Old Testament
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नीतिवचन 19:14 का अर्थ
इस पद का सरल अर्थ है: घर-भर और धन-सम्पत्ति पूर्वजों से मिलती है, परन्तु बुद्धिमती पत्नी सीधे परमेश्वर से आशीर्वादित होती है। याने परिवार का स्थायित्व और भौतिक संपत्ति संयुक्त रूप से मिलती है, पर वास्तविक गृह-आनंद, सुरक्षा और दिशा-निर्देश एक बुद्धिमान पत्नी के कारण ईश्वर की मदद से उत्पन्न होते हैं।
प्रसंगिक पृष्ठभूमि
नीतिवचनों के एक बड़े भाग में जीवन के व्यवहारिक गुणों का पाठ है – परिवार, रोजगार, आदर्श चरित्र, और धार्मिक जीवन के ठोस ध्रुव। यह पद परिवार के तीन पहियों की तुलना करता है: (1) पूर्वजों का धरोहर-जोड़, (2) वित्तीय संसाधन, और (3) ईश्वर-आचरण से प्रेरित बुद्धिमत्ता। यह बताता है कि धन और घर की संरचना मिलकर ट्रस्ट बनाती है, किन्तु वास्तविक आंतरिक शांति और मार्गदर्शन एक धर्मी पत्नी के द्वारा दिखायी देता है जो प्रेषित ईश्वर के साथ गहरे सम्बन्ध से प्रेरित होती है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
अन्वेषणीय विचार
यह संदेश दो धारणाओं को एक साथ रखता है: परिवार का वित्तीय और भौतिक आधार, और व्यक्तिगत आचरण द्वारा प्राप्त आध्यात्मिक मानक। एक बुद्धिमान पत्नी ईश्वर के निर्देश के अनुसार निर्णय लेकर परिवार को नैतिक, आर्थिक, और भावनात्मक रूप से सुरक्षित बनाती है।
छोटा विषयसूची
क्रॉस-रेफरेंसेस (संক্ষেপित व्याख्या)
कई स्थानों पर Proverbs परिवार और स्त्री-चरित्र के रिश्ते को मिलता-जुलता विवेक दिखाते हैं। एक बुद्धिमान पत्नी के प्रभाव के बारे में अन्य आशीषसूत्र भी इसे पुष्ट करते हैं कि आध्यात्मिक गुण घर के स्थायित्व के कारण बनते हैं, न कि केवल बाहरी धन से.
व्यावहारिक takeaway
अपने घर के लिए धन-संसाधन की महत्ता को स्वीकारें, परन्तु प्रमुख मूल्य बनाएं ऐसे गुण को जो ईश्वर के साथ सीधे जुड़कर आशीष बनाते हैं: विवेकपूर्ण निर्णय, धैर्य, और पति-पत्नी के बीच नैतिक एकता।
टीका-सान्निध्य: प्रसिद्ध टिप्पणीकारों से संक्षेप
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणियों से संक्षिप्त जो कुछ भी उद्धरण उपलब्ध होते हैं, उन्हें नीचे सन्दर्भ के रूप में जोड़ा गया है:
Henry कहते हैं कि इस वचन में परिवार के स्थायित्व के साथ नैतिक गुणों का महत्व है; पत्नी की बुद्धिमत्ता ईश्वर के मार्गदर्शन के बिना नहीं मिलती।
Albert Barnes इस प्रकार व्याख्या करते हैं कि बुद्धिमत्ता का स्रोत परमेश्वर है और घर की সমृद्धि ईश्वर की कृपा से जुड़ी है।
Adam Clarke इस पंक्ति को धार्मिक-चरित्र के महत्त्व की दृष्टि से देखते हैं: घर-धन के साथ परमेश्वर से प्रेरित नैतिकता के महत्व को उजागर किया गया है।
नोट: यदि आप इन्हीं विद्वानों से सीधे उद्धरण चाहते हैं, तो कृपया बताएं; नीचे मैंने संक्षेप में उनके सामान्य विचार बताए हैं।
Cross-reference अनुभाग
यSimilarly संदर्भ: - नीतिसूत्र 3:5-6: ईश्वर पर निर्भर विश्वास से बुद्धिमत्ता मिलती है, जो परिवार के निर्णयों में मार्गदर्शन करती है। - नीतिसुलह 31:10-31: एक नेक पत्नी के गुण उसके आध्यात्मिक प्रतिबद्धता और परिश्रम से प्रकट होते हैं। - गलतफहमी-रोध: प्रावधान के साथ तपस्या और निष्ठा परिवार को स्थिर बनाते हैं।
इन सभी संदर्भों से स्पष्ट है कि धन-सम्पत्ति और स्थिर घर वही बनते हैं जब भीतर का नैतिक आचरण और ईश्वर के साथ सम्बंध सुदृढ़ हों।