1 शमूएल 25:21 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

दाऊद ने तो सोचा था, “मैंने जो जंगल में उसके सब माल की ऐसी रक्षा की कि उसका कुछ भी न खोया, यह निःसन्देह व्यर्थ हुआ; क्योंकि उसने भलाई के बदले मुझसे बुराई ही की है।

पिछला पद
« 1 शमूएल 25:20
अगला पद
1 शमूएल 25:22 »

1 शमूएल 25:21 पद-दर-पद बाइबल टीका

संदर्भ-सार — 1 शमूएल 25:21

इस पद में दाऊद अपने मन की व्यथा व्यक्त कर रहा है। वह जंगल में नाबाल की संपत्ति की रक्षा कर चुका है ताकि उसकी भेड़-बकरियाँ और चरागाह सुरक्षित रहें, परन्तु नाबाल ने उसे बुरा समझा और बेइज्जत किया। यह अभिव्यक्ति उस पीड़ा और आशंका को दर्शाती है कि दाऊद की भोली-भाली सेवा व्यर्थ चली गई और उसकी भलाई का प्रतिफल नकारात्मक मिला। आगे की घटनाएँ—अबिगैल का मध्यस्थ बनकर मामला सुलझाना—इसी भावभूमि पर निर्भर हैं।

मुख्य अर्थ

यह वचन दाऊद के अनुभव का संक्षेप है: उसने निःस्वार्थ सेवा की थी और उम्मीद की थी कि नाबाल और उसके जन इस सेवा का अच्छी नजर से सम्मान करेंगे। तब जब उसे अपमान मिला, तो दाऊद ने यह निष्कर्ष निकाला कि उसकी मेहनत व्यर्थ हो गई है और भलाई के बदले बुराई मिल रही है। यह मनोवैज्ञानिक झटका दिखाता है — अच्छे कर्म पर अनपेक्षित प्रतिकूलता का सामना।

केंद्रित विषय

  • निःस्वार्थ सेवा और अपेक्षा: दाऊद की सेवा बिना किसी स्वार्थ के थी, पर मनुष्य अक्सर प्रतिफल की आशा रखते हैं।
  • न्याय की अनुभूति: जब भलाई का बदला बुरा मिले तो मन में अन्याय और निराशा उपजती है; यह पद उस सचेत भाव का प्रदर्शन है।
  • प्रचार और मध्यस्थता की आवश्यकता: आगे की कथा बताती है कि व्यक्तिगत भावनाओं को संभालने के लिए बुद्धिमत्ता और शांत मध्यस्थता आवश्यक है।

संबंधित शास्त्रीय वचन

नीचे दायरे में रखकर कुछ सम्बन्धित स्थान दिए जा रहे हैं, जिनसे इस पद के भाव जुड़े मिलते हैं:

  • भजन संहिता 37:21 — दुष्टों की चाल और धर्मी की प्रतीक्षा के विषय में न्याय का आश्वासन, जो दाऊद की अस्थायी निराशा से विरोधाभास बनाता है।
  • नीतिवचन 25:21–22 — शत्रु को अच्छा करना तथा ईश्वर पर छोड़ देना; यह निर्देश दिखाता है कि व्यक्तिगत प्रतिशोध के बजाय उत्तर ईश्वर के हाथ में छोड़ना बुद्धिमत्ता है।
  • 1 शमूएल 25:23–31 — अबिगैल की बुद्धिमत्ता और मध्यस्थता; यह सीधे अगले भाग में दाऊद के क्रोध को टालकर शान्ति दिलाती है।

व्यावहारिक चिंतन

यह पद पाठक को दो प्रश्न पूछने पर प्रेरित करता है: जब मेरी भलाई का बदला बुरा मिले तो मैं कैसे प्रतिक्रिया करता/करती हूँ? और क्या मैं तत्काल निर्णय लेकर हिंसक या प्रतिशोधपूर्ण रास्ता चुन लेता/लेती हूँ? दाऊद की प्रतिक्रिया में क्रोध था, पर कहानी आगे बताती है कि बुद्धिमानी और मध्यस्थता (अबिगैल के माध्यम से) ने विनाश टाला। हम सीखते हैं कि भावनात्मक उत्तरदेही के बजाय विवेक और शांत समाधान बेहतर होते हैं।

न्यूनतम उद्धरण—पुरानी टीकाकारों से

मैथ्यू हेनरी ने लिखा है कि भलाई का बदला बुराई मिलने पर मन “भौंकने” जैसा कर उठता है और व्यक्ति को प्रतिशोध के लिए उकसाता है। अल्बर्ट बार्न्स ने इस स्थिति को समझाते हुए कहा कि दाऊद का अनुभव “मानव स्वभाव” का है—न्याय की चाहत और असंतोष का सम्मिलन। (उद्धरण संक्षेप में उपयुक्त स्थानों पर संदर्भित हैं।)

संक्षिप्त समापन

1 शमूएल 25:21 एक मानवीय प्रतिक्रिया का सच्चा चित्र प्रस्तुत करता है: निःस्वार्थ भलाई का बिना प्रत्याशा के उत्तर मिलने पर उद्वेग। परन्तु संपूर्ण प्रसंग दिखाता है कि व्यक्तिगत क्रोध विनाशकारी हो सकता है और विवेक, मध्यस्थता तथा ईश्वर पर भरोसा अधिक स्थायी समाधान देते हैं। यह पद हमें न केवल भावनाओं को पहचानने, बल्कि उन्हें नियंत्रित कर निर्माणात्मक मार्ग चुनने की प्रेरणा देता है।

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 शमूएल 25:21 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

नीतिवचन 17:13 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
नीतिवचन 17:13 (HINIRV) »
जो कोई भलाई के बदले में बुराई करे, उसके घर से बुराई दूर न होगी।

उत्पत्ति 44:4 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 44:4 (HINIRV) »
वे नगर से निकले ही थे, और दूर न जाने पाए थे कि यूसुफ ने अपने घर के अधिकारी से कहा, “उन मनुष्यों का पीछा कर, और उनको पाकर उनसे कह, 'तुमने भलाई के बदले बुराई क्यों की है?

1 शमूएल 25:13 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 25:13 (HINIRV) »
तब दाऊद ने अपने जनों से कहा, “अपनी-अपनी तलवार बाँध लो।” तब उन्होंने अपनी-अपनी तलवार बाँध ली; और दाऊद ने भी अपनी तलवार बाँध ली; और कोई चार सौ पुरुष दाऊद के पीछे-पीछे चले, और दो सौ सामान के पास रह गए।

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें