Old Testament
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1 राजाओं 5:15 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
सुलैमान के सत्तर हजार बोझ ढोनेवाले और पहाड़ पर अस्सी हजार वृक्ष काटनेवाले और पत्थर निकालनेवाले थे।
1 राजाओं 5:15 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 राजाओं 5:15 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 इतिहास 2:17 (HINIRV) »
तब सुलैमान ने इस्राएली देश के सब परदेशियों* की गिनती ली, यह उस गिनती के बाद हुई जो उसके पिता दाऊद ने ली थी; और वे एक लाख तिरपन हजार छः सौ पुरुष निकले।

2 इतिहास 8:7 (HINIRV) »
हित्तियों, एमोरियों, परिज्जियों, हिव्वियों और यबूसियों के बचे हुए लोग जो इस्राएल के न थे,

सारांश दृश्य: सुलैमान की महिमा और कार्यभार
यह पद 1 राजाओं 5:15 में सुलैमन के राज्य की विशाल योजनाओं का परिचय देता है। प्रभु ने उसकी बुद्धिमानी तथा सामर्थ्य के साथ देश की निर्माण-योजना को मजबूत किया था, ताकि मंदिर और राजधानी के लिए आवश्यक भारी मानव-श्रम जुट सके। यह विवरण दिखाता है कि परमेश्वर के उद्देश्य में मानवीय परिश्रम कितना अविभाज्य है; परन्तु यह भी संकेत देता है कि जब काम कठिन और बहु-आयामी हो, तो सामाजिक-आर्थिक ढाँचे के साथ नैतिक दृष्टिकोण और उद्धारक उद्देश्य आवश्यक रहते हैं।
पद का पाठ और उसका संदर्भ
पद: “सुलैमान के सत्तर हजार बोझ ढोनेवाले और पहाड़ पर अस्सी हजार वृक्ष काटनेवाले और पत्थर निकालनेवाले थे।” (HINIRV)
यह बातें कुल आधिकारिक कार्यबल की विशालता को दर्शाती हैं: बोझ ढोनेवाले, वृक्ष काटनेवाले, पत्थर निकालनेवाले—तीनों मिलकर निर्माण-कार्य की ज़रूरतों को पूरा करते थे। यह क्रम राजा के निर्माण-योजनाओं की गतिशीलता और संसाधनों की विविधता को संकेत करता है।
मुख्य आध्यात्मिक पाठ
1) प्रभु की योजना में मानव संसाधन का विभाजन और संगठन। यह दिखाता है कि परमेश्वर अपने उद्देश्य को पूरा कराने के लिए विविध प्रतिभाओं और कौशल का प्रयोग कैसे करते हैं।
2) शक्ति और कर्तव्य का संतुलन। राजसी योजना में श्रम की बहुलता है, परन्तु प्रभु का उद्देश्य श्रम-प्रधानता से भी ऊँचा है—विद्यालय, मंदिर और समुदाय की स्थायित्व।
3) धैर्य और नीति से आगे बढ़ते हुए, एक समाज को एकत्र रखने वाला नेतृत्व आवश्यक है। ऐसे निर्माण-कार्य के लिए योजना, अनुशासन और न्यायपूर्ण व्यवहार जरूरी रहते हैं।
अनुसंग महाराजा (Cross-references)
इन संदर्भों के बिना अध्याय की निर्माण-योजना एकांत नहीं रहती; सामाजिक-आर्थिक ढांचे और धार्मिक कर्तव्य एक साथ चलते हैं, ताकि केन्द्रीय मंदिर का निर्माण एकता के साथ हो सके।
आचरण में लागू करने योग्य विचार
संश्लेषण: एक unified निष्कर्ष
यह छोटा विवरण सुलैमान के राज-कार्य की शुरुआती चरणों की ताकत बताता है: बहुजन शिल्पकारों, वृक्ष-तोड़ने वालों और पत्थर-निकालने वालों का संयुक्त प्रयास Temple के लिए आवश्यक संसाधनों की पूर्ति करता है। साथ ही यह याद दिलाता है कि परमेश्वर के उद्देश्य में मानव-योगदान की भूमिका महत्वपूर्ण है, और यह कि सही नेतृत्व, साझा दायित्व और धार्मिक उद्देश्य एक साथ चलते हैं ताकि निर्माण-कार्य जीवन्त और नैतिक हो।