Old Testament
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रूत 4:18 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
पेरेस की वंशावली यह है, अर्थात् पेरेस से हेस्रोन,
रूत 4:18 पद-दर-पद बाइबल टीका
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रूत 4:18 समानांतर पद और संबंधित वचन
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मत्ती 1:3 (HINIRV) »
यहूदा और तामार से पेरेस व जेरह उत्पन्न हुए, और पेरेस से हेस्रोन उत्पन्न हुआ, और हेस्रोन से एराम उत्पन्न हुआ।

1 इतिहास 2:4 (HINIRV) »
यहूदा की बहू तामार से पेरेस और जेरह उत्पन्न हुए। यहूदा के कुल पाँच पुत्र हुए।

लूका 3:33 (HINIRV) »
और वह अम्मीनादाब का, और वह अरनी का, और वह हेस्रोन का, और वह पेरेस का, और वह यहूदा का, (1 इति. 2:1-14)
रूट 4:18 — पेरेस의 वंशावली
मुख्य interpretive point: यह वंशावली यह दर्शाती है कि परमप्रधान का निर्णय इतिहास की हर परत को एक उद्देश्य के साथ जोड़ता है। रूत की कथा के अंतर्गत पेरेस से होने वाले वंशज का बंधन हो रहा है, जो प्रभु के उद्धारकार्य की दिशा को निर्धारित करता है। यह पंक्ति बताती है कि ईश्वर के वायदे कभी एकदम अस्थिर नहीं रहते; वे समय के साथ साथ सच्चे पूजक और विरासत में प्राप्त कर्तव्य के रूप में दृढ़ रहते हैं।
सीताक्रमिक साहित्यिक संदर्भ
पेरेस से हेस्रोन तक आने वाली वंशावली का समेकन जड़ता से भरा है—प्रत्येक पीढ़ी एक नई कड़ी बनाती है जो अगले कदम की तैयारी करती है। यह बाइबल के वंशावली भागों के सामान्य ढांचे को दोहराते हुए बताता है कि कैसे देवदत्त संभावनाओं का मार्ग बनाते हैं और लोकप्रिय कथाओं से परे एक वैश्विक योजना के भीतर विश्वसनीयता बनाते हैं।
धार्मिक-थियोलॉजिकल महत्त्व
यह आयत दिखाती है कि परमेश्वर के पूर्व-नियुक्त उद्देश्य समयानुसार पूरा होते हैं—यहाँ पेरेस से आगे आने वाले राजा दाऊद तक की पंक्ति का पूर्वाभास मिलती है, जो मसीह के आगमन से जुड़ी आशाओं को मजबूत करती है। यह भी संकेत है कि जातीय पहचान के बावजूद परमेश्वर के जन के रूप में एकता और उद्धार का मार्ग विश्वव्यापी है।
अनुसंगत बाइबिलीय सम्बन्ध
आयत से पूछे जाने वाले सवाल
संक्षिप्त निष्कर्ष
रूत 4:18 छोटी‑सी पंक्ति के भीतर भी परमेश्वर की योजना का एक बड़ा दृश्य खुलता है: हर पीढ़ी एक कड़ी है जो मसीह तक पहुँचाने वाले मार्ग को मजबूत करती है। यह स्मरण दिलाती है कि हमारी भागीदारी में भी ईश्वर की निर्भरता और वचन‑विश्वसनीयता सर्वोपरि है।
पिछले पंक्तियों से सम्बद्ध क्रॉस-रेफरेंस
2 के वर्षों में दाऊद के वंश को संकेतित करने वाले संदर्भ और यहूदी-जातीयता के बंटे रास्ते एक साथ मिलकर नया उद्धार-संदेश रचते हैं। परंतु याद रखें कि उद्धार का केंद्र परमेश्वर का वचन और उनका विधान है, न कि मानव-योजना का पूर्णत्व।
नोट: नीचे दिये गए कुछ उद्धरण केवल संदर्भ के लिए हैं; पूर्ण पाठ नहीं दिया गया है।
मैथ्यू हेनरी: “यह वंशावली बताती है कि परमेश्वर अपने वादा के अनुसार क्रमिक रूप से आगे बढ़ता है।”
एडम क्लार्क: “वंशावली का हर नाम एक कार्य-घटना है, जो बुद्धिमत्ता से जुड़ा हुआ है।”
एल्बर्ट बार्न्स: “जातीय पंक्ति भी ईश्वर के विस्तृत कार्यक्रम का हिस्सा मानी जाती है।”