नीतिवचन 19:19 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

जो बड़ा क्रोधी है, उसे दण्ड उठाने दे; क्योंकि यदि तू उसे बचाए, तो बारम्बार बचाना पड़ेगा।

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नीतिवचन 19:19 पद-दर-पद बाइबल टीका

नीतिवचन 19:19 का संदर्भ: क्रोधी व्यक्ति को दंड देना

यह पद समाज में क्रोध के प्रभाव और धैर्य की आवश्यकता को उभारता है। वचन-प्रामाणिकता बताती है कि जो व्यक्ति अत्यंत उग्र है, उसका दंड उठाने देना ही उचित है; क्योंकि यदि उसे बचाने का प्रयास बार-बार किया गया, तो वह बार-बार विकारित कर सकता है। यह एक व्यवहारिक नीति है जो परिवार, दोस्ती और समाज की स्थिरता के लिए आवश्यक समझी जाती है।

यहांश की 하나님-विश्वास और विश्वासयोग्यता

गहरा संदेश है कि परमेश्वर की बुद्धिमत्ता के अनुसार, अति क्रोध के स्थान पर संयम और दया को प्राथमिकता दी जाए। यदि हम क्रोधी व्यवहार के लिए त्वरित सहानुभूति दिखाते हैं, तो यह भीतरी शांति और समाजिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए ज़रूरी कदम है। यह शिक्षा विश्वास के साथ जुड़ी है कि परमेश्वर पोटेन्सी एवं नियंत्रण को मानते हैं, और मानव को भी उसी ढंग से संयमित रहने की प्रेरणा देते हैं ताकि दुष्कृत्यों से बचा जा सके।

महत्वपूर्ण शब्द और imagery की स्पष्ट व्याख्या

  • क्रोधी — तीव्रनिष्ठ, आवेशपूर्ण रैभाव जो विवेक पर हावी हो सकता है।
  • दण्ड उठाने देना — कार्रवाई करना, परख कर निर्णय लेना; यहाँ यह संकेत है कि क्रोधी स्थिति के प्रति निष्क्रिय रहने से भी सुरक्षा बनी रहती है।
  • बारम्बार बचाना पड़ेगा — यदि बार-बार हस्तक्षेप किया गया, तो बार-बार पुनः हस्तक्षेप की आवश्यकता होगी; इसका तात्पर्य है कि अवहेलना से समस्या और बढ़ती है।

related passages (cross-references) और उनका छोटा संकेत

ऊपर के विचार अन्य स्थानों में भी क्रोध और विकल्प-निर्णय के बारे में मार्गदर्शन देते हैं:

  • सभोपदेशक 7:9 — क्रोध के कारण बुद्धि को घबराहट में डालना उचित नहीं;
  • नीतिवचन 15:18 — जल्द क्रोध करना द्वेष उत्पन्न कर सकता है, पर संयत रहने से विवाद शांत होता है;
  • यशायाह 28:16 — विश्वसनीयitab संयम की महत्ता, जो विश्वास-रचना को मजबूत बनाता है।

आज के समय में अनुप्रयोग (present-day application)

परिवार के भीतर: बच्चों और बुजर्गों के बीच असहमति में चित्त शांत रखना सीखें; धैर्य से समाधान खोजें ताकि तकरार बढ़े नहीं।

कार्यस्थल पर: निर्णय लेते समय आवेश का प्रभाव घटाएं; किसी अनिर्णय की स्थिति में शांति से स्थिति को समझें और उचित मार्ग अपनाएं।

समाज में: हिंसा या अत्याचार के बजाय कानून और नियमों के अनुसार न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा रखना चाहिए।

एतिहासिक-प्रोफेशनल संकल्प (प्राचीन पंक्ति के एक-आधार से जुड़े संकेत)

इस सूत्र ने कई धारणाओं को संयमित रखने के लिए मार्गदर्शित किया है: क्रोध पर नियंत्रण रखना न केवल व्यक्तिगत शांति देता है, बल्कि सामाजिक स्थिरता भी बनाये रखता है।

संक्षेप में, यह वचन क्रोध के विरुद्ध संयम और विवेक की शिक्षा देता है—व्यक्ति और समाज दोनों के लिए लाभकारी।

NOTE: इस पंक्ति के लिए Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke से उपलब्ध संकलनों के शाब्दिक छोटे उद्धरण यदि मिलें, तो नीचे दिया जा सकता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

नीतिवचन 19:19 समानांतर पद और संबंधित वचन

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