नीतिवचन 15:29 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

यहोवा दुष्टों से दूर रहता है, परन्तु धर्मियों की प्रार्थना सुनता है। (यूह. 9:31)

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नीतिवचन 15:29 पद-दर-पद बाइबल टीका

नीतिवचन 15:29 का संदर्भ और आध्यात्मिक संदेश

पद का तात्पर्य: यहोवा दुष्टों से दूर रहता है, परन्तु धर्मियों की प्रार्थना सुनता है। (यूह. 9:31 के साथ समन्वयित) यह वचन दिखाता है कि प्रभु परमेश्वर सत्य और पवित्रता के साथ निकटता बनाते हैं: दुष्टों की पुकार उनकी दृष्टि से दूर रहती है, जबकि विश्वासियों की प्रार्थनाओं को वे गौर से सुनते हैं।

ईश्वर का स्वभाव और विश्वास का आश्वासन

यह वचन ईश्वर के पवित्र चरित्र को उजागर करता है। जो व्यक्ति पाप से मुक्त और धर्मी जीवन बिताते हैं, उनके लिए प्रभु ग्रहणशील हैं; वे उन प्रभु की नज़रों में रहते हैं और उनकी प्रार्थनाओं की गूंज आकाश तक जाती है। यह संदेश यह भी समझाता है कि प्रार्थना में अविश्वास या पाखंड का स्थान नहीं है; सत्य-निष्ठा और मन की विनय ही ईश्वर के दरवाजे तक पहुँचाती है।

महत्वपूर्ण शब्दावली और imagery

- दुष्ट: संसारिक पथ पर चलते, निर्लज्जता और अन्याय की राह पकड़ते लोग; वे अपने ही स्वार्थ और अराजकता में डूबे रहते हैं।

- धर्मी: ईश्वर के नियमों के अनुरूप जीवन बिताने वाले लोग, जो आचरण, भक्ति और सत्य के साथ चलते हैं।

- प्रार्थना सुनना: ईश्वर की कृपा और दया का परिचायक; वह अपने बच्चों की आवाज को पहचानते, उनके दर्द-के-सत्यापन पर प्रतिक्रिया देते हैं।

संबंधित मार्गदर्शक विचार

- Matthew Henry की धारणा: धर्म-संयम और प्रार्थना में सत्यता वह चाबी है जो देवदृष्टि को आकर्षित करती है।

- Albert Barnes की व्याख्या: ईश्वर दुष्टों के लिए दूरी बनाए रखते हैं क्योंकि उनका जीवन उच्चतम पवित्रता से टकराता है; परन्तु धार्मिक जीवन जीने वालों की विनती परमेश्वर तक पहुँचती है।

- Adam Clarke की टिप्पणी: परमेश्वर की न्याय-संवेदनशीलता और भोजन-सम्बद्ध नहीं, बल्कि आंतरिक नम्रता और भक्ति को महत्व देते हैं; इसलिए प्रार्थना की अनुग्रह-सराय सुनी जाती है।

यूहन्ना 9:31 के साथ क्रॉस-रेफ़रेंस

यूहन्ना 9:31 बताता है कि ईश्वर पवित्र हैं और उन लोगों के साथ जो उन्हें ढूंढ़ते हैं, उनकी आवाज सुनते हैं। यह नीति इसी विचार को पुष्ट करती है कि धर्मी जीवन और निष्कपट प्रार्थना देवता के निकट आना संभव बनाती है।

आज के लिए अनुप्रयोग

  • अपने दिन-प्रतिदिन के जीवन में पवित्रता और सचाई बनाए रखें—यह ईश्वर के साथ संचार के द्वार खोलता है।
  • कठिन समय में भी प्रार्थना से पीछे न हटें; विश्वास के साथ दिल से कहें, ताकि परमेश्वर आपकी गूंज सुनें और मार्गदर्शन दें।
  • पद के संदेश को समुदाय के साथ साझा करें, ताकि अन्य भी जान सकें कि ईश्वर कैसे धर्मी प्रार्थनाओं को सुनते हैं और उनके लिए कृपा उजागर होते हैं।

निहित साक्ष्य: यहोवा दुष्टों से दूर रहता है, परन्तु धर्मियों की प्रार्थना सुनता है—एक उन्मुखी स्मरण-चिन्ह है कि ईश्वर के पास सत्य-निष्ठा और विनम्र संपर्क सर्वोपरि है, और यह आज भी सच है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

नीतिवचन 15:29 समानांतर पद और संबंधित वचन

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