश्वरीय संदेश सत्यों के अनुरूप रहा है और जो कुछ भी पहले कहा गया था, वह अंततः पूरा हुआ। इससे विश्वासियों को यह आश्वस्ति मिलती है कि इतिहास-पूर्व और इतिहास-उत्पादन एक दिव्य क्रम में जुड़ा हुआ है, और मसीह ही वह केन्द्र है जिसे पूरा करना था।
क्रॉस-रेफरेंस (Cross-References)
इन संदर्भों से स्पष्ट होता है कि पुराने नियम की हर धारा, मूर्ति और विधान, मसीह के कारण परिपूर्ण अर्थ पाते हैं।
स्व-प्रश्न (Questions for Reflection)
संक्षिप्त निष्कर्ष
मत्ती 11:13 इस बात को स्पष्ट करता है कि पूर्ववर्ती भविष्यवाणियाँ और व्यवस्था एक अंतर्निहित योजना के भाग थे, जिसे मसीह के आगमन से पूर्णता मिली। यह संदेश हमें स्मरण कराता है कि ईश्वर की वाचाओं में स्थिरता है और इतिहास—the पुरानी व नयी बनी—एक ही उद्धारक के चारों ओर घूमती है।
एतिहासिक-लेखन वाले चर्च और संतों के विचारों का संक्षिप्त समाकलन: मैथ्यू हेनरी, एल्बर्ट बार्न्स, और एडम क्लार्क ने अक्सर यह दर्शाया है कि प्रचलित व्यवस्था और उद्धार की योजना एक महीन धागे से जुड़ी है। उनके शब्दों से प्रेरित, हम कहते हैं कि पुराने नियम की प्रतीक्षा के सभी संकेत अंततः मसीह के जन्म के साथ व्यावहारिक रूप में उद्घाटित होते हैं।
कठोर उद्धरण संकेत: दोनों—मैथ्यू हेनरी, एल्बर्ट बार्न्स, और एडम क्लार्क—के संक्षिप्त उद्धरण नीचे दिए जा सकते हैं यदि उपलब्ध हों, परन्तु यहाँ मूल पाठ के समानता के कारण संपूर्ण वाक्यों को उद्धृत नहीं किया गया है। स्पष्ट संदर्भ के लिए आप उनके क्लासिक टुकड़ों को देखें।