भजन संहिता 35:7 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

क्योंकि अकारण उन्होंने मेरे लिये अपना जाल गड्ढे में बिछाया; अकारण ही उन्होंने मेरा प्राण लेने के लिये गड्ढा खोदा है।

भजन संहिता 35:7 पद-दर-पद बाइबल टीका

मुख्य व्याख्या बात

भजन संहिता 35:7 में कवि यह बताता है कि दुष्ट लोग उसकी हानि के लिए निर्गत नीयत से जाल और गड्ढे बनाते हैं, जबकि वह निर्दोष है। यह आशा व्यक्त करता है कि ईश्वर उनकी चाल का पर्दाफाश करेगा और निर्दोष को सुरक्षित रखेगा। यह अनुभूति हमारे भीतर यह विश्वास जगाती है कि भय के समय भी परमेश्वर हमारी रक्षा करता है और अन्याय के सामने न्याय के हाथ आगे बढ़ते हैं।

साहित्यिक संदर्भ

भजन 35 एक पूर्ण युद्ध-भजन है जिसमें कवि दुष्टों के विरुद्ध ईश्वर की सहायता मांगता है। इस पद में “अपनजाल” और “गड्ढा” की मुहावरेदार imagery है जो शत्रु की चालाकी और पक्षपाती हानि की योजना को प्रकट करती है। ऐसे संकेत धैर्य, विश्वास और ईश्वर के पक्ष में कर्मबद्धता की मांग करते हैं।

दर्शनीय theological significance

यह पद प्रत्यक्ष रूप से अन्याय के विरुद्ध ईश्वर की न्यायिक कार्रवाई की ओर इशारा करता है। कवि दिखाता है कि ग़लत योजना बनाने वाले अपने ही जाल में फँसेंगे और जो निर्दोष, भगवान की देखरेख में है, वह सुरक्षित रहेगा। यह दृश्य पवित्र आरोप-प्रत्यारोप के बजाय ईश्वर के न्याय के भरोसे को स्थिर करता है।

अन्य पाठों से संबंध (Cross-references)

  • नीतिवचनों 1:18 — पापकर्मों के आकर्षण और उनके दुष्परिणाम के बारे में। यह बताता है कि बुरे इरादे अक्सर अपने ही मार्ग में फंस जाते हैं, जैसे यहाँ जाल की imagery है।
  • यहोशू 23:10 — एक भी योद्धा के अधिकार से अधिक, ईश्वर की रक्षा पर विश्वास। यह दिखाता है कि परमेश्वर अपने चुने हुओं को सुरक्षा प्रदान करता है।
  • भजन संहिता 7:15-16 — शत्रु की योजना कैसे स्वयं उसे नष्ट कर देती है; इसे इस भजन के संकेत के साथ तुलना किया जा सकता है।

संयोगित अर्थ यह है कि अन्यायपूर्ण योजना चालक अपने ही जाल के भार से परास्त होते हैं, जबकि निर्दोष विश्वास के साथ स्थिर रहता है।

विचार-विमर्श के प्रश्न

  • मैं अपने जीवन में किन परिस्थितियों में ईश्वर की सुरक्षा को मानता/मानती हूँ?
  • किस प्रकार से किसी के प्रति अन्यायपूर्ण योजनाओं के सामने मैं धैर्य और ईमानदारी बनाए रख सकता/सकती हूँ?
  • कैसे देवत्व के नाम से मैं जाल-विरोधी आश्वासन को अपने daily decisions में अपनाऊँ?

संक्षिप्त निष्कर्ष

भजन 35:7 हमारे अन्दर यह विश्वास पैदा करता है कि निर्दोष के विरुद्ध की गई दुष्ट चालें ईश्वर की नजर से नहीं छिपतीं। परमेश्वर उन लोगों को पकड़ लेता है जो दूसरों पर अत्याचार करते हैं, और ईश्वर के भरोसे में रहने वाला व्यक्ति भय से मुक्त रहता है।

सीधे उद्धरण (public-domain commentators)

Matthew Henry के अनुसार: “He pleads his case with God, and leaves the event to God, who is a righteous Judge.”

Albert Barnes के अनुसार: “The evil which they designed against him would rebound upon themselves; God will expose their devices.”

Adam Clarke के अनुसार: “They dig a pit for others, and fall into it themselves; such is the nature of their stratagem.”

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

भजन संहिता 35:7 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

भजन संहिता 140:5 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 140:5 (HINIRV) »
घमण्डियों ने मेरे लिये फंदा और पासे लगाए, और पथ के किनारे जाल बिछाया है; उन्होंने मेरे लिये फंदे लगा रखे हैं। (सेला)

यूहन्ना 15:25 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
यूहन्ना 15:25 (HINIRV) »
और यह इसलिए हुआ, कि वह वचन पूरा हो, जो उनकी व्यवस्था में लिखा है, ‘उन्होंने मुझसे व्यर्थ बैर किया।’ (भज. 69:4, भज. 109:3)

अय्यूब 18:8 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
अय्यूब 18:8 (HINIRV) »
वह अपना ही पाँव जाल में फँसाएगा*, वह फंदों पर चलता है।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें