Old Testament
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नीतिवचन 1 नीतिवचन 2 नीतिवचन 3 नीतिवचन 4 नीतिवचन 5 नीतिवचन 6 नीतिवचन 7 नीतिवचन 8 नीतिवचन 9 नीतिवचन 10 नीतिवचन 11 नीतिवचन 12 नीतिवचन 13 नीतिवचन 14 नीतिवचन 15 नीतिवचन 16 नीतिवचन 17 नीतिवचन 18 नीतिवचन 19 नीतिवचन 20 नीतिवचन 21 नीतिवचन 22 नीतिवचन 23 नीतिवचन 24 नीतिवचन 25 नीतिवचन 26 नीतिवचन 27 नीतिवचन 28 नीतिवचन 29 नीतिवचन 30 नीतिवचन 31Verse
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नीतिवचन 31:13 पर तात्पर्य और संदर्भ
इस श्लोक में एक चरित्र-चित्रण प्रस्तुत है—एक ऐसी स्त्री जो ऊन और सन (कपास नहीं, पर ऊन) को ढूँढ़कर निरंतर परिश्रम से काम करती है। नीतिवचन 31 की वह अध्यायवाला प्रशस्त पंक्ति उन गुणों को उजागर करती है, जो एक निष्ठावान गृहिणी की मेहनत, चाणक्य योजना और जिम्मेदारी की मिसाल बनते हैं। इस पंक्ति में प्रकारांतर से यह कहा गया है कि घरेलू जीवन की चोटी-चोटी चीजें भी महत्त्वपूर्ण हैं यदि वे प्रेम और दक्षता के साथ निभाई जाएं।
मुख्य अर्थ
यह पंक्ति एक व्यवहारिक मानक पेश करती है: कठिन परिश्रम, आवश्यक सामग्री की खोज और प्रसन्नता के साथ उनका उपयोग—ये तीनों मिलकर परिवार के लिए सुरक्षा और समृद्धि सुनिश्चित करते हैं। यहाँ “प्रसन्नता के साथ” कहना यह दर्शाता है कि काम का लक्ष्य सिर्फ औपचारिक संचालन नहीं, बल्कि दयालुता, उन्नति और स्वावलंबन है।
दो-तीन प्रमुख विषय
सम्बद्ध बाइबिल अंश (क्रॉस-रेफरेंसेस)
- अन्य स्थान जो समान गुणों को उजागर करते हैं: स्त्री की निष्ठा और दक्षता पर बल देते हैं: जैसे कि निर्माण-कार्य और घरेलू व्यवस्था में समर्पण (उद्धरण पूर्ण वचन नहीं; संदर्भ संकेत)।
- Ecclesiastes 9:10 और Proverbs 14:23—कठिन परिश्रम के सामाजिक और व्यक्तिगत लाभ का संकेत देते हैं।
नोट: यहाँ संक्षेपित क्रॉस-रेफरेंसेस विशिष्ट पदों के शब्द नहीं होते; पाठ में उनके अर्थ और संबंध समझाने के लिए दिए गए हैं।
व्यावहारिक विचार
यह श्लोक आधुनिक संदर्भ में भी घर के कार्यों की कीमत बताता है: छोटी-छोटी चीजों की योजना बनाकर—कुपोषण से बचाव, वित्तीय प्रबंधन, और घरेलू सुधार—इनमें मेहनत रंग लाती है।परिश्रम के साथ समस्या-समाधान और सतत-उन्नति की मानसिकता परिवार की स्थिरता के लिए अनिवार्य है।
सारांश
नीतिवचन 31:13 प्रकट करता है कि घरेलू कार्यों के लिए ऊन और सन जैसी साधनों को ढूँढ़ना, उन्हें कुशलता से उपयोग करना और प्रसन्न होकर काम करना, परिवार के कल्याण की मजबूत नींव बनाते हैं। यह केवल व्यावहारिक दक्षता नहीं, बल्कि आत्म-समर्पण और जिम्मेदारियों की समानता की शिक्षा है।
एहसान-चिन्ह
उक्त श्लोक के अनुसार, निष्ठावान और सक्षम गृहिणी परिवार के भीतर सुरक्षा, आशा तथा स्थिरता का मध्यस्थ होता है।