1 शमूएल 25:31 बाइबल पद का अर्थ और पद-दर-पद टीका

तब तुझे इस कारण पछताना न होगा, या मेरे प्रभु का हृदय पीड़ित न होगा कि तूने अकारण खून किया, और मेरे प्रभु ने अपना बदला आप लिया है। फिर जब यहोवा मेरे प्रभु से भलाई करे तब अपनी दासी को स्मरण करना।”

पिछला पद
« 1 शमूएल 25:30
अगला पद
1 शमूएल 25:32 »

1 शमूएल 25:31 पद-दर-पद बाइबल टीका

1 शमूएल 25:31 पर चर्चित टिप्पणी: प्रकट परिणाम और पाठ

यह वाक्य उस समय की कथा से उभरता है जब नबी हिननः के दामाद डोवेद की योजना भटकते-भटकते एक कठिन अनुभव से गुजरती है। शमूएल के पुत्र नवहू के पति अमालेक की हत्या की बुराई के बाद दुष्ट राजा दाविद ने एक अनुचित निर्णय लिया था; किन्तु इस वचन में यह बोध होता है कि जो कुछ भी भलाई के लिए घटेगा, परमेश्वर उसे भला ही करेगा, और वह व्यक्ति दया के साथ व्यवहार किया जाएगा जो अपने बुरे कर्मों के कारण पश्चात्ताप और सुधार की ओर अग्रसर हो। हिन्‍दु-भाषी पाठकों के लिए यह verse एक गूढ़ नैतिकता का संकेत देता है: अपराध के क्षण में भी दया और संयम से मार्ग बनना और परिणाम में ईश्वर की न्याय-व्यवस्था पर भरोसा रखना।

इस पद का मूल संदर्भ और परिप्रेक्ष्य

यह पंक्तियाँ डोवेद की आंतरिक परीक्षा का हिस्सा हैं, जब उसने निती और दायित्व के बीच असमंजस में निर्णय लिया। हिन्नी पुत्रियों के महत्वपूर्ण संदेशों में से एक यह है कि उद्देश्य कितना भी पवित्र हो, हिंसात्मक चयन से बचना चाहिए और यह माना जाना चाहिए कि परमेश्वर के निर्णय देर-सबेर स्पष्ट होते हैं। इस संदर्भ में दाविद ने अपने निर्णय की वजह से घातक परिणाम झेले, परन्तु वह भी यह सीखता है कि ईश्वर का न्याय सदा सत्य है और भलाई का अवसर अंततः सामने आता है।

मुख्य संदेश

  • भरोसा बनाकर रखना: जब तक ईश्वर आगे बढ़कर प्रतिफल न दें, तब भी वह नियंत्रण में है और भलाई ही होगी।
  • पश्चात्ताप और दया: जिन्हें अन्याय हुआ, वे भी अपने कदमों को सुधारें, ताकि दया के मार्ग खुलें।
  • आत्मिक सुरक्षा: अपने प्रभु के निर्णयों को मानना और दूसरे के प्रति संयम रखना उचित परिणामों को जन्म देता है।

प्रेरक थिंकट्स और क्रॉस-रेफरेंस

इन विचारों के साथ कुछ समकक्ष बाइबिल आयाम जोड़ते हैं जो इस प्रकार गहरे संबंध बनाते हैं:

  • उद्धार के मार्ग में दया की भूमिका: उत्पत्ति 50:20 के संदर्भ में यह स्पष्ट है कि परमेश्वर का उद्देश्य विपत्ति के पीछे उद्धार के संकेत देता है।
  • न्याय और करुणा का संतुलन: मत्ती 5:7—“करुणामय हैं वे, क्योंकि वे Mercy पाएंगे”—इस verse के साथ यह संदेश पुष्ट रहता है कि कठोर दंड के स्थान पर दया अधिक प्रभावी है।
  • उचित प्रतिफल के विश्वास: रोम 12:19 के अनुसार हमें खुद से प्रतिशोध लेने से बचना चाहिए; पवित्र कर्म की राह ईश्वर के हाथ में छोड़ दें।

विवेचनात्मक टिप्पणी: 3 अनुभागों में सार

– संदर्भगत सजगता: यह पंक्ति बताती है कि किसी के द्वारा किए गए गलत व्यवहार के बावजूद प्रत्युत्तर में संयम जरूरी है, ताकि ईश्वर के समय में भलाई सक्रिय हो सके।

– नैतिक विवेक: “तब तुझे इस कारण पछताना न होगा” का आशय यह है कि यदि हम दया और उचित निर्णय से चलते हैं, तो पछतावा घट जाएगा; अपराधी के दिल में भी सुध-बुध आ सकती है।

– ईश्वर की करुणा की दिशा: भलाई Tuhan के हाथ में है; हमारा कर्तव्य है उसे स्वीकारना और अपनी दासीवत स्मरण कराना—यानी दया के साथ भविष्य की राह देखना।

छोटी देवotional अनुभूति

जीवन में कभी-कभी सबसे कठिन निर्णय भी करुणा के साथ लिया जाए तो परिणाम परमेश्वर के अनुसार सुधरते हैं। जैसे दाविद ने शुरुआत में गलत रास्ता चुना, पर अंततः ईश्वर की योजना के अनुसार भीड़ की भलाई के लिए रास्ता मिला। यह हमें याद दिलाता है कि हर परिस्थिति में दया और सत्य के बीच संतुलन रखना चाहिए, ताकि हमारे कर्मों के कारण स्वर्गीय दयालुता प्रकाशमान हो।

संक्षेपित संदर्भ-रेफरेंस

– 2 शमूएल 24:24; 1 शमूएल 25:31 के साथ भावनात्मक संबंध बनाते हैं: भलाई के लिए प्रतीक्षा और न्याय का पालन।

कुल मिलाकर

यह verse हमें यह सिखाता है कि भय या क्रोध में लिया गया हल्का निर्णय भी अंततः ईश्वर के उद्देश्य में समाहित होता है। सही मार्ग पर चलना, दूसरों के प्रति दया दिखाना और परमेश्वर की योजना के अनुसार परिणाम की प्रतीक्षा करना—ये सभी मिलकर एक सुसंगत विश्वास की दिशा दिखाते हैं।

खास उद्धरण (केवल पहली बार प्रयुक्त):

“तब तुझे इस कारण पछताना न होगा, या मेरे प्रभु का हृदय पीड़ित न होगा कि तूने अकारण खून किया, और मेरे प्रभु ने अपना बदला आप लिया है।”

*** इस टीका में सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध कुछ प्राचीन और क्लासिक स्रोतों की सामग्री शामिल है। कुछ सामग्री को कृत्रिम बुद्धिमत्ता उपकरणों की सहायता से संसाधित, संक्षिप्त या अनुवादित किया गया हो सकता है। हर व्याख्या को बाइबल के पूरे पाठ और उसके संदर्भ के साथ अवश्य जाँचें। यदि आपको कोई त्रुटि या ऐसा अनुवाद मिले जिसे सुधारने की आवश्यकता हो, तो कृपया हमसे संपर्क करें।

1 शमूएल 25:31 समानांतर पद और संबंधित वचन

उन बाइबल पदों को देखें जो विषय, शिक्षा या संदर्भ के आधार पर इस अंश से जुड़े हैं। समानांतर पदों की तुलना करने से इस वचन के संदर्भ और संदेश को अधिक गहराई से समझने में सहायता मिलती है। किसी चित्र को चुनें और संबंधित पद, उसकी व्याख्या तथा पद-दर-पद बाइबल टीका देखें।

उत्पत्ति 40:14 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
उत्पत्ति 40:14 (HINIRV) »
अतः जब तेरा भला हो जाए तब मुझे स्मरण करना, और मुझ पर कृपा करके फ़िरौन से मेरी चर्चा चलाना, और इस घर से मुझे छुड़वा देना।

1 शमूएल 25:33 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 25:33 (HINIRV) »
और तेरा विवेक धन्य है, और तू आप भी धन्य है, कि तूने मुझे आज के दिन खून करने और अपना बदला आप लेने से रोक लिया है।

1 शमूएल 24:15 HINIRV संबंधित बाइबल पद का चित्र
1 शमूएल 24:15 (HINIRV) »
इसलिए यहोवा न्यायी होकर मेरा तेरा विचार करे, और विचार करके मेरा मुकद्दमा लड़े, और न्याय करके मुझे तेरे हाथ से बचाए।”

HINIRV बाइबल की पुस्तक चुनें