भजन संहिता 35:19 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

मेरे झूठ बोलनेवाले शत्रु मेरे विरुद्ध आनन्द न करने पाएँ, जो अकारण मेरे बैरी हैं, वे आपस में आँखों से इशारा न करने पाएँ। (यूह. 15:25, भज. 69:4)

भजन संहिता 35:19 पद-दर-पद बाइबल टीका

भजन संहिता 35:19 का महत्व और संदर्भ

यह पद एक ईश्वर-आधारित न्याय की मांग के साथ विवेकपूर्ण शुद्धि को रेखांकित करता है। दुष्टों के विरुद्ध संतुष्ट होने के बजाय, पवित्रतावादी विश्वासी अपने कठिन संघर्षों में भी सत्य और निष्कपट व्यवहार बनाए रखने का आग्रह करते हैं। भजनकर्ता अपनी पवित्रता को बनाए रखते हुए यह कहता है कि उनके झूठे शत्रु खुशी न पाएं और जो अकारण बैरी हैं, वे एक दूसरे की आँखों से संकेत भी न करें। यह एक शुद्ध और आत्म-नियमन की मांग है, जहाँ दुष्ट चालें और अनुचित बोल शत्रुत्व को और बढ़ाने का साधन बनते हैं, पर भक्त इन सबमें भी ईश्वर की न्यायसत्ता पर भरोसा बनाए रखते हैं।

पुस्तक-संदर्भ का मूल संदर्भ

यह भजन संकेत देता है कि विश्वासयोग्य अपने सत्य और धार्मिक प्रतिबद्धता के कारण झूठे आरोपों, ध्वंसकारी बोलचाल और शत्रुतावाद से प्रभावित होते हैं, परन्तु वे अपने आचरण में ईमानदारी और निर्भयता बनाए रखते हैं। भजनकर्ता यह भी कहता है कि जो लोग ईश्वर के साथ जुड़े रहते हैं, वे अकारण शत्रुताओं के बीच भी पारदर्शी और निष्कपट रहते हैं।

मुख्य संदेश

1) सत्य और मार्ग पर अडिगता: झूठे आरोपों के बावजूद ईश्वर से आश्रय लेते हुए सत्य पर टिके रहना।

2) निष्कपट शत्रु-व्यवहार की उम्मीद: बैरियों के साथ चलने वाले कुटिल इशारों पर रोक लगाना और उनका लाभ न उठाना।

3) ईश्वर-योजनाओं का भरोसा: बुराई के बीच भी परमेश्वर की न्यायप्रियता पर निर्भर रहना।

महत्वपूर्ण थीम्स और पारिवारिक सम्बन्ध

  • धर्मीय नैतिकता बनाम दुष्ट चालें: भजनकर्ता दुष्टों के चालों से डरता नहीं, बल्कि सत्यता और निष्पक्षता के साथ आगे बढ़ता है।
  • आत्मिक रक्षा: प्रार्थना और विश्वास से परे, ईश्वर की संरक्षण-क्षमता की आस्था।
  • समुदायिक सत्यता: यदि शत्रु आपसी संकेत से भी एक-दूसरे को धोखा देना चाहें, तो भजनकर्ता उन संकेतों से भी दूर रहने की चाह रखता है।

क्रॉस-रेफरेंसेज़ (संक्षेपित संदर्भ)

यूहन्ना 15:25—यह दर्शाता है कि दुश्मन भी अपराधी की तरह सत्य को नहीं टूटना चाहेंगे; भजनकर्ता इस सत्य को अंगीकार करता है।

भज 69:4—झूठे आरोप और ग़लत-बयानी के कारण苦ण का उल्लेख करता है; यह पदात्मक बनाम सत्य के संघर्ष को बढ़क करता है।

यशाय 41:11-12—ईश्वर के पक्ष में सत्य और न्याय की रक्षा का आश्वासन; शत्रु के हर इशारे का उत्तर ईश्वर देगा।

कैसे पढ़ें: वर्तमान जीवन में इसका अनुप्रयोग

हम अपने आचरण में ईमानदारी और स्वतंत्रता बनाए रखें, भले ही आलोचना या दबाव हो। न केवल अपने शब्दों पर विचार करें, बल्कि अपने इरादों और प्रतिक्रियाओं पर भी नियंत्रण रखें। अगर गलत अनुमान या झूठे आरोप लगते हैं, तो चुप रहकर भी अपने कदम सत्य के अनुरूप रखें और प्रार्थना के साथ समस्या का समाधान माँगें।

देवotional reflection

कभी-कभी विरोधी हमारी प्रतिष्ठा पर आघात करते हैं, परन्तु यह याद रखें कि ईश्वर हमारा न्यायी है। उनके शुक्रगुज़ार रहें कि सत्य के मार्ग पर चलना उन्हें पसंद है, भले ही यह रास्ता कठिन हो। अपने जीवन में छोटे-छोटे ईमानदार कर्मों से यह दिखाइए कि आप झूठ के रास्ते नहीं, बल्कि ईश्वर के सत्य के साथ चलना चाहते हैं।

सूक्ष्म उद्धरण (सारांशित): गत स्रोतों से उपलब्ध संपूर्ण उद्धरण नहीं

यदि आप Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के छोटे उद्धरण देखना चाहें, तो वे सामान्यतः सत्य पर अडिग रहने, शत्रुओं के दुष्कर्मों से निपटने की शहादत और ईश्वर की न्याय-शासन के पुनरावर्तन पर बल देते हैं। नीचे केवल सांकेतिक संकेत दिए जाते हैं:

— “Truth maintained, even when slander is loud.”

— “Suffer not the whisper to become a shout against the righteous.”

ये संकेत पाठकों को यह स्मरण दिलाते हैं कि शत्रु के तर्क से अधिक महत्वपूर्ण है सत्य का स्थायित्व और ईश्वर की न्यायपूर्ण योजना।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

भजन संहिता 35:19 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

भजन संहिता 69:4 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 69:4 (HINIRV) »
जो अकारण मेरे बैरी हैं, वे गिनती में मेरे सिर के बालों से अधिक हैं; मेरे विनाश करनेवाले जो व्यर्थ मेरे शत्रु हैं, वे सामर्थीं हैं, इसलिए जो मैंने लूटा नहीं वह भी मुझ को देना पड़ा। (यूह. 15:25, भजन 35:19)

भजन संहिता 13:4 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 13:4 (HINIRV) »
ऐसा न हो कि मेरा शत्रु कहे, “मैं उस पर प्रबल हो गया;” और ऐसा न हो कि जब मैं डगमगाने लगूँ तो मेरे शत्रु मगन हों।

भजन संहिता 38:19 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
भजन संहिता 38:19 (HINIRV) »
परन्तु मेरे शत्रु अनगिनत हैं, और मेरे बैरी बहुत हो गए हैं।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें