Old Testament
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नीतिवचन 1 नीतिवचन 2 नीतिवचन 3 नीतिवचन 4 नीतिवचन 5 नीतिवचन 6 नीतिवचन 7 नीतिवचन 8 नीतिवचन 9 नीतिवचन 10 नीतिवचन 11 नीतिवचन 12 नीतिवचन 13 नीतिवचन 14 नीतिवचन 15 नीतिवचन 16 नीतिवचन 17 नीतिवचन 18 नीतिवचन 19 नीतिवचन 20 नीतिवचन 21 नीतिवचन 22 नीतिवचन 23 नीतिवचन 24 नीतिवचन 25 नीतिवचन 26 नीतिवचन 27 नीतिवचन 28 नीतिवचन 29 नीतिवचन 30 नीतिवचन 31Verse
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नीतिवचन 3:29 का सीधा अर्थ
जब तेरा पड़ोसी तेरे पास शांतचित्त रहता है, तब उसके विरुद्ध बुरी युक्ति न बाँधना। इस वचन में यह मुख्य संदेश है: पड़ोसी के साथ सद्भाव और सुरक्षा बनाए रखना चाहिए; किसी ऐसे कार्य में मलवगी नहीं करनी चाहिए जो उसकी शांति को भंग करे या उसे नुकसान दे।
पार्श्व-परिदृश्य (Contextual background)
नीतिवचन समूह में मित्र-मंडली, समाज-संस्कार और नैतिक आचरण के ठोस सिद्धांत दिए जाते हैं। यह पद विशेषकर समाज के भीतर विश्वास-आधार, करुणा और निष्पक्षता को बढ़ावा देता है. पड़ोस के साथ व्यवहार में यह मोहलेता, ईमानदारी और सम्मान की जगह है—ऐसे समय में जब ग़लतफहमी और कटुता फैल सकती है।
व्याख्या के मुख्य बिंदु
किताबी Cross-references (संक्षेप में) और उनके अर्थ
1) संदर्भ: नीतियों 11:9 — सत्य और सरलता से संबंध बनाए रखना पड़ोसी के साथ सुरक्षा प्रदान करता है; 10:12 — क्षमा और संयम से गलतफहमियाँ दूर होती हैं।
2) संदर्भ: यशायाह 1:17 — न्यायपूर्ण व्यवहार से समाज में स्थिरता आती है; 58:9 — परिश्रमपूर्वक न्याय और सत्य के साथ चलना ही शांति बनाता है।
3) संदर्भ: यूहन्ना 3:18 — भय नहीं, प्रेम से रहने वाला अपराध नहीं करता; प्रेम ही वास्तविक सुरक्षा है।
थीमैटिक सूची (संक्षेप)
सूचित व्याख्या (प्रेरक सार)
यह पद समाज-नैतिकता का एक छोटा लेकिन मजबूत नियम देता है: पड़ोस के साथ सम्मानजनक, ईमानदार और सुरक्षित संबंध; किसी भी प्रकार की शत्रुता या दुष्प्रेरणा न सोचना। यह न केवल व्यक्तिगत चरित्र का मापक है, बल्कि समुदाय की सामूहिक सुरक्षा और सौहार्द का आधार भी है।
संक्षिप्त Practical Takeaway
जब भी किसी व्यक्ति का परम मित्र या पड़ोसी शांत प्रतीत हो, तब भी दुर्भावनापूर्ण योजनाओं से दूर रहें; समस्या सामने आने पर निष्कपट dialog और कानूनी/सामाजिक मार्गों को अपनाएं ताकि रिश्ते टूटे नहीं और समाज सुरक्षित रहे।
हिंग्लो-विशेष उद्धरण (अनुमत स्रोत से मिलते प्रमुख सार)
यह भाग सीधे उद्धरण नहीं देता, पर प्रमुख पथ-निर्देश में मैं ऐतिहासिक टिप्पणीकारों की भावना को समाहित करता हूँ:
Matthew Henry के समान्नुसार: नैतिकता और प्रेम ही पड़ोसी के साथ स्थाई शांति की कुंजी है।
Albert Barnes के अनुसार: गलत योजना से बचना और सत्य के मार्ग पर चलना, सामाजिक अनुशासन को बल देता है।
Adam Clarke के अनुसार: चरित्र की सुदृढ़ता तभी बनती है जब हम पड़ोसियों के अधिकारों और शांतिपूर्ण जीवन का सम्मान करें।