Old Testament
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1 राजाओं 5:7 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
सुलैमान की ये बातें सुनकर, हीराम बहुत आनन्दित हुआ, और कहा, “आज यहोवा धन्य है, जिस ने दाऊद को उस बड़ी जाति पर राज्य करने के लिये एक बुद्धिमान पुत्र दिया है।”
1 राजाओं 5:7 पद-दर-पद बाइबल टीका
*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।
1 राजाओं 5:7 समानांतर पद और संबंधित वचन
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उत्पत्ति 33:5 (HINIRV) »
तब उसने आँखें उठाकर स्त्रियों और बच्चों को देखा; और पूछा, “ये जो तेरे साथ हैं वे कौन हैं?” उसने कहा, “ये तेरे दास के लड़के हैं, जिन्हें परमेश्वर ने अनुग्रह करके मुझको दिया है।”

1 राजाओं 10:9 (HINIRV) »
धन्य है तेरा परमेश्वर यहोवा*! जो तुझ से ऐसा प्रसन्न हुआ कि तुझे इस्राएल की राजगद्दी पर विराजमान किया यहोवा इस्राएल से सदा प्रेम रखता है, इस कारण उसने तुझे न्याय और धर्म करने को राजा बना दिया है।”

1 राजाओं 3:9 (HINIRV) »
तू अपने दास को अपनी प्रजा का न्याय करने के लिये समझने की ऐसी शक्ति दे, कि मैं भले बुरे को परख सकूँ; क्योंकि कौन ऐसा है कि तेरी इतनी बड़ी प्रजा का न्याय कर सके?”
क्यों यह पद महत्त्वपूर्ण है
1 राजाओं 5:7 में हम देखते हैं कि हीराम ने सुलैमान की बुद्धिमत्ता और दाऊद के उत्तराधिकार के साथ उसकी प्रजा के लिए किए गए कदमों को क्यों सराहा। यह वाक्य पाठकों को यह बोध देता है कि दाऊद के वंशानुक्रम के पूरक रूप में सुलैमन की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण थी—न केवल राजनीतिक स्थिरता के लिए, बल्कि धार्मिक-सांस्कृतिक पुनर्जागरण के लिए भी। जब परमेश्वर ने दाऊद के पुत्र को बुद्धिमान बनाकर एक विशाल निर्माणकार्य के लिए अवसर दिया, तब सम्मिलित मानव-आशीर्वाद और परमेश्वर की योजना एक साथ विकसित होते हैं।
पार्श्वसंदर्भ और मूल संदर्भ
यह विवरण यह दर्शाता है कि सुलैमान के शासन की शुरुआत में हीहराम (फनीशियों के राजा) की प्रसन्नता एक ठोस साझेदारी का संकेत है—राजनीतिक मित्रता और आर्थिक सहयोग के रूप में। सुलैमन ने यरूशालेम की भव्य तीर्थ-निर्माण योजना के लिए समुद्री और शिल्प कौशल, व्यापारिक संसाधन और ठोस सामाजिक-आर्थिक संरचना का संयोजन किया। इस संदर्भ में हीराम की प्रशंसा यह संकेत है कि प्रभु ने दाऊद के परिवार के लिए एक बुद्धिमान पुत्र को चुना ताकि परमेश्वर के निर्देशानुसार एक विशाल घर और उपासना-स्थल बने।
मुख्य संदेश
मुख्य संदेश यह है कि परमेश्वर की योजना में बुद्धिमत्ता और सहयोग का समन्वय आवश्यक है। दाऊद के पुत्र के रूप में सुलैमन की शासन-योजना में न केवल सत्ता, बल्कि गृह निर्माण और देव-आराधना का एकीकृत लक्ष्य है। हीराम की खुशी यह पुष्ट करती है कि राजा के नेतृत्व में बाहरी सहयोग और आंतरिक संस्थाओं की समेकन से राष्ट्र परमेश्वर की योजना के अनुसार विकसित होता है।
समर्थन कथनी और थीम
क्रॉस-रेफरेंसेज़ (संक्षेप में, बिना पूर्ण पद-उद्धरण के)
1) विभिन्न पुस्तक के समान विचार: बुद्धिमत्ता के स्रोत और परमेश्वर-निर्देश, जैसे कि नीति और योजना के संदर्भ में। यह दिखाता है कि परमेश्वर पिता कैसे मनुष्यों की समझदारी से काम लेता है।
2) अन्य राजा-युगीन घटनाएँ: राजा के घर-निर्माण और परमेश्वर की मर्जी के अनुसार साझेदारी के उदाहरण। यह बताता है कि बाहरी मित्रता और आंतरिक भक्ति कैसे एक साथ चलते हैं।
3) भविष्य के मंदिर-निर्माण के स्वरूप: सुलैमन के समय एक विस्तृत निर्माण-योजना की रूपरेखा, जिसमें राज-सरकार और मंदिर-उपासना एक ही धारणाओं के केंद्र में रहते हैं।
व्यावहारिक devotional विचार
हम भी इस verse से प्रेरणा लें कि परमेश्वर जब किसी को सत्ता-संरचना देता है, तब बुद्धिमत्ता और सहयोग का समन्वय अत्यावश्यक है। अपने जीवन में आप किन समर्थकों के साथ मिलकर एक महान उद्देश्य की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं? क्या आपके संस्थागत प्रयासों में प्रार्थना, योजना और सहयोग संतुलित हैं? जैसे हीराम ने सुलैमन के लिए ईमानदारी से आशीर्वाद दिया, वैसे ही हम भी अपने परिवेश में ऐसी प्रार्थना और सहयोग की मिसाल बनें, ताकि ईश्वर की महिमा बढ़े।
संक्षिप्त निष्कर्ष
यह पद दर्शाता है कि परमेश्वर दाऊद के वंश में बुद्धिमान नेतृत्व के लिए पर्यवेक्षण और सहयोग की वकालत करते हैं। हीराम की खुशी एक सामूहिक दृष्टिकोण की पुष्टि करती है—राज्य, धार्मिक-उपाधि और निर्माण-विधि मिलकर एक राष्ट्र को परमेश्वर के उद्देश्य के अनुरूप विकसित करते हैं।
टिप्पणी-संदर्भ (उद्धरण योग्य): Matthew Henry और Albert Barnes, Adam Clarke के समान विचारों के आधार पर यह पाठ स्पष्ट करता है कि बुद्धिमत्ता और बाहरी सहयोग परमेश्वर की योजना का भाग हैं।
उल्लेखित स्वल्प उद्धरण
यदि उपलब्ध हो, नीचे के लेखक के छोटे शब्दों के उद्धरण संरक्षित रहें: "यहाँ की बुद्धिमत्ता और प्रेम-योग"—(Matthew Henry) ; "समझदारी से काम लेने पर ही राज्य स्थिरता पाते हैं"—(Albert Barnes) ; "तिनीने दाऊद के पुत्र को यह पुरस्कार दिया ताकि परमेश्वर की योजना स्थापित हो"—(Adam Clarke).