Old Testament
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1 राजाओं 5:8 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
तब हीराम ने सुलैमान के पास यह सन्देश भेजा, “जो तूने मेरे पास कहला भेजा है वह मेरी समझ में आ गया, देवदार और सनोवर की लकड़ी के विषय जो कुछ तू चाहे, वही मैं करूँगा।
1 राजाओं 5:8 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 राजाओं 5:8 समानांतर पद और संबंधित वचन
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2 शमूएल 6:5 (HINIRV) »
दाऊद और इस्राएल का समस्त घराना यहोवा के आगे सनोवर की लकड़ी के बने हुए सब प्रकार के बाजे और वीणा, सारंगियाँ, डफ, डमरू, झाँझ बजाते रहे।

1 राजाओं 6:15 (HINIRV) »
उसने भवन की दीवारों पर भीतर की ओर देवदार की तख्ताबंदी की; और भवन के फ़र्श से छत तक दीवारों पर भीतर की ओर लकड़ी की तख्ताबंदी की, और भवन के फ़र्श को उसने सनोवर के तख्तो से बनाया।

1 राजाओं 6:34 (HINIRV) »
दोनों दरवाज़े सनोवर की लकड़ी के थे, जिनमें से एक दरवाज़े के दो पल्ले थे; और दूसरे दरवाज़े के दो पल्ले थे जो पलटकर दुहर जाते थे।
1 राजाओं 5:8 का संदेश और उसका भावार्थ
इस पद में सुलैमान के राज्य के निर्माण के लिए राजा हिर्बाम (तब हीराम) की कुटुंबीय और राजनीतिक-योजनाएं स्पष्ट हो जाती हैं। सुलैमान ने देवदार और सनोवर के प्रवेश के लिए सिद्ध रास्ते और सामग्री माँगी, और हीराम ने यह स्पष्ट किया कि जो कुछ भी मांगा गया है, उसे वह करेंगे। यह exchange दोनों राष्ट्रों के बीच समझौते, मित्रता और सामग्री-व्यवस्था के मजबूत आधार की प्रतीक है।
मुख्य विचार
यह verse समझाता है कि कब कौन-सी बहुमुखी साझेदारी एक राष्ट्र के विशाल निर्माण के लिए आवश्यक होती है। हीराम की प्रतिक्रिया दर्शाती है निष्काम सेवक-रिश्ता और विश्वसनीयता—जहाँ शक्ति और संसाधन दोनों पक्षों के लाभ के लिए मिलते हैं। साथ ही, यह घटना सुलैमान के शिखर-पथ पर परमेश्वर की योजना के साथ किस प्रकार जुड़ी है, यह भी संकेत करती है कि राजा का वास्तुकला मुक्त-आत्मा से नहीं, प्रभु-निर्देश और मानवीय समझौतों से संचालित है।
दो-तीन प्रमुख विषय
संबंधित पद
— 2 हका 5:1-5 में सुलैमान का पहला महत्त्वपूर्ण निर्माण और धार्मिक-आरोहण का क्रम;
— 2 शमूएल 7:5-11, जहाँ राजाओं के बीच व्यवहार और आशीर्वाद के संबंध उभरते हैं;
— 1 राजा 4:26, 7:37, जिनमें सामर्थ्यपूर्ण कारीगरों और सामग्री के वितरण का विस्तार है।
व्यावहारिक दृष्टिकोण
विराम-निर्णय और सहयोग की कला: बड़े निर्माण के लिए स्पष्ट संदेश, भरोसेमंद संपर्क, और उचित संसाधन-व्यवस्था ही सफलता का आधार बनते हैं। यह पाठ हमें याद दिलाता है कि बहुपक्षीय गठजोड़ से ही बड़े कार्य संभव होते हैं; साथ ही, परमेश्वर की योजना के अनुरूप काम करना महत्वपूर्ण है, ताकि नया निर्माण उसकी महिमा के लिए हो सके।
संक्षेप
इस verse में सुलैमान बनाम हीराम के बीच की रणनीतिक-समझौता-भाषाओं की झलक मिलती है, जो महत्त्वपूर्ण निर्माण-कार्य के लिए सहयोग की बेहतरीन मिसाल बनती है। यह दिखाता है कि संसाधन उपलब्धता, विश्वसनीय संवाद और राजनीति-योजना से एक राष्ट्र के सपनों को साकार किया जा सकता है—पर अंतिम प्रेरणा परमेश्वर की दिशा और कृपा से आती है।
क्रॉस-रेफरेंसेस और उनके संक्षिप्त अर्थ
— 2 हका 5:1-5: निर्माण के लिए सामंजस्य और धार्मिक-आयोजन के क्रम।
— 2 शमूएल 7:5-11: राजा के कार्य-कर्तव्य और परमेश्वर की आशीष का संबंध।
— 1 राजा 4:26, 7:37: उपकरण और कारीगरों की व्यवस्था, जो बड़े निर्माण के लिए आवश्यक हैं।
नोट: इस पंक्ति के भीतर Matthew Henry, Albert Barnes या Adam Clarke के किसी स्पष्ट उद्धरण उपलब्ध नहीं मिले; यदि आवश्यक समझा गया तो उनके स्पष्ट शब्दों को संक्षेप में हिंदी अनुवाद के साथ समाहित किया जाएगा।