नीतिवचन 15:9 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

दुष्ट के चालचलन से यहोवा को घृणा आती है, परन्तु जो धर्म का पीछा करता उससे वह प्रेम रखता है।

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नीतिवचन 15:9 पद-दर-पद बाइबल टीका

नीतिवचन 15:9 का विवेचना: दुष्टता से दूरी और धर्मानुग्रह की Preference

मुख्य interpretive point: यीशु-युग के संदर्भ में नीतिवचन 15:9 यह स्पष्ट करता है कि परमेश्वर दुष्ट चाल-चलन के प्रति घृणा दिखाते हैं, जबकि धर्म के पीछे भागने वाले लोगों से प्रेम उनका स्वरूप है। यह केवल नैतिकता की कसौटी नहीं, वरन् आस्थावान जीवन की वास्तविकता है: ईश्वर की इच्छा के अनुसार जीवन जीना और ऐसी सामर्थ्य पाना जो भावनात्मक, नैतिक और सामाजिक स्तर पर समानता और सत्य को बनाए रखे।

साहित्यिक संदर्भ (लिटरेरी कॉन्टेक्स्ट)

प्रेम और घृणा का यह contrast नीतिशास्त्र की कटु-मीठी ध्वनि है जो पुस्तक के अन्य भागों में भी बार-बार आता है। दुष्ट के चाल चलन से घृणा धर्म के प्रतिरूप से दूर नहीं, बल्कि उसकी आत्मा-परक और व्यवहार-परक अस्थिरता को दर्शाती है। धर्म का पीछा करना वह मार्ग है जिसमें ईश्वर का प्रेम ऊर्ध्वाधर आचरण बनकर व्यक्ति के भीतर और बाहर दोनों जगह प्रकट होता है।

गूढ़ theological significance

इस वाक्य में धर्म के पीछे भागने का उल्लेख है—यानी ईश्वर-को मानना, उसकी वाचा पर चलना, और नैतिक रूप से उच्च जीवन अपनाना। दुष्ट के चालचलन से घृणा स्वभाव-गत स्वार्थ, अन्याय और कठोरता के विरुद्ध एक दायित्व है। यह यथार्थ बताता है कि ईश्वर प्रेम करते हैं उन लोगों को जो सत्य और न्याय के मार्ग पर चलते हैं; वही धर्म का पीछा करने वालों के लिए प्रेम दर्शाते हैं।

Cross references और उनके संक्षिप्त निष्कर्ष

  • पद 11:1-2—कथन है कि सरल मनुष्यों के लिए सत्य का मार्ग कौन सा है; निष्कर्ष यह कि भलाई और सच्चाई परमेश्वर के सामने कुशलता से कार्य करती है।
  • यहोशू 1:8—धर्म के नियम पर दृढ़ता से चलना; स्मरण रहे कि निष्काम पुरुष मार्ग में सुख पाएंगे।
  • रोम 12:9—धर्म से प्रेरित प्रेम और अन्याय से दूर रहने की exhortation; वास्तविक प्रेम ही धर्म का प्रमाण है।

संश्लेषण: ईश्वर-आस्था और नैतिक चरित्र एक-दूसरे के पूरक हैं; दुष्टता outward दिखावटी है, पर धर्म के पीछे भागना—यथार्थ प्रेम और सामाजिक सद्भाव का मार्ग है।

Reflection questions (विचार-प्रश्न)

  • क्या मैं अपने व्यवहार में दुष्ट चालचलन से दूरी बनाए रखता/रखती हूँ और परमेश्वर की राह पर चलने की चाह रखता/रखती हूँ?
  • मेरे दैनिक निर्णयों में किस प्रकार धर्म का पीछा दिखता है—आचरण, विचार, और संबंधों में?

संक्षिप्त निष्कर्ष

नीतिवचन 15:9 हमें सजग करता है कि परमेश्वर दुष्ट प्रवृत्ति से घृणा करते हैं और धर्म का पीछा करने वालों के लिए प्रेम प्रदान करते हैं—जो न केवल ईश्वर से सच्चा संबंध दिखाते हैं, बल्कि समाज के लिए भी प्रमाण बनते हैं। धर्म और आचरण के इस संयुक्त चित्र में ईश्वर का स्वरूप और मनुष्यों के बीच विश्वास की वास्तविक वृद्धि मिलती है।

यहाँ के विचार Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणियों से प्रेरित हैं; उपलब्ध संक्षिप्त उद्धरण/सूत्र जहां संभव, नीचे दिए गए हैं:

महत्वपूर्ण उद्धरण (संक्षेप) — उपलब्ध उद्धरण यदि लागू हों तो यहां संक्षेप में दिए जा सकते हैं:

“The fear of the Lord is the beginning of wisdom” (जो धारणाओं में बताती है कि डरना एक सक्रिय नैतिक स्थिति है, न कि मात्र आवरण).

Cross-references क्रॉस-लिंकिंग के लिए ऊपर दिए गए संदर्भ देखें; टेक्स्ट में पूर्ण वर्चस्व न हो तो उद्धरण केवल उल्लेखित रूप में ही शामिल किया गया है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

नीतिवचन 15:9 समानांतर पद और संबंधित वचन

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