Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीरूत 4:17 बाइबल पद की व्याख्या
रूत 4:17 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और उसकी पड़ोसिनों ने यह कहकर, कि “नाओमी के एक बेटा उत्पन्न हुआ है”, लड़के का नाम ओबेद* रखा। यिशै का पिता और दाऊद का दादा वही हुआ। (मत्ती 1:6)
रूत 4:17 पद-दर-पद बाइबल टीका
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रूत 4:17 समानांतर पद और संबंधित वचन
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लूका 1:58 (HINIRV) »
उसके पड़ोसियों और कुटुम्बियों ने यह सुन कर, कि प्रभु ने उस पर बड़ी दया की है, उसके साथ आनन्दित हुए।
रूत 4:17 का व्याख्यात्मक बिंदु
इस पवित्र वचन पर मुख्य बोध यही है कि दयालु कृपा और विश्वासयोग्य प्रयास से बिछड़े लोगों के जीवन में नए उद्देश्य उभरते हैं। नाओमी के जीवन में दुख के बाद एक जीवंत आशा आती है जब उसके परिवार से नया जीवन—ओबेद—उत्पन्न होता है; यह राजा दाऊद तक के वंशावली का आरम्भिक संकेत देता है। यह वचन यह बताता है कि परमेश्वर अपने समय में आश्वासन देते हैं और दया से इतिहास को मोड़ते हैं।
कथात्मक संदर्भ (Literary context)
Rut के कथा-सार में, नाओमी और उसकी बहू रुथ के साथ विपदा के बीच दया और वफादारी की मिसाल मिलती है। इस verse में पड़ोसिनों की प्रतिक्रिया से एक सामाजिक और पारिवारिक परिवर्तन का संकेत मिलता है: नाओमी के घर में एक बेटा हुआ है, जो परिवार के पुनर्निर्माण का प्रतीक बनता है। यह प्रसंग ओबेद के जन्म के साथ दाऊद के कुल के इतिहास की पहली सीढ़ी बनता है।
विश्वास और परमेश्वर की योजना (Theological significance)
यह पद यह दर्शाता है कि परमेश्वर अपने लोगों के लिए समय पर प्रसन्नता और पुनःस्थापना डालते हैं, भले ही उनकी परिस्थिति अत्यंत कठिन क्यों न हो जाए। ओबेद का नाम, कुछ पंडितों के अनुसार, “भगवान की सेवा” या “किंगडम का पूर्वावलोकन” जैसा है, जो दाऊद के वंश के साथ मसीह के आगमन के प्रतीक का पूर्वअलार्मन भी माना गया है। यह कथा दिखाती है कि नाओमी के दुख में भी परमेश्वर का उद्देश्य सक्रिय है और वह स्मरणीय दयालुता से भरपूर है।
पवित्र ग्रंथों के साथ संबंध (Cross-references)
इन संदर्भों में से प्रत्येक यह संकेत देता है कि कठिन समय में भी परमेश्वर की योजना सक्रिय है और परिवार-वंश के माध्यम से वह इतिहास को दिशा देता है।
आत्म-स问 और विचार (Questions for reflection)
सार-कथन (Concluding synthesis)
Rut 4:17 यह साक्ष्य देता है कि दया और वफादारी का नया जीवन नहीं सिर्फ एक व्यक्तिगत सुख-सुविधा है, बल्कि कुल-वंश की संरचना और भविष्य की आशा से जुड़ा हुआ है। नाओमी के दुख के बीच ओबेद का जन्म एक नई प्रार्थना का उत्तर बनकर आता है—परमेश्वर अपने लोगों के लिए समय पर कृपा लाते हैं और इतिहास को उनके पक्ष में मोड़ते हैं।
उद्धृत टिप्पणीकार संकेत (यदि लागू):
Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke से सीधे शब्दों के छोटे उद्धरण नीचे दिए गए हैं (यदि उपलब्ध हों):
“The renown of the faithful remnant” (संक्षिप्त सार के लिए मात्र संकेत)