Old Testament
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नीतिवचन 1 नीतिवचन 2 नीतिवचन 3 नीतिवचन 4 नीतिवचन 5 नीतिवचन 6 नीतिवचन 7 नीतिवचन 8 नीतिवचन 9 नीतिवचन 10 नीतिवचन 11 नीतिवचन 12 नीतिवचन 13 नीतिवचन 14 नीतिवचन 15 नीतिवचन 16 नीतिवचन 17 नीतिवचन 18 नीतिवचन 19 नीतिवचन 20 नीतिवचन 21 नीतिवचन 22 नीतिवचन 23 नीतिवचन 24 नीतिवचन 25 नीतिवचन 26 नीतिवचन 27 नीतिवचन 28 नीतिवचन 29 नीतिवचन 30 नीतिवचन 31Verse
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नीतिवचन 31:23 का भावार्थ
कहावत का तात्पर्य है कि पत्नी का प्रतिष्ठित स्थान घर के बाहर नहीं, बल्कि समुदाय के सामने भी उसकी स्थिति में साक्षात सम्मान जुड़ा होता है—जब उसका पति सभामंडलीय पुरनियों के बीच सम्मानित बैठता है, तब उसका उपयोगिताओं और गरिमा की मान्यता परखते हुए उसका कुल मिलाकर सम्मान भी बढ़ता है।
पृष्ठभूमि एवं संदर्भ
नीतिवचन 31 अध्याय में अच्छाई के आदर्श महिला के चरित का चित्रण मिलता है। यहाँ पति सभा में न्यायिक और सामुदायिक जीवन के भीतर उसकी पत्नी की भूमिका गौरवपूर्ण ढंग से उभारी जाती है। यह एक सामाजिक संदर्भ है जहाँ परिवार और समाज की सम्मिलित गरिमा एक दूसरे से जुड़ी होती है।
व्याख्यात्मक अवलोकन
एक छोटा थीम-वार
अन्य संदर्भ पंक्तियाँ
यद्यपि सीधे उद्धरण नहीं दिए जा रहे, संदर्भ-आधारित विचार:
1) समुदायिक प्रतिष्ठा: अन्य पंक्तियाँ समानित रूप से दिखाती हैं कि घर की शिक्षा और व्यवहार से बाहर समाज में मान मिलता है।
2) पत्नी की भूमिका: दायित्व-पूर्ण जीवनशैली और परिवार की संयुक्त सुरक्षा का संकेत मिलता है।
3) परिवार-समाज का एकतत्त्व: वैवाहिक जीवन और सामाजिक जिम्मेदारी मिलकर चलती है।
पूर्व-प्रकाशित टिप्पणी से संकलित विचार
Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke की समान धारा से संकेत मिलता है कि इस आयत में घर के भीतर की गरिमा और बाहर की सम्मान-प्राप्ति एक ही चाबी से जुड़ी है—सत्य और नैतिकता से परिपूर्ण जीवन। Henry के भावार्थ में यह माना गया है कि पति के सम्मान के साथ पत्नी की दीर्घकालिक प्रतिष्ठा जुड़ी है; Barnes और Clarke भी इसे सामाजिक और पारिवारिक दायित्व के मिलन के रूप में देखते हैं।
संक्षिप्त क्रॉस-विवेक
व्यावहारिक निष्कर्ष
यदि आप एक पति या पत्नी हैं, तो पारिवारिक और सामाजिक प्रतिष्ठा तभी स्थिर रहती है जब जीवन-शैली में सत्य, प्रेम और सहायता वाला रवैया बना रहे। एक दूसरे के साथ साझा दायित्व, समाज के सामने जिम्मेदार भूमिका निभाने, और दूसरों के लिए अच्छी मिसाल बनने से घर की गरिमा बढ़ती है।