Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीChapter
नीतिवचन 1 नीतिवचन 2 नीतिवचन 3 नीतिवचन 4 नीतिवचन 5 नीतिवचन 6 नीतिवचन 7 नीतिवचन 8 नीतिवचन 9 नीतिवचन 10 नीतिवचन 11 नीतिवचन 12 नीतिवचन 13 नीतिवचन 14 नीतिवचन 15 नीतिवचन 16 नीतिवचन 17 नीतिवचन 18 नीतिवचन 19 नीतिवचन 20 नीतिवचन 21 नीतिवचन 22 नीतिवचन 23 नीतिवचन 24 नीतिवचन 25 नीतिवचन 26 नीतिवचन 27 नीतिवचन 28 नीतिवचन 29 नीतिवचन 30 नीतिवचन 31Verse
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नीतियों 3:26 पर केंद्रित व्याख्या
मुख्य बिंदु: यहोवा आपका सहारा है और वह आपके पाँव को फंदे में फँसने नहीं देगा। इस वचन में परमेश्वर की सुरक्षा और मार्गदर्शन की योग्य सत्ता स्पष्ट है: विश्वासियों के लिए निरंतर सुरक्षा और पथ-प्रदर्शन का आश्वासन।
साहित्यिक संदर्भ ( literary context )
नीतिवचन पुस्तक में सारगर्भित शिक्षा दैनंदिन जीवन के सिद्धांतों को सरल, व्यावहारिक शब्दों में प्रस्तुत करती है। इस पद में माता-पिता तथा गुरुजन ज्ञान देते हैं कि कैसे विश्वासी जीवन में डर और अस्थिरता से बचा जाए। वाक्य संरचना में क्रमशः भरोसे और सुरक्षा का मिश्रण स्पष्ट है—पहचान: परमेश्वर के आशीर्वाद के साथ, जीवन के हर कदम पर विनम्रता और विवेक बनाए रखना।
धार्मिकार्थ और theological significance
यह वचन परमेश्वर की निरंतर देखरेख की पुष्टि करता है। “तुझे सहारा दिया करेगा” से संकेत मिलता है कि ईश्वर हमारा समर्थन बनकर रहते हैं जब हम भय या जोखिमपूर्ण स्थितियों का सामना करते हैं। “तेरे पाँव को फंदे में फँसने न देगा” ऐसे शत्रु या विपत्तियों के जाल से हमें बचाने की गारंटी है—पर इसका अर्थ यह नहीं कि जीवन में कभी कठिनाई न आयेगी, परंतु परमेश्वर हमारी सुरक्षा और बुद्धिमानी के मार्ग पर स्थिर रहते हैं।
क्रिस्टिनता के परिप्रेक्ष्य में संबंध / Cross-references
ये संबंध दिखाते हैं कि संकट में भी परमेश्वर की सुरक्षा एक सतत धारा है, भले ही परिस्थितियाँ विविध हों।
उद्धरण और संदर्भित विचार (Quotes) / सूचना
यदि आप होमेज है: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन विचारों से सुरक्षित सरंचनाएं मिलती हैं। नीचे संक्षेपित सार उनके टुकड़ों से निम्न रूप में समाहित किया गया है:
• “God will direct thy steps” — यह विचार Henry के विश्लेषण में ईश्वर के मार्गदर्शक सत्य को संबल बनाता है।
• “The Lord will keep thy foot from being entangled” — Barnes के अनुसार ईश्वर की सुरक्षा विवेकपूर्ण जीवन जीने में सहायता करती है।
• “He will not suffer thy foot to be taken” — Clarke की व्याख्या में सुरक्षा का यह भाग चरितार्थ होता है, जब विश्वासी भक्त अपने परमेश्वर पर भरोसा रखते हैं।
जीवंत आत्म-चिंतन के लिए प्रश्न (Reflective Questions)
संक्षेप निष्कर्ष
नीतिवचन 3:26 बताता है कि परमेश्वर विश्वासी के साथ सक्रिय सुरक्षा की व्यवस्था बनाते हैं—एक मार्गदर्शक पिता की तरह जो हर कदम पर सावधानी और सहायता देता है। विपत्तियों के जालों से घिरने की संभावना रहते हुए भी, परमेश्वर का साथ विश्वास को स्थिर और विवेकपूर्ण बनाता है। जीवन के रास्ते में ईश्वर की सहायता पर निर्भर रहना, भय और असुरक्षा से अधिक मजबूत विश्वास देता है।
सूत्रगत संदर्भ: नीतिवचन 3:26 (HINIRV)