Old Testament
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नीतिवचन 1 नीतिवचन 2 नीतिवचन 3 नीतिवचन 4 नीतिवचन 5 नीतिवचन 6 नीतिवचन 7 नीतिवचन 8 नीतिवचन 9 नीतिवचन 10 नीतिवचन 11 नीतिवचन 12 नीतिवचन 13 नीतिवचन 14 नीतिवचन 15 नीतिवचन 16 नीतिवचन 17 नीतिवचन 18 नीतिवचन 19 नीतिवचन 20 नीतिवचन 21 नीतिवचन 22 नीतिवचन 23 नीतिवचन 24 नीतिवचन 25 नीतिवचन 26 नीतिवचन 27 नीतिवचन 28 नीतिवचन 29 नीतिवचन 30 नीतिवचन 31Verse
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नीतिवचन 19:11 का अर्थ सुस्पष्ट दृष्टीकरण
जो मनुष्य बुद्धि से चलता है वह विलम्ब से क्रोध करता है, और अपराध को भुलाना उसको शोभा देता है। इस व verse में अदम्य धैर्य और क्षमाशीलता को आचार-संयम के रूप में प्रस्तुत किया गया है; बुद्धिमान व्यक्ति अपने तुरंत उबाल को रोककर छोटे-से-छोटे अपराधों में भी स्थिरता बनाए रखता है और क्षमा की सामर्थ्य दिखाता है। इससे सामाजिक शांति और व्यक्तिगत चरित्र का वजन बढ़ता है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
नीतिवचन का प्रस्तुतिकरण प्राचीन भारतीय पौराणिक कथा नहीं, बल्कि यह एक वह पाठ है जिसमें व्यक्तिगत नैतिकता, सामाजिक व्यवहार और ईश्वरीय भय से जुड़ी समझ दी गई है। यहाँ “बुद्धि” से तात्पर्य विवेक, संयमन और नैतिक नियमों के अनुसार चलना है, न कि अज्ञान या आवेग। क्रोध पर नियंत्रण रखना और अपराध को भुला देना-ये दोनों गुण समाज में समानता, न्याय और संबंधों की रक्षा के लिए आवश्यक माने जाते हैं।
विश्लेषणात्मक बिंदु
2-3 व्यावहारिक बिंदु
सम्बन्धित आयतें
1) क्रोध पर काबू पाने की शिक्षा देता है कि धैर्य जोड़ता है (अनुवर्ती प्रेरणा: गुस्सा तुरंत नहीं, विवेक से निर्णय)।
2) क्षमा करने की महत्ता पर बल देती एक अन्य दृष्टि—घोर चोट के बाद भी संबंधों की पुनर्निर्माण सम्भावना खुले रहती है।
3) विवेकशीलता और संयम सामाजिक स्तर पर ईमानदार और विश्वसनीय लोक बनाती है, जो सामुदायिक शांति को मजबूत करती है।
वाचनीय दृष्टिकोण (कथन-उद्धरण के अनुकूल)
मेदे-चाहे बार-बार कहा गया है कि विवेकपूर्ण व्यवहार से क्रोध में कमी आती है; क्षमा से मित्रता और प्रतिष्ठा बनी रहती है। इस दिशा में मैथ्यू हेन्री, आल्बर्ट बर्न्स और एडम क्लार्क जैसे प्राचीन-दिनों के टिप्पणीकारों के सार विचार इस वचन के साथ संगत रहते हैं—परंतु यहाँ संक्षेप में शाब्दिक उद्धरणों को पूरा नहीं दोहराया गया है, केवल उनकी प्रवृत्ति से मार्गदर्शन दिया गया है।
कठिनाई से बाहर निकलने का निष्कर्ष
नीतिवचन 19:11 हमें सिखाता है कि बुद्धिमान व्यक्ति अपने भीतर के नियंत्रण से बड़े निर्णयों में भी शांति बनाए रखता है; अपराध-भुलाव से न सिर्फ निजी चरित्र मजबूत होता है, बल्कि परिवार और समुदाय की सुरक्षा भी बढ़ती है। इसे günlük जीवन के व्यवहार में अपनाने से संघर्षों के बीच भी स्थिरता बनी रहेगी।