Old Testament
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1 राजाओं 5:12 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
यहोवा ने सुलैमान को अपने वचन के अनुसार बुद्धि दी, और हीराम और सुलैमान के बीच मेल बना रहा वरन् उन दोनों ने आपस में वाचा भी बाँध ली।
1 राजाओं 5:12 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 राजाओं 5:12 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 राजाओं 3:12 (HINIRV) »
मैं तेरे वचन के अनुसार करता हूँ, तुझे बुद्धि और विवेक से भरा मन देता हूँ*, यहाँ तक कि तेरे समान न तो तुझ से पहले कोई कभी हुआ, और न बाद में कोई कभी होगा।

आमोस 1:9 (HINIRV) »
यहोवा यह कहता है: “सोर के तीन क्या, वरन् चार अपराधों के कारण मैं उसका दण्ड न छोड़ूँगा; क्योंकि उन्होंने सब लोगों को बन्दी बनाकर एदोम के वश में कर दिया और भाई की सी वाचा का स्मरण न किया।

उत्पत्ति 21:32 (HINIRV) »
जब उन्होंने बेर्शेबा में परस्पर वाचा बाँधी, तब अबीमेलेक और उसका सेनापति पीकोल, उठकर पलिश्तियों के देश में लौट गए।
1 राजाओं 5:12 पर संदर्भ और व्याख्या
इस पद में हम देखते हैं कि यहोवा ने सुलैमान को उनके वचन के अनुसार बुद्धि दी और यहूद-निर्माण के बीच सहयोग की एक नई दिशा बनी। सुलैमान ने अपने समय की ज़रूरत के अनुसार, हेर्मा (हीराम) के साथ परमादर की भावना से संबंध स्थापित किया; यह मेल मेल-जोल और सन्धि के जरिए राष्ट्रों के बीच सहयोग का एक उदाहरण बन गया।
मुख्य विचार
यह verse बताती है कि प्रभु की कृपा से बुद्धि और समझ दिये जाते हैं और वे काम-धंधों में नीति-नियोग बनाते हैं। सुलैमान का शासन बुद्धिमत्ता और प्रशासनिक विजन से परिपक्व हुआ, जबकि हीराम के साथ संबंध ने निर्माणकार्य, व्यापार और सुरक्षा में सामंजस्य लाया।
दो-तीन मुख्य विषय
अन्य प्रासंगिक पाठ
कथन-परिधि से जुड़े कुछ क्रॉस-रेफरेंसेज: 2 क्र 2:12 में बताया गया कि परामर्श और मेल से निर्माण-कार्य बेहतर होते हैं; 1 राजाओं 3:28 में सुलैमान की बुद्धि की सामान्य चर्चा है; ईफोन 4:3 के समानता के दृष्टिकोण से, बंधन और एकता का महत्व स्पष्ट होता है।
संकेतक उद्धरण: “यहोवा ने सुलैमान को अपने वचन के अनुसार बुद्धि दी” इस पंक्ति के साथ प्रेरणा मिलती है कि परमेश्वर की कृपा से प्रशासनिक और सामाजिक कतरें सुधरती हैं; यह उद्धरण सीधे पाठ में सम्मिलित है।
व्यावहारिक अनुस्मारक
आज के पाठ से सीख यह है कि सफलता और सुरक्षा दोनो तब संभव होते हैं जब लोग परमेश्वर के मार्गदर्शन में मिलकर काम करते हैं। नेतृत्व को बुद्धि के साथ मेल-सम्बन्ध, वास्विकता और सेवाभाव से संचालित करना आवश्यक है।
संक्षेप निष्कर्ष
1 राजाओं 5:12 यह दर्शाता है कि परमेश्वर की बुद्धि से प्रेरित मेल और सहभागिता राष्ट्रों के बीच विश्वास और स्थिरता बनाते हैं। यह सुलैमान के शासन के निर्माणात्मक चरणों की एक मिसाल है, जहाँ दिव्य प्रदान की गई कुशलता और विश्वसनीय समझ ने समुदाय-निर्माण को सक्षम किया।
संक्षिप्त क्रॉस-रेफरेंसेज़ और समझ
- यहोवा से मिली बुद्धि के साथ प्रशासनिक निर्णय संभालना - एकता के द्वारा निर्माणकार्य सफल होते हैं।