Old Testament
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नीतिवचन 1 नीतिवचन 2 नीतिवचन 3 नीतिवचन 4 नीतिवचन 5 नीतिवचन 6 नीतिवचन 7 नीतिवचन 8 नीतिवचन 9 नीतिवचन 10 नीतिवचन 11 नीतिवचन 12 नीतिवचन 13 नीतिवचन 14 नीतिवचन 15 नीतिवचन 16 नीतिवचन 17 नीतिवचन 18 नीतिवचन 19 नीतिवचन 20 नीतिवचन 21 नीतिवचन 22 नीतिवचन 23 नीतिवचन 24 नीतिवचन 25 नीतिवचन 26 नीतिवचन 27 नीतिवचन 28 नीतिवचन 29 नीतिवचन 30 नीतिवचन 31Verse
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नीतिवचन 19:26 का संदर्भ में स्पष्टार्थ
यह पद नीतिवचन के warning-tons से जुड़ा है कि अपने परिवार के प्रति सम्मान और कर्तव्य कितने अहम हैं। जंगल की कठोर वास्तविकता यह है कि जो पुत्र अपने बाप को उजाड़ता है और अपनी माँ को भगा देता है, वह सामाजिक और नैतिक मानदंडों के विपरीत चलता है। लेखक स्पष्ट रूप से यह बताता है कि ऐसी अवज्ञा, लज्जा और अपमान का कारण बनती है, क्योंकि परिवार-जड़ें एक समाज की संरचना को स्थिर बनाती हैं।
मुख्य अर्थ (Central Meaning)
यह आयत पिता- माता के प्रति अवज्ञा और परायों की ओर झुकाव के दुष्परिणामों को दर्शाती है। बुनियादी मूल्य यह है कि परिवार के प्रति जिम्मेदारी न सिर्फ व्यक्तिगत व्यवहार है, बल्कि समाज की नैतिक निधि को भी सुरक्षित रखने वाला धागा है। पुत्र जो अपने बाप को छोड़ देता है और माँ को भगा देता है, उसे सामाजिक और आत्मिक अपमान का सामना करना पड़ता है; यह एक सच्चे जीवन-मार्ग से विचलन को इंगित करता है।
दो-तीन प्रमुख थीम
संबद्ध भाग संदर्भ (Cross-references) — संक्षेप में
व्यावहारिक अनुप्रयोग
आज के परिवारों में इस आयत से सीखी जा सकने वाली बात क्या है? बच्चों के साथ स्पष्ट संवाद, सीमा-निर्धारण और सम्मान की शिक्षा से एक सुरक्षित पारिवारिक वातावरण बन सकता है। माता-पिता की देखरेख और मार्गदर्शन को उचित मान्यता दें; गलत मार्ग पर चलने से पहले सलाह और माफ करने की इच्छा बनाएं। अगर किसी कारणवश परिवार में तनाव हो, तो सम्मान के साथ संवाद करना और समाज के नैतिक मानकों को प्राथमिकता देना आवश्यक है।
संक्षिप्त निष्कर्ष
नीतिवचन 19:26 हमें याद दिलाता है कि पुत्र की अवज्ञा और माता-पिता से दूरी संसार के नैतिक ढांचे को हिला देती है। सचेत रहने योग्य बात यह है कि परिवार के प्रति जिम्मेदारी और सम्मान व्यक्ति के चरित्र और समाज की गरिमा दोनों को संरक्षित रखते हैं।
अनुदेश-स्तर पर प्रसिद्ध विचार (संदर्भ-उद्धरण)
यहां विचारों को समेकित करते हुए, पारंपरिक हिन्दी-विश्वास में Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke जैसे पिता-हैंडबुक रचनाओं के संक्षिप्त संकेत मिलते हैं, जो परिवार-आचार और सामाजिक संरचना की अहमियत पर बल देते हैं।
उद्धरण-नोट: यह पंक्तियाँ आधुनिक पुनर्पाठ के लिए संकलित हैं; नीचे उपलब्ध या सार्वजनिक-डॉमेन commentary से संवेदी शब्दों को लिया गया है, किंतु पूर्ण पाठ उद्धरण नहीं दिया गया है।