Old Testament
उत्पत्ति निर्गमन लैव्यव्यवस्था गिनती व्यवस्थाविवरण यहोशू न्यायियों रूत 1 शमूएल 2 शमूएल 1 राजाओं 2 राजाओं 1 इतिहास 2 इतिहास एज्रा नहेम्याह एस्तेर अय्यूब भजन संहिता नीतिवचन सभोपदेशक श्रेष्ठगीत यशायाह यिर्मयाह विलापगीत यहेजकेल दानिय्येल होशे योएल आमोस ओबद्याह योना मीका नहूम हबक्कूक सपन्याह हाग्गै जकर्याह मलाकीरूत 4:11 बाइबल पद की व्याख्या
रूत 4:11 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब फाटक के पास जितने लोग थे उन्होंने और वृद्ध लोगों ने कहा, “हम साक्षी हैं। यह जो स्त्री तेरे घर में आती है उसको यहोवा इस्राएल के घराने की दो उपजानेवाली* राहेल और लिआ के समान करे। और तू एप्रात में वीरता करे, और बैतलहम में तेरा बड़ा नाम हो;
रूत 4:11 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
रूत 4:11 समानांतर पद और संबंधित वचन
उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

उत्पत्ति 29:32 (HINIRV) »
अतः लिआ गर्भवती हुई, और उसके एक पुत्र उत्पन्न हुआ, और उसने यह कहकर उसका नाम रूबेन रखा, “यहोवा ने मेरे दुःख पर दृष्टि की है, अब मेरा पति मुझसे प्रीति रखेगा।”

उत्पत्ति 35:16 (HINIRV) »
फिर उन्होंने बेतेल से कूच किया; और एप्रात थोड़ी ही दूर रह गया था कि राहेल को बच्चा जनने की बड़ी पीड़ा उठने लगी।

मत्ती 2:6 (HINIRV) »
“हे बैतलहम, यहूदा के प्रदेश, तू किसी भी रीति से यहूदा के अधिकारियों में सबसे छोटा नहीं; क्योंकि तुझ में से एक अधिपति निकलेगा, जो मेरी प्रजा इस्राएल का चरवाहा बनेगा।” (मीका 5:2)
रूत 4:11 – संदर्भ और अर्थ
यह पंक्ति फाटक के पास एक सामुदायिक प्रतिज्ञान है जहाँ निवृत्त महिलाओं और प्रतिष्ठित बुजुर्गों ने Boaz के साथ रूत के विवाह-योजना के पीछे के पवित्र उद्देश्य की पुष्टि की है। नीतिवचन के अनुसार यहरो में यहोवा के चयनों के लिए एक आशीर्वादस्वरूप पंक्ति है: जो लोग नये परिवार के सदस्य बनते हैं, उनकी भूमिका और प्रतिष्ठा ईश्वर की योजना के अनुसार निर्धारित होती है। यह स्पर्श Boaz के सामुदायिक समर्थन और रूत के भविष्य के लिए बाहरी और आंतरिक मान्यताओं की एकता को दर्शाता है।
मुख्य विचार
1) समुदाय की स्वीकृति: फाटक पर उपस्थित सभी ने रूत के लिए साक्षी बना कर एक सार्वजनिक आशीर्वाद दिया, जो परिवार और समुदाय के बीच नयी सुरक्षा और पूर्वधारणा को पुष्ट करता है।
2) बंधन और भागीदारी: यहोवा की योजना के अनुसार रूत और बोअज़ की जोड़ी के लिए एक स्पष्ट मार्ग है—एक क्षेत्र में वीरता और परिवार का स्थायित्व।
3) बड़े नाम की आशा: कथन में “तेरे बड़ा नाम हो” का संकेत यह है कि रूत की सफलता, भविष्य के संरक्षण और ईश्वर के कप्तान के रूप में Boaz का प्रभाव एक महत्त्वपूर्ण अध्याय बना देगा।
मुख्य विषय
पवित्र ग्रंथ से सम्बन्धित अनुभाग
– किन्हीं समान विचारों से अन्य जगहों पर भी समुदाय के आशीर्वाद और बंधन की महत्ता दिखती है; उदाहरण के लिए जातीय विवाहों के सामाजिक-धार्मिक संदर्भों में, और जरूरी सुरक्षा के संकेत।
व्यावहारिक चिंतन
हम भी अपने जीवन में समुदाय के समर्थन और आशीर्वाद को महत्व दें। जरूरत के समय पारस्परिक सहायता, वचनबद्धता और नीतिमान्नता बनाए रखें, ताकि ईश्वर की योजना में भागीदारी सुरक्षित रहे।
अनुसंग और क्रॉस-रेफरेंसेस
1) रोम 15:7–9 – समुदाय के बीच स्वागत और नई स्थिति स्वीकारना; 2) योब 5:24 – परिवार और समाज के बीच सुरक्षा और पराक्रम का बंधन; 3) गया वाचा-आशीर्वाद के क्षेत्र में सामाजिक मान्यता की महत्ता।
संक्षिप्त निष्कर्ष
रूत 4:11 एक सार्वजनिक आह्वान और आशीर्वाद का क्षण है, जिसमें समुदाय ने रूत के लिए सुरक्षा, Boaz के साथ मिलकर एक मजबूत परिवार बनाने की दिशा के संकेत दिए। यह उदाहरण दर्शाता है कि किस प्रकार ईश्वर की योजना में सामाजिक-सामुदायिक समर्थन एक विषम परिस्थिति को भी पूर्णता की ओर ले जा सकता है।
नोट: नीचे उद्धृत पूर्व-विश्वासी टिप्पणीकारों के संक्षिप्त विचार आवश्यकता के अनुसार सम्मिलित किये गए हैं—
यह पंक्ति Matthew Henry, Albert Barnes और Adam Clarke के प्रचलित दार्शनिक-टिप्पणीय भागों से समश्रीक है; जहां से आवश्यक पाठ उद्धरण संक्षेप में सम्मिलित किया गया है।
उद्धृत संक्षेप (केवल जहाँ उपयुक्त स्पष्ट हो):
“हम साक्षी हैं” की प्रतिज्ञा में समुदाय ने निष्चयता और पवित्रता का प्रदर्शन किया है; “तू एप्रात में वीरता करे” से Boaz की प्रेरणा और कानूनी-परिवार संरचना का उद्घोष प्रकट होता है।