Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीVerse
मत्ती 11:1 मत्ती 11:2 मत्ती 11:3 मत्ती 11:4 मत्ती 11:5 मत्ती 11:6 मत्ती 11:7 मत्ती 11:8 मत्ती 11:9 मत्ती 11:10 मत्ती 11:11 मत्ती 11:12 मत्ती 11:13 मत्ती 11:14 मत्ती 11:15 मत्ती 11:16 मत्ती 11:17 मत्ती 11:18 मत्ती 11:19 मत्ती 11:20 मत्ती 11:21 मत्ती 11:22 मत्ती 11:23 मत्ती 11:24 मत्ती 11:25 मत्ती 11:26 मत्ती 11:27 मत्ती 11:28 मत्ती 11:29 मत्ती 11:30



येक अर्थपूर्ण उद्घोषणा: पिता के प्रति धन्यवाद और ज्ञान-स्मरण
इस नातें में यीशु स्पष्ट करते हैं कि परमेश्वर ने ज्ञानियों और समझदारों की आंखों से इन बातों को छिपाकर बालकों के लिए प्रकट किया है—यानी ईमान के सरल, निष्कपट हृदय वाले लोगों के लिए जो परमेश्वर की शिक्षाओं को स्वीकार कर लेते हैं।
सं contextual पृष्ठभूमि
मत्ती 11 के संदर्भ में यीशु के शोधित विरोध और सार्वजनिक शिक्षण का क्षण आता है जब वह पिता से यह विनय करते हैं कि जो उनका निजी ज्ञान नहीं समझ सके, उन्हें भी साक्षर, पंडित और शिक्षक वर्ग से नहीं बल्कि बच्चों जैसे भरोसेमंद हृदयों से समझ में आ जाए। यह उद्घोषणा बताती है कि उद्धार और दृढ़ ज्ञान परमेश्वर के प्रत्यक्ष प्रकाश से मिलते हैं, न कि मान्यता के दबाव या धार्मिक परंपराओं से।
मूल पाठ की interpretive बिंदु
थीमेटिक सार
क्रॉस-रेफ़रेंसेज़ (संक्षिप्त व्याख्या)
यही विचार लूका 10:21-22 में भी मिलता है, जहां यीशु पिता के राज्य की उद्घोषणा में बच्चों के जैसे भरोसे की महत्ता बताते हैं। यहुसा की बात में प्रेरणा देता है कि परमेश्वर अपने राज-अधिकारियों के बजाय सरल विश्वासियों को विशेष प्रकाश देते हैं। एक और संदर्भ मरो 10:15 है, जिसमें बच्चों के समान आस्था रखना राज्य की उन्नति के लिए आवश्यक बताया गया है।
व्यावहारिक निष्कर्ष
उद्धृत टिप्पणी-नोट
यदि आप Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के संक्षिप्त विचार देखना चाहें, तो इन पंक्तियों में उनके दर्शनों की झलक मिलती है: उनका मानना है कि परमेश्वर उन लोगों के लिए चेष्टित करते हैं जो सहज नहीं, बल्कि भरोसेमंद हृदय से उसकी बातों को स्वीकारते हैं।
पुनरावलोकन के लिए संक्षेप: पिता ने ज्ञानियों की दूरी के बावजूद बालकों के सरल विश्वास को उद्घाटित किया—यह हमारे जीवन में भी एक प्रेरणा है कि परमेश्वर अपनी साख सरल भक्तों के साथ प्रकट करते हैं, न कि केवल अध्ययन-शील नेताओं के साथ.