नीतिवचन 15:25 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

यहोवा अहंकारियों के घर को ढा देता है, परन्तु विधवा की सीमाओं को अटल रखता है।

पिछला पद
« नीतिवचन 15:24
अगला पद
नीतिवचन 15:26 »

नीतिवचन 15:25 पद-दर-पद बाइबल टीका

नीतिवचन 15:25 का सीधा अर्थ

यहोवा अहंकारियों के घर को ढा देता है, परन्तु विधवा की सीमाओं को अटल रखता है।

संदर्भ-परिचय

यहाँ नीतिवचन सूक्ति-वाक्यों में परमात्मा की सत्ता और दयालु न्याय का संयोजन दिखाता है। ऊँचे अभिमान वाले व्यक्तियों के घरों के पतन की चेतावनी उन लोगों के लिए है जो अपने हौसलों और शक्ति‑को अपने पराक्रम का आधार मानते हैं। इसके विपरित जो निर्जन, सर्वस्व असहायों—विशेषकर विधवाओं—के पक्ष में रहते हैं, उनके लिए प्रभु सुरक्षा और स्थिरता देता है। यह दयालुता और न्याय के संतुलन को इंगित करता है: प्रभु अत्याचार और अभिमान को बर्दाश्त नहीं करते, पर दीन‑हीनों को सहारा देते हैं।

ऐतिहासिक‑सांस्कृतिक संदर्भ

नीतिवचन में समाज के विविध वर्गों के प्रति दृष्टिकोण बार‑बार उभरते हैं: प्रभु के सत्यासन में सत्ता में रहते हुए भी अधिरचना व सम्मान के पीछे असली मूल्य साधना है। विधवा और अनाथ जैसे कमजोर पक्षों की सुरक्षा परमेश्वर के राज्य के न्याय का एक प्रमुख हिस्सा समझी जाती है। यह अध्याय सामुदायिक नैतिकता के लिए एक आह्वान है कि बाह्य शोभा, धन‑सम्पदा या राजसी प्रभाव के बजाय आंतरिक पवित्रता और दया को प्रमुख माना जाए।

व्याख्यात्मक अवलोकन

  • अहंकार: ऊँचे घर, ऊँचे दर्जे और शक्तिशाली स्थिति प्रभु के सामने असुरक्षित होते हैं जब वे अन्याय या बुरे मार्ग के सहारे सुरक्षा ढूंढ़ते हैं।
  • विधवा परको सुरक्षा: जिनके पास संरक्षित आधार नहीं, उनके लिए प्रभु की कृपा और समुदाय की सहायता एक स्थिर सीमा बनती है।
  • न्याय का संतुलन: प्रभु सत्ता के साथ दया और संरक्षण देते हैं, जिससे समाज में संतुलन बना रहे।

थीमैटिक बिंदु

  1. अभिमान और विनाश के विरुद्ध चेतावनी
  2. कमजोरों के प्रति सुरक्षा और दया
  3. परमेश्वर की सत्ता और न्याय का संतुलन

अन्य संबंधित बाइबिल पाठ

1) अस्थिरता of the proud बनाम स्थिरता of the humble: भयभय के साथ प्रस्तुत; यह दर्शाता है कि प्रभु आस्थावानों को स्थिरता देते हैं।

2) विधवाओं की सुरक्षा के वचन: समाज के कमजोर वर्गों के लिए न्याय का संकेत है कि परमेश्वर उनकी रक्षा करते हैं।

3) दया और न्याय का संयोजन: प्रायः समानार्थी अंतरों के साथ यह दिखाता है कि प्रभु एक न्यायिक और दयालु राज्य के संचालनकर्ता हैं।

संक्षिप्त व्यावहारिक takeaway

ऊँचाई की चकाचौंध में आस्था न खोएं; प्रभु के राज्य में वास्तविक सुरक्षा दीन‑हीनों के साथ संवेदनशीलता और न्याय से जुड़ी है। अपने समाज में कमजोरों के लिए सुरक्षा‑रेखा बनें, और अहंकार से दूर रहें, ताकि प्रभु की कृपा आपके जीवन में स्थिर रहे।

क्रॉस‑रेफरेंसेज़

निर्देश: सामने दिए गए संदेश के लिए सहायक संदर्भ नीचे दिए गए हैं, प्रत्येक का छोटा स्पष्टीकरण भी है:

  • नीतिवचन 16:18 — अभिमान गिराने वाला पथ। यह उन्हीं स्थितियों पर प्रकाश डालता है जहां गर्व से नुकसान होता है।
  • यशाय 33:22 — प्रभु न्यायाधीश और शासनकर्ता के रूप में यीशु/मसीह के प्रतीकात्मक परिचय के साथ व्यवस्था की सुरक्षा को रेखांकित करता है।
  • त्वचा 68:5-6 — दु:खी और विधवाओं के लिए परमेश्वर की चिंता और उनकी सुरक्षा का वर्णन करता है।

नोट: उपरोक्त क्रॉस‑रेफरेंसेज़ के पूर्ण पद नहीं दिए गए हैं; केवल विषयानुसार उनके समसामयिक अर्थों का संकेत दिया गया है ताकि आप पाठ के साथ सीधे सम्बन्ध देख सकें।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

नीतिवचन 15:25 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

भजन संहिता 146:9 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 146:9 (HINIRV) »
यहोवा परदेशियों की रक्षा करता है; और अनाथों और विधवा को तो सम्भालता है*; परन्तु दुष्टों के मार्ग को टेढ़ा-मेढ़ा करता है।

नीतिवचन 12:7 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
नीतिवचन 12:7 (HINIRV) »
जब दुष्ट लोग उलटे जाते हैं तब वे रहते ही नहीं, परन्तु धर्मियों का घर स्थिर रहता है।

भजन संहिता 68:5 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 68:5 (HINIRV) »
परमेश्‍वर अपने पवित्र धाम में, अनाथों का पिता और विधवाओं का न्यायी है*।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें