भजन संहिता 135:5 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

मैं तो जानता हूँ कि यहोवा महान है, हमारा प्रभु सब देवताओं से ऊँचा है।

भजन संहिता 135:5 पद-दर-पद बाइबल टीका

भजन संहिता 135:5 का संदर्भ-विन्यास

यह पाठ भजन के आरम्भिक गीतों में है, जहाँ भक्त यहोवा की महानता और देवताओं पर प्रभुत्व पर खेत-खेत विचार करता है। यह उद्घोषणा है कि यथार्थ सत्ता, सच्चा ईश्वर, सब देवताओं से ऊँचा है।

ईश्वर और विश्वास के विषय में पाठ से मिलने वाले संकेत

यहोवा अपने आप में महान है, यह एक विवेकपूर्ण पुष्टि है कि सृष्टि के सर्वश्रेष्ठ से भी ऊँचा वही है। विश्वास में यह बताता है कि धार्मिक पथ पर सही देवता वही है जो सभी शक्तियों का स्रोत है, जबकि मनुष्य के बनाये हुए देवता-कल्पनाओं का स्तर निम्न है। इस पाठ से प्रेरणा मिलती है कि भक्ति और वफादारी एक ऐसी स्थिरता पर टिकती है: प्रभु की महानता में आश्रय और सुरक्षा।

मुख्य शब्दों और चित्रों की स्पष्ट व्याख्या

महान है से आशय यह है कि ईश्वर के गुण अपरिमित हैं—पर्वतों की ऊँचाइयाँ, ज्ञान की गहराई और करूणा की निरन्तरता एक साथ उसी में समाहित है। हमारा प्रभु शब्द से यह प्रेम-निष्ठा और भरोसे का संबंध दर्शाता है। देवताओं से ऊँचा का आशय यह है कि अन्य देवताओं के बराबर सत्ता का दावा एक कल्पना है; यथार्थ-पावन सत्ता सिर्फ एक ही है—यही वह ईश्वर है जिसकी कृपा और क्रिया इतिहास में प्रमाणित है।

Related passages (संकेत-ग्रंथ) और संक्षिप्त अर्थ

  • दाऊद की स्तुति: ईश्वर की सर्वोच्चता का विश्वास है कि बाँहों की शक्ति और दया उसी में है। संदर्भ: परस्पर संबद्ध भक्ति-संदेश—ईश्वर के ऊपर कोई नहीं।

नोट: नीचे दिये गए क्रॉस-रेफरेंसेस के प्रभाव यह दर्शाते हैं कि इतनी महिमा पथ-प्रवर्तन और स्मरण-योग्य स्मृति है।

2-3 चुने हुए क्रॉस-रेफरेंसेस के तात्पर्य

  • एक उद्धरण का संकेत: ईश्वर के एकत्व और महानता को प्रस्तुत करते हैं; यह पाठ भक्त को भरोसे और निर्भयता की राह दिखाते हैं।
  • दूसरे संकेत: सर्वशक्तिमान का निश्चय—कथा में उनकी महिमा हर जगह बनी रहती है, चाहे परिस्थितियाँ कैसी भी हों।

आज के संदर्भ में व्यावहारिक अनुप्रयोग

आज की चुनौतीपूर्ण जिन्दगी में यह पाठ हमें याद दिलाता है कि भक्ति और विश्वास एक आस्तीन के बंधन की तरह नहीं, बल्कि जीवन की स्थिर रीढ़ हैं। जब हम समस्याओं के बीच डर महसूस करें, तब यह प्रमाण हमारे भीतर उभरकर आता है कि ईश्वर महान है और सभी देवताओं से ऊपर है। अपनी चिंताओं को उच्चतम स्थान देकर प्रभु के महानत्व पर निर्भर रहें; पूजा में एकत्व, करुणा में निष्कलंक सेवा और न्याय में दृढ़ता बनाए रखें।

इस भाग के लिए प्रेरणा के सार के रूप में यह तीन बिंदु प्रस्तुत हैं:

  • ईश्वर की महानता को मानना और उसकी सर्वोच्च सत्ता पर विश्वास करना।
  • कठिन समय में यीशु-विश्वास के प्रति अडिग रहने की हिम्मत पाना।
  • दिन-प्रतिदिन के जीवन में परम-पवित्रता और अनुकम्पा के कार्य करना।

रचना-संदर्भ: यह पाठ यहूदी आस्था में एक स्पष्ट उद्घोष है कि “यहोवा महान है”—यही मूल संदेश है जो आशीष और प्रेरणा देता है।

सूक्ष्म उद्धरण शामिल: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के स्पष्ट शब्द-उद्धरण इस लेख में मौलिक रूप से नहीं दिए गए हैं; यदि उपलब्ध हों तो वे पंक्तियों में संक्षेप में उद्धृत होंगे।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

भजन संहिता 135:5 समानांतर पद और संबंधित वचन

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