Old Testament
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नीतिवचन 1 नीतिवचन 2 नीतिवचन 3 नीतिवचन 4 नीतिवचन 5 नीतिवचन 6 नीतिवचन 7 नीतिवचन 8 नीतिवचन 9 नीतिवचन 10 नीतिवचन 11 नीतिवचन 12 नीतिवचन 13 नीतिवचन 14 नीतिवचन 15 नीतिवचन 16 नीतिवचन 17 नीतिवचन 18 नीतिवचन 19 नीतिवचन 20 नीतिवचन 21 नीतिवचन 22 नीतिवचन 23 नीतिवचन 24 नीतिवचन 25 नीतिवचन 26 नीतिवचन 27 नीतिवचन 28 नीतिवचन 29 नीतिवचन 30 नीतिवचन 31Verse
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मुख्य व्याख्या
नीतिवचन 31:16 में जो स्त्री वर्णित है, वह समझदार और कर्मठ है; वह योजनाबद्ध रूप से संपत्ति प्राप्त करती है और अपनी मेहनत से उपजाऊ दाख की बारी लगाती है। यह पद बुद्धिमत्ता, पहल और घरेलू तथा आर्थिक जिम्मेदारी का सम्मिलित चित्र प्रस्तुत करता है।
साहित्यिक संदर्भ
यह वचन "निपुण पत्नी" के चरित्र चित्र का हिस्सा है (नीतिवचन 31:10–31)। पूरे पद्यक्रम में यह स्त्री की विवेकशीलता और कर्मठता पर जोर देता है—वह घरेलू कर्तव्यों से परे सोचती है, संपत्ति का मोल-तौल कर निर्णय लेती है और कृषि-उद्यम में निवेश करती है। संदर्भ में यह पद उस स्त्री की सक्रिय भूमिका को दर्शाता है जो परिवार के भले के लिए स्रोत जुटाती और गुणी प्रबंधन करती है।
धार्मिक और नैतिक अर्थ
वचन तीन महत्वपूर्ण गुण दिखाता है: विवेक (सोच विचार), साहस/पहल (मोल लेना, निवेश करना) और परिश্রম (दाख की बारी लगाना)। धार्मिक दृष्टि से यह सुबोधता और श्रम को नैतिक गुण बताता है—परमेश्वर की दी हुई बुद्धि का उपयोग जीवन-व्यवस्था और परिवार की देखभाल में अनुकूल परिणाम लाता है। यह पद यह भी संकेत करता है कि धार्मिक भक्ति केवल आध्यात्मिक क्रियाओं तक सीमित नहीं रहती, बल्कि जीवन के व्यावहारिक पक्षों में बुद्धिमत्ता से किया गया काम भी ईश्वर-भक्ति का हिस्सा है।
संबंधित शास्त्रस्थल
पराविचार के प्रश्न
अपने जीवन और परिवार की व्यवस्था में आप किस तरह सोच-समझ कर फैसले लेते हैं? क्या आपके कार्यों में दीर्घकालिक निवेश और मेहनत का स्थान है? किस तरह आप अपनी बुद्धि और परिश्रम को धर्म-सम्बन्धी जीवन के साथ जोड़ सकते हैं?
छोटे उद्धरण (सारगर्भित संदर्भ)
मैथ्यू हेनरी के संक्षिप्त शब्दों का सार कहें तो—"न्याय और समझ से किया हुआ व्यवसाय सम्मानजनक है।" (संदर्भ: Matthew Henry)। अल्बर्ट बार्नेस ने संकेत किया है कि यह पद आत्म-निर्भरता और प्रबंधन का समर्थन करता है। एडम क्लार्क ने लिखा कि ऐसे कर्म बुद्धि और परिश्रम का संयुक्त फल हैं।
संक्षेप और एकीकृत व्याख्या
नीतिवचन 31:16 एक प्रेरक तस्वीर देता है: धार्मिकता और घरेलू कर्तव्य केवल passive नहीं हैं; वे बुद्धिमानी, योजनाबद्ध सोच और सक्रिय श्रम के द्वारा जीवंत होते हैं। यह पद हमें सिखाता है कि विवेकपूर्ण निर्णय और मेहनत दोनों आवश्यक हैं—एक जिम्मेदार व्यक्ति या परिवार किसी खेत (अर्थात् संसाधन) के भाव का विचार करता है, और मेहनत से उसे फलदायी बनाता है। इस दृष्टि से पद महिलाओं के बल, प्रबंधन-कौशल और धार्मिक जीवन के व्यावहारिक प्रयोग का उत्सव है।