Old Testament
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1 राजाओं 5:14 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका
और उन्हें लबानोन पहाड़ पर बारी-बारी करके, महीने-महीने दस हजार भेज दिया करता था और एक महीना वे लबानोन पर, और दो महीने घर पर रहा करते थे; और बेगारियों के ऊपर अदोनीराम ठहराया गया।
1 राजाओं 5:14 पद-दर-पद बाइबल टीका
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1 राजाओं 5:14 समानांतर पद और संबंधित वचन
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1 राजाओं 4:6 (HINIRV) »
अहीशार राजपरिवार के ऊपर था, और अब्दा का पुत्र अदोनीराम बेगारों के ऊपर मुखिया था।

1 इतिहास 27:1 (HINIRV) »
इस्राएलियों की गिनती, अर्थात् पितरों के घरानों के मुख्य-मुख्य पुरुषों और सहस्त्रपतियों और शतपतियों और उनके सरदारों की गिनती जो वर्ष भर के महीने-महीने उपस्थित होने और छुट्टी पानेवाले दलों के थे और सब विषयों में राजा की सेवा टहल करते थे, एक-एक दल में चौबीस हजार थे।
1 राजा 5:14 — एक पार्श्व-स्थापना और वरदान की व्यवस्था
संकेतित पाठ 1 राजाओं 5:14 में शलमौन के समय के कार्य-व्यवस्था का एक छोटा-सा विवरण प्रस्तुत करता है: बारी-बारी से लोग लबानोन पर्वत से लकड़ी लाते थे, प्रत्येक महीने दस हजार लोग भेजे जाते थे; एक महीना वे लबानोन पर रहते, और दो महीने घर लौटते थे; और बेगारियों के ऊपर अदोनीराम नामक अधिकारी ठहराया गया। यह खाके राज्य के निर्माण के लिए आवश्यक संसाधनों के कुशल प्रबंध का एक दृष्टांत है, जहाँ परमेश्वर के राज्य के निर्माण के लिए संगठन, निष्ठा और श्रम की संगति दिखती है।
पवित्रता और विश्वास की दृष्टि में पाठ का क्या उजागर करता है
यह आयत एक बड़े धार्मिक-राजनैतिक कार्य का हिस्सा है: एक समृद्ध और स्थिर संरचना के लिए आवश्यक कारीगर, आपूर्ति और प्रशासन एक साथ मिलकर चलते हैं। परमेश्वर के आत्म-संबंधित आशीर्वाद से समर्थित राज्य-निर्माण में मानव संसाधन और निर्भरता का संतुलन आवश्यक है। यह दिखाता है कि ईश्वर का काम प्रयोजन-सूचित संगठन, निरंतरता और आदेश के बिना नहीं संपन्न होता।
शब्दों और चित्रों की स्पष्टता
अनुरूप क्रॉस-रेफरेंसेज़
कई प्रत्यक्ष उत्तरदायित्वों के साथ ऐसी व्यवस्थाओं के पीछे परमेश्वर की योजना स्पष्ट होती है:
वर्तमान-जीवन पर लागू बात
आज के संदर्भ में यह पद हमें यह सिखाता है कि जो भी परमेश्वर के कार्य से जुड़े कार्य होते हैं, उनके लिए स्पष्ट योजना, समय-सारिणी और न्यायसंगत नेतृत्व आवश्यक है। घर के भीतर और समुदाय के बीच साझा लक्ष्य के लिए नियमित, सुरक्षित तथा पारदर्शी व्यवस्था का निर्माण करना चाहिए। जो लोग किसी विशेष दायित्व में चुने जाते हैं, उन्हें भी सतर्कता, इमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्य निभाने चाहिए।
संक्षिप्त समरी
इस verses से यह ज्ञात होता है कि प्रभु के कार्यों के लिए सामूहिक प्रयास और सुव्यवस्थित प्रशासन आवश्यक है। लकड़ी के लाने, सुरक्षा और समय-निर्धारण की प्रक्रिया जैसे छोटे-छोटे नियम बड़े निर्माण-कार्य को संभव बनाते हैं। भूमिका-निर्भरता और न्यायपूर्ण नेतृत्व से ही परमेश्वर के उद्देश्य की पूर्ति संभव हो पाती है।
पूर्व-आधार उद्धरण संकेत: Matthew Henry, Albert Barnes, Adam Clarke के सार्वजनिक-डोमेन टिप्पणीकारों के विचारों से मिली सामान्य धारणाओं को समेकित किया गया है; इनमें से “इनके विशिष्ट शब्द-उद्धरण” नीचे उद्धृत नहीं हैं, परंतु विचार-योजनाएं उनके समान व्याख्या-प्रणालियों की प्रेरणा से समर्थित हैं।
सूत्र-उद्धरण के संकेत
यदि आप विस्तृत दार्शनिक-विश्लेषण चाहें, तो पारखी टिप्पणीकार आम तौर पर निम्न विषयों पर एकजुट होते हैं: 1) राज्य-निर्माण हेतु योजना और संगठन की महत्ता; 2) प्रशासन में व्यक्ति-केन्द्रित नेतृत्व का स्थान; 3) परमेश्वर की आशीष का परिणामस्वरूप कार्यों का सफल होना।