Old Testament
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1 राजाओं 5:18 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
सुलैमान के कारीगरों और हीराम के कारीगरों और गबालियों ने उनको गढ़ा, और भवन के बनाने के लिये लकड़ी और पत्थर तैयार किए।
1 राजाओं 5:18 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 राजाओं 5:18 समानांतर पद और संबंधित वचन
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यहोशू 13:5 (HINIRV) »
फिर गबालियों का देश*, और सूर्योदय की ओर हेर्मोन पर्वत के नीचे के बालगाद से लेकर हमात की घाटी तक सारा लबानोन,

यहेजकेल 27:9 (HINIRV) »
तेरे कारीगर जोड़ाई करनेवाले गबल* नगर के पुरनिये और बुद्धिमान लोग थे; तुझमें व्यापार करने के लिये मल्लाहों समेत समुद्र पर के सब जहाज तुझमें आ गए थे। (प्रका. 18:19)

1 राजाओं 5:18 का संदर्भ और अर्थ
यह पद सुलैमान के भव्य भवन-कार्य के समय की व्यवस्था बताता है। वह राजा के रूप में नगर-निवासी और उन सभी कला-कारों के साथ था जो भवन निर्माण के लिये आवश्यक थे। सुलैमान ने हि-सराब, हीराम के कारीगरों और गबालियों की सहायता से भवन के लिए लकड़ी, पत्थर और अन्य आवश्यक पदार्थों की तैयारी करवाई। यह वाक्य दो मुख्य विचार दर्शाता है: एक समन्वित टीमवर्क से महान कार्य संभव है, और परमेश्वर के भवन-कार्य के लिये कुशलता और परिश्रम का प्रदर्शन प्रमुख होता है।
केंद्रीय अर्थ
इस verse में गढ़ना-तैयारी की गतिविधियाँ एक बड़े उद्देश्य के लिये हैं—हमारे प्रभु के घर का निर्माण। यह केवल भौतिक निर्माण नहीं है, बल्कि आध्यात्मिक समर्पण, योजना-बद्धता और कर्मठता का प्रमाण भी है। अलग-अलग समूहों के कलाकार, जैसे सुलैमान के कारीगर और गबालियों के कारीगर, सभी ने मिलकर एक उच्च उद्देश्य की सेवा की। इससे दिखता है कि परमेश्वर के कार्य में विविध प्रतिभाओं की सहभागिता से अधिकतम प्रभाव पैदा होता है।
मुख्य विषय
क्रॉस-रेफरेंसेस (संक्षेप में)
- अन्य प्रेरक स्थल: एक साथ काम करने से प्रकल्प सफल होता है (निकटवत समुदाय और विभिन टीम के सहयोग के उदाहरण)।
- परमेश्वर की योजना की पूरी तैयारी: किसी भी धार्मिक-संरचना में तैयारी और व्यवस्था आवश्यक तत्व माने जाते हैं।
- मंदिर के निर्माण की प्रतीकात्मकता: संरचनात्मक पथ-प्रदर्शक के रूप में यह दृश्य भी दर्शाता है कि ईश्वर की सेवा के लिए सब कुछ व्यवस्थित और समर्पित होना चाहिए।
व्यावहारिक चिंतन
हम अपने जीवन के निर्माण-कार्य में भी विभिन्न क्षमताओं और संसाधनों को जोड़ते हैं ताकि हमारे कार्य ईश्वर के उद्देश्य के अनुरूप हों। टीम-वर्क, स्पष्ट योजना और समर्पण से जटिल लक्ष्यों को भी संभव बनाया जा सकता है—चाहे वह परिवार-जीवन हो, रोजगार-कार्य हो या चर्च-कार्य।
संक्षिप्त समरी
1 राजियों 5:18 बताता है कि परमेश्वर के घर के निर्माण में विविध कौशलों की सहभागिता कितनी आवश्यक है। यह न केवल निर्माण का दृश्य प्रस्तुत करता है, बल्कि समर्पण, व्यवस्थित योजना और एकता के शक्तिशाली संदेश को भी उजागर करता है।
पूर्ववत संदर्भ: 2 समानांतर घटनाओं में भी समुदाय की एकजुटता और Prepare के महत्व पर जोर दिया गया है; मंदिर-निर्माण के संदर्भ में यह दर्शाता है कि प्रभु की सेवा में हर गतिविधि का उद्देश्य पवित्रता और भक्ति बनाये रखना है।