Old Testament
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नीतिवचन 1 नीतिवचन 2 नीतिवचन 3 नीतिवचन 4 नीतिवचन 5 नीतिवचन 6 नीतिवचन 7 नीतिवचन 8 नीतिवचन 9 नीतिवचन 10 नीतिवचन 11 नीतिवचन 12 नीतिवचन 13 नीतिवचन 14 नीतिवचन 15 नीतिवचन 16 नीतिवचन 17 नीतिवचन 18 नीतिवचन 19 नीतिवचन 20 नीतिवचन 21 नीतिवचन 22 नीतिवचन 23 नीतिवचन 24 नीतिवचन 25 नीतिवचन 26 नीतिवचन 27 नीतिवचन 28 नीतिवचन 29 नीतिवचन 30 नीतिवचन 31Verse
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नीति-श्लोक 31:10 का सरल तात्पर्य
इस श्लोक का मूल संदेश है कि सुयोग्य, परिश्रमी और धर्मपूर्ण पत्नी का मूल्य इस सृष्टि के किसी भी सम्पादन से अधिक है, और उसका मूल्य इंसानी आँखों से नहीं मापा जा सकता। उसका वास्तविक मूल्य उसके चरित्र, मोहभंग नहीं करने वाले कर्मों, और परिवार के लिए किए गए समर्पण में है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
नीतिवचन पुस्तक में एक बहुजन बुद्धिमानी-युक्त कथन-संहित है जहां एक विवेकपूर्ण जीवन की मर्यादा-गाथा प्रस्तुत होती है। यह श्लोक विशुद्ध रूप से एक “उत्पादन-जनन” नहीं, बल्कि गृहस्थ जीवन की एक आदर्शात्मक दृष्टि है—एक ऐसी पत्नी जो घर को धैर्य, उद्योग और नैतिकता से चलाती है। पुरानी यहूदी परंपरा में इसे एक आदर्श महिला के लिए प्रस्तुत किया गया है, न कि एक अनुपात-प्रतियोगिता के रूप में।
विश्लेषणात्मक बिंदु
महत्वपूर्ण निष्कर्ष (थीम)
अनुनय-सम्बन्धी क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप में)
- अन्य नीतिवचन पाठक महिलाओं के गुणों, परिवार-नेतृत्व और दायित्व की सराहना करते हैं।
- पति और समाज के प्रति स्त्री का नैतिक-कर्तव्य बताने वाले उद्धरण पुराने-commentaries में भी हैं, जो इस श्लोक की व्यापकता को स्पष्ट करते हैं।
संक्षिप्त व्याख्या
यह श्लोक व्यक्त करता है कि एक भली पत्नी वे सारी अच्छी गुनों से भरी होती है जो घर को समृद्ध, स्थिर और शांत बनाती हैं—परिश्रम, दया, विवेक और ईमानदारी से भरी एक जीवन-यात्रा। उसकी कीमत भौतिक संपत्ति से अधिक है, और जीवन के हर क्षेत्र में उसका प्रभाव दृढ़ होता है।
व्यावहारिक takeaway
अपने घर-परिवार के लिए नैतिक सिद्धांतों का पालन करें, पति-पत्नी के बीच सम्मान बनाए रखें, और हर दिन छोटे-छोटे कर्तव्य-निष्ठा दिखाने से परिवार की समृद्धि स्थिर होती है।
उद्धरण नोट
यदि किसी आलेख में Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के प्रत्यक्ष उद्धरण चाहिए हों, तो शास्त्रार्थ के संदर्भ में उनके विचारों को संक्षेप में समाहित किया गया है। किसी भी पूर्ण उद्धरण का पाठ नहीं किया गया है, केवल आवश्यक सार लिया गया है।